सुभाष चंद्रा, जवाहर गोयल, आरसी वेंकटेश, नम्रता जोशी, सलोनी शुक्ला, शैलेंद्र पाराशर, अजीत पमार, सिद्धार्थ यादव के बारे में सूचनाएं

डिश टीवी के चेयरमैन सुभाष चंद्रा ने इस्तीफा दे दिया है. उनकी जगह जवाहर गोयल लेंगे. अभी तक गोयल इस कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर कार्यरत थे. डिश टीवी ने इसकी जानकारी बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को दे दी. 27 अक्टूबर को हुई बोर्ड बैठक में सुभाष चंद्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया. इसके अलावा डिश टीवी के सीईओ आर.सी. वेंकटेश ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.  वे यहां पिछले पांच साल से सीईओ के पद पर कार्यरत थे. कंपनी की बोर्ड बैठक में उनका भी इस्तीफा मंजूर कर लिया गया.

फिल्म समीक्षक और वरिष्ठ पत्रकार नम्रता जोशी के बारे में खबर है कि उन्होंने ‘द हिन्दू’ अखबार ज्वाइन कर लिया है. वह आउटलुक की वरिष्ठ पत्रकार थीं. नम्रता ने अपनी नई पारी के बारे में ट्वीट कर जानकारी दी है. नम्रता का द हिन्‍दू की एडिटर मालिनी पार्थसारथी और नेशनल एडिटर अमित बरुआ ने गर्मजोशी से स्‍वागत किया है. नम्रता को 2004 में बेस्ट फिल्म क्रिटिक के लिए नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है.

‘द इकनॉमिक टाइम्स’ के साथ सलोनी शुक्ला ने नई पारी शुरू की है. उन्हें स्पेशल कॉरेसपॉन्डेंट बनाया गया है. वे बैंकिंग सेक्टर की बीट देखेंगी. इससे पहले सलोनी ब्लूमबर्ग टीवी इंडिया के साथ जुड़ी हुईं थीं.

शैलेन्द्र पाराशर ने स्टेट चैनल छोड़कर की साधना चैनल भोपाल में शुरुवात की. शैलेन्द्र स्टेट चैनल की लॉन्चिंग से लेकर कई वर्षों तक बतौर वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत रहे. चर्चा है कि स्टेट न्यूज चैनल आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. चैनल के कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन न मिलने से मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है.

उधर, हिन्दुस्तान बनारस से खबर है कि अजीत पमार ने इस्तीफा दे दिया है. इनके बारे में बताया जा रहा है कि ये दैनिक भास्कर पटना ज्वाइन करेंगे. अजीत बनारस में सब-एडिटर के पद पर थे.

बनारस से ही एक अन्य सूचना के मुताबिक जनसंदेश टाइम्स की स्थापना वर्ष से जुड़े चंदौली ब्यूरो के ब्यूरो चीफ़ सिद्धार्थ यादव को प्रबन्धन ने ब्यूरो चीफ पद से हटा दिया है. वे संस्थान के अन्य स्ट्रिंगरों की भांति नए ब्यूरो चीफ सैयद फ़िरोज़ुद्दीन को रिपोर्ट करेंगे.

भड़ास की खबरें व्हाट्सअप पर पाएं, क्लिक करें-

https://chat.whatsapp.com/Bo65FK29FH48mCiiVHbYWi

Comments on “सुभाष चंद्रा, जवाहर गोयल, आरसी वेंकटेश, नम्रता जोशी, सलोनी शुक्ला, शैलेंद्र पाराशर, अजीत पमार, सिद्धार्थ यादव के बारे में सूचनाएं

  • सुभाष चंद्रा जागो , आप के ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल चैनल को आप का चहेता संपादक दिनेश शर्मा बर्बाद करने पे तुला है |
    – —-
    ज़ी ग्रुप के प्रादेशिक चैनल बर्बादी की और जा रहे है , बर्बादी का कारण है पुराने लोगों को निकाल कर नए लोगों को भर्ती करना , नए लोग अनुभवहीन है , वो सुभाष चंद्रा को कुछ दिन में करोड़ों कमा कर देने का वादा कर के कुर्सिओं पर काविज हों गए है , जबकि वो कुछ भी नया करके दिखा नही पाए , हाँ यह जरूर किया है कि पुराने लोगों को निकाल नए लोग भर्ती कर लिए है जो कि ज़ी ग्रुप के काबिल नही है , जिस कारण अब अच्छी खबर प्रदेशिक चैनलों पर नही चलती , सब से बुरी हालत इस समय ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल की है , रिपोर्टर से संपादक बने दिनेश शर्मा का ध्यान अब खबर की तरफ कम है , मालिक को पैसे कैसे अधिक से अधिक कमा कर दिए जाए इस तरफ अधिक है , क्या ज़ी ग्रुप में एक भी ऐसा जिम्मेवार नही रहा जो पिछले सालों में चल रही ख़बरों और अब गिरते स्तर की चल रही ख़बरों में कोई फर्क देख कर कोई कारवाई कर सके , क्या पैसे ही सब कुछ है , हिन्दोस्तान से ले कर विदेशों तक बनी इज्ज़त क्या सुभाष चंद्रा के लिए कोई मतलब नही रखती , क्या सुभाष चंद्रा को हों रही बर्बादी दिखाई नही दी रही , उन को पता क्यों नही चल रहा कि ज़ी पंजाब हिमाचल हरियाणा को दिनेश शर्मा बर्वाद करने पे तुला है , दिनेश शर्मा ने सम्पादक के कुर्सी सम्भालते ही चैनल में पुराने काम करने वाले ( जो लोग पंद्रह साल से जब चैनल की शुरूआत हुई तब से थे ) सब लोगों को निकाल बाहर किया है , सुभाष चंद्रा और मैनेजमेंट को कुछ क्यों नही दिखाई नही दे रहा | अगर समय रहते सुभाष चंद्रा ना जागे तो ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल का डूबना तय है | पंजाब की न्यूज़ ज़ी पंजाब से खत्म हों रही है , क्योंकि दिनेश को सिर्फ़ हिंदी आती है , दिनेश ने अपने चापलूस भर्ती कर लिए है और अब उसकी मंशा ज़ी पंजाब को खत्म कर सिर्फ़ हरियाणा हिमाचल बनाने की है , ज़ी पंजाब के कारण ज़ी ग्रुप की पहचान विदेशों में है वो भी खत्म हों जायगी , पता चला है के दिनेश ने पंद्रह करोड़ जुटा के मैनेजमेंट को देने है , इस कारण दिनेश ब्लैकमेलरों को भर्ती कर उन के द्वारा पैसे जुटाना चाहता है | लगता है जल्दी ही ज़ी ग्रुप को नवीन जिंदल जैसे एक और स्टिंग का सामना करना पडेगा | जब सुधीर चौधरी जैसा स्टिंग में फस सकता है तो दिनेश तो सुधीर के पांव की जूती जितना काबिल भी नही है, सुभाष जी जागिए , पुराने लोगों के साथ एक मीटिंग करो आप को सब सच पता चल जायगे , दिनेश शर्मा ने ज़ी के सर पर अब तक कितने कम लिए इस बात की पड़ताल करने के लिए आप को हिमाचल में जाँच करवानी पडेगी , सब सच सामने आ जायगे | इज्ज़त को सब कुछ समझने वाला गोयनका परिवार जुलम होते हुए क्यों देख रहा है क्यों दिनेश शर्मा जैसे लोगों के कारण अपनी इज्ज़त नीलाम कर रहा है | पैसे तो पहले भी आ रहे थे बस फरक इतना है कि वो इज्ज़तदार टीम द्वारा इज्ज़त के साथ कमा कर दिए जा रहे थे | दिनेश शर्मा ने अधिकतर पुराने रिपोर्टर हटा दिए उनके स्थान पर नए अनुभवहीन जो कि ब्लैकमेलरों के रूप में जाने जाते है उनकी भर्ती शुरू कर दी है , जिस कारण जल्दी ज़ी ग्रुप पर कलंक का तिलक लगना तय है , सुभाष जी आप खुद नए लोगों की जांच करे , पुराने रिपोर्टर दस पन्द्रह साल से काम कर रहे है , उनको खबर के नब्ज का भी पता है और अब तक कभी कोई कलंक नही लगने दिया , फिर किस कारण वो लोग निकाले गए , मुझे तो नए स्थान पर नौकरी मिल गई है परन्तु मैंने अपनी जवानी आप के चैनल पे लगी दी , बदले में मुझे दिनेश ने निकाल कर आप के चैनेल के बर्वादी शुरू कि जो अब तक जारी है , मैंने वफादारी से काम किया सो अब बर्बादी देखते हुए मेरी आंखे भर आती है , आप जागो , नही तो एक दिन आप की आँखों में भी आंसू होंगे |

    Reply
  • ज़ी ग्रुप के प्रादेशिक चैनल बर्बादी की और जा रहे है , बर्बादी का कारण है पुराने लोगों को निकाल कर नए लोगों को भर्ती करना , नए लोग अनुभवहीन है , वो सुभाष चंद्रा को कुछ दिन में करोड़ों कमा कर देने का वादा कर के कुर्सिओं पर काविज हों गए है , जबकि वो कुछ भी नया करके दिखा नही पाए , हाँ यह जरूर किया है कि पुराने लोगों को निकाल नए लोग भर्ती कर लिए है जो कि ज़ी ग्रुप के काबिल नही है , जिस कारण अब अच्छी खबर प्रदेशिक चैनलों पर नही चलती , सब से बुरी हालत इस समय ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल की है , रिपोर्टर से संपादक बने दिनेश शर्मा का ध्यान अब खबर की तरफ कम है , मालिक को पैसे कैसे अधिक से अधिक कमा कर दिए जाए इस तरफ अधिक है , क्या ज़ी ग्रुप में एक भी ऐसा जिम्मेवार नही रहा जो पिछले सालों में चल रही ख़बरों और अब गिरते स्तर की चल रही ख़बरों में कोई फर्क देख कर कोई कारवाई कर सके , क्या पैसे ही सब कुछ है , हिन्दोस्तान से ले कर विदेशों तक बनी इज्ज़त क्या सुभाष चंद्रा के लिए कोई मतलब नही रखती , क्या सुभाष चंद्रा को हों रही बर्बादी दिखाई नही दी रही , उन को पता क्यों नही चल रहा कि ज़ी पंजाब हिमाचल हरियाणा को दिनेश शर्मा बर्वाद करने पे तुला है , दिनेश शर्मा ने सम्पादक के कुर्सी सम्भालते ही चैनल में पुराने काम करने वाले ( जो लोग पंद्रह साल से जब चैनल की शुरूआत हुई तब से थे ) सब लोगों को निकाल बाहर किया है , सुभाष चंद्रा और मैनेजमेंट को कुछ क्यों नही दिखाई नही दे रहा | अगर समय रहते सुभाष चंद्रा ना जागे तो ज़ी पंजाब हरियाणा हिमाचल का डूबना तय है | पंजाब की न्यूज़ ज़ी पंजाब से खत्म हों रही है , क्योंकि दिनेश को सिर्फ़ हिंदी आती है , दिनेश ने अपने चापलूस भर्ती कर लिए है और अब उसकी मंशा ज़ी पंजाब को खत्म कर सिर्फ़ हरियाणा हिमाचल बनाने की है , ज़ी पंजाब के कारण ज़ी ग्रुप की पहचान विदेशों में है वो भी खत्म हों जायगी , पता चला है के दिनेश ने पंद्रह करोड़ जुटा के मैनेजमेंट को देने है , इस कारण दिनेश ब्लैकमेलरों को भर्ती कर उन के द्वारा पैसे जुटाना चाहता है | लगता है जल्दी ही ज़ी ग्रुप को नवीन जिंदल जैसे एक और स्टिंग का सामना करना पडेगा | जब सुधीर चौधरी जैसा स्टिंग में फस सकता है तो दिनेश तो सुधीर के पांव की जूती जितना काबिल भी नही है, सुभाष जी जागिए , पुराने लोगों के साथ एक मीटिंग करो आप को सब सच पता चल जायगे , दिनेश शर्मा ने ज़ी के सर पर अब तक कितने कम लिए इस बात की पड़ताल करने के लिए आप को हिमाचल में जाँच करवानी पडेगी , सब सच सामने आ जायगे | इज्ज़त को सब कुछ समझने वाला गोयनका परिवार जुलम होते हुए क्यों देख रहा है क्यों दिनेश शर्मा जैसे लोगों के कारण अपनी इज्ज़त नीलाम कर रहा है | पैसे तो पहले भी आ रहे थे बस फरक इतना है कि वो इज्ज़तदार टीम द्वारा इज्ज़त के साथ कमा कर दिए जा रहे थे | दिनेश शर्मा ने अधिकतर पुराने रिपोर्टर हटा दिए उनके स्थान पर नए अनुभवहीन जो कि ब्लैकमेलरों के रूप में जाने जाते है उनकी भर्ती शुरू कर दी है , जिस कारण जल्दी ज़ी ग्रुप पर कलंक का तिलक लगना तय है , सुभाष जी आप खुद नए लोगों की जांच करे , पुराने रिपोर्टर दस पन्द्रह साल से काम कर रहे है , उनको खबर के नब्ज का भी पता है और अब तक कभी कोई कलंक नही लगने दिया , फिर किस कारण वो लोग निकाले गए , मुझे तो नए स्थान पर नौकरी मिल गई है परन्तु मैंने अपनी जवानी आप के चैनल पे लगी दी , बदले में मुझे दिनेश ने निकाल कर आप के चैनेल के बर्वादी शुरू कि जो अब तक जारी है , मैंने वफादारी से काम किया सो अब बर्बादी देखते हुए मेरी आंखे भर आती है , आप जागो , नही तो एक दिन आप की आँखों में भी आंसू होंगे |

    Reply
  • sat pal singh, hissa says:

    यह सारे चैनल हेड सुभाष चंद्रा का बिस्तरा गोल करने पर तुले है , सुभाष चंद्रा को बर्बाद करके ही दम लेंगे | पुराने लोगों को निकाल कर ब्लैकमेलर भर्ती करेगे , पहले सुधीर चोधरी ने मार दी , अब ज़ी हरियाणा वाले ज़ी को बदनाम करके कसर पूरी करेगे . सुभाष चंद्रा को इन चैनल हेड की करतूते दिखाई क्यों नही देती . यह गोयल परिवार पहले तो पैसे के लिए अपना जमीर नही बेचता था अब क्या हुआ , मै सुभाष के परिवार तक सारे मसले को पहुंचा कर , जाँच के लिए बोलूगा

    Reply

Leave a Reply to Dost Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *