टीवी9भारतवर्ष का कामयाब सफर… बिना शोर, शिखर की ओर!

टीवी9 भारतवर्ष चैनल टीआरपी में नंबर दो की कुर्सी पर काबिज हो चुका है. ढेर सारे दिग्गज चैनलों को पछाड़ कर इस नए चैनल ने इतिहास रच दिया है. आखिर ये कामयाबी इस चैनल को कैसे मिली? इस मुद्दे पर भड़ास4मीडिया ने टीवी9भारतवर्ष में काम करने वाले कई पत्रकार साथियों से बात की. सबने कई बातें बताईं. उनकी बातों को कंपाइल कर नीचे प्रकशित किया जा रहा है.

-एडिटर, भड़ास4मीडिया

टीवी 9 भारतवर्ष की प्रयोगधर्मिता को फालो करने लगे हैं दूसरे चैनल

11 महीनों में टीवी 9 भारतवर्ष के उत्थान की ये कहानी रोचक है। उन दिनों देश में कई ऐसे फैसले हो रहे थे जिनसे राष्ट्र की दिशा और दशा बदलने की शुरुआत हो रही थी। उन्हीं में से एक था कश्मीर को आतंक मुक्त करने का अभियान और धारा 370 को खत्म करने का नोटिफिकेशन जो अगस्त 2019 में आया। टीवी9 भारतवर्ष ने सरहद पार बैठे देश के दुश्मनों के खिलाफ पहला बिगुल उसी वक्त फूंका।

टीवी9 भारतवर्ष ने धारा 370 पर पाकिस्तान की साज़िशों को सबसे पहले बेनकाब करना शुरू किया।

पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं पर अत्याचार की ऐसी कहानियां दिखानी शुरू कीं जिन्हें देख कर किसी की भी रूह कांप जाए।

टीवी9भारतवर्ष ने पाकिस्तान आर्मी और आतंकियों के गठजोड़ पर ताबड़तोड़ कई खुलासे किए।

इस चैनल ने बलूचिस्तान में पाकिस्तान के अत्याचारों की पोल खोलनी शुरू की।

इसके साथ साथ पीओके में पाकिस्तान की साज़िशें और पीओके को पाकिस्तान के चंगुल से आज़ाद कराने की मुहिम चलानी शुरू की। टीवी 9 भारतवर्ष ने अपने रिपोर्टर को पाकिस्तान भेजा और ऐसी रिपोर्ट्स दिखाईं जो भारतीय टीवी चैनल के लिए अनूठी थीं।

देश के खिलाफ हर साज़िश को बेनकाब करने की इस रफ्तार ने टीवी दर्शकों को नया विकल्प दिया।

जब सभी चैनल हाउडी मोदी की कवरेज अमेरिका से कर रहे थे, तब टीवी 9 भारतवर्ष ने इस इवेंट की छह देशों से इंटरनेशनल कवरेज की। ये दर्शकों को खूब पसंद आया।

2020 आते आते दुनिया में शक्ति संतुलन बिगड़ने लगा जिसे टीवी 9 भारतवर्ष ने सबसे पहले पहचाना। तभी ईरान और अमेरिका के बीच टकराव चरम पर पहुंचा। दुनिया के एक कोने में युद्ध के बनते हालात पर रात भर कवरेज का साहस पहली बार किसी टीवी चैनल ने दिखाया था। इन घटनाओं पर आक्रामक और रफ्तार भरी सूचनाओं ने दर्शकों के बीच हमारी पैठ और गहरी बनाई। कुल मिला कर विश्व में हो रहे बदलाव और वैश्विक नीतियों की बारीकियों को दर्शकों के रू-ब-रू करा कर टीवी 9 भारतवर्ष ने अपनी अलग पहचान बना ली।

इसी बीच दुनिया में कोरोना का अटैक शुरू हुआ। टीवी 9 भारतवर्ष ने सबसे पहले इस प्रकोप की गंभीरत को समझा। चैनल ने 8 जनवरी को ही कोरोना पर पहला शो किया था। उसी दिन उस शो में ये बताया गया दिया चीन में एक रहस्यमय बीमारी चमगादड़ों से फैली है, जबकि 20 जनवरी को चीन ने पहली बार ये खुलासा किया था कि कोरोना वायरस इंसानों से इंसानों में फैल रहा है। तब इस वायरस के बारे में दुनिया अनभिज्ञ थी, भारत इससे बिल्कुल अछूता था, लेकिन टीवी 9 भारतवर्ष ने अपनी ज्यादातर प्रोग्रामिंग को फौरन बदल डाला और उसे कोरोना के इर्द गिर्द कर दिया ।

कोरोना को लेकर जब पश्चिम बंगाल की ममता सरकार मामलों को छुपा रही थी। अस्पतालों में कोरोना मौत पर फ़र्ज़ीवाड़ा हो रहा था। तो सबसे पहले टीवी 9 भारतवर्ष ने ममता सरकार की पोल खोली।

इसी बीच टीवी 9 भारतवर्ष एक नए अवतार में आया। चैनल का लुक एंड फील बदला गया। कई फ्लैगशिप शो लॉन्च किए गए। इनमें बहस का पहला फॉर्मेटेड शो ‘अड़ी’, सुपर प्राइम टाइम ( रात 8-9 बजे), आम आदमी की चिंताओं से जुड़ा शो ‘फिक्र आपकी’ और देश को कवच देने वाला शो ‘परवाह देश की’ लॉन्च हुआ।

सबसे पहले टीवी 9 भारतवर्ष ने कोरोना-50 के नाम से फास्ट न्यूज़ शुरू किया जिसे काफी वक्त बाद बाकी चैनलों ने भी फॉलो किया।

पहली बार आधे घंटे के चार-चार कोरोना बुलेटिन शुरू किए गए, जिसका नाम था देश का कोरोना बुलेटिन जिसे कई चैनलों ने बाद में चलाना शुरू किया।

सबसे पहले टीवी9 भारतवर्ष ने कोरोना का वर्ल्ड वाइड अपडेट देना शुरू किया। सुपर प्राइम टाइम शो रात 8 बजे में दुनिया के कोने कोने से कोरोना के कहर की खबरें सिर्फ और सिर्फ टीवी 9 भारतवर्ष पर दिखीं।

पहली बार भारत के टीवी दर्शकों ने अमेरिका जैसे महादेश से लेकर छोटे छोटे द्वीपों तक की कहानियां देखीं, वहां की व्यथा सुनी, लाशों के ढेर देखे, भरते कब्रिस्तान और सिसकती अवाम का दर्द देखा।

कोरोना की बेतहाशा बढ़ती संख्या को टीवी 9 भारतवर्ष ने अलग अलग तरीके से दिखाना शुरू किया, इससे पहले ऐसी टैली लोगों ने सिर्फ चुनाव नतीजों के दौरान देखी थी। ये प्रयोग इसलिए था ताकि दर्शकों को कोरोना के प्रकोप की सही जानकारी मिल सके।

चैनल ने पहली बार ऐसे 50-50 सवालों के जवाब दिग्गज डॉक्टरों की बाइट के साथ आधे-आधे घंटे में दिखाना शुरू किया, जो उन दिनों आम आदमी के दिमाग में तैर रहे थे, लोगों को डरा रहे थे। कई डॉक्टरों की सलाह को फास्ट बुलेटिन की तरह ‘टू द प्वाइंट’ दिखाने का ये प्रयोग बेहद अनूठा था।

तभी कोरोना ने देश में दस्तक दी लेकिन उस वक्त तक टीवी9 भारतवर्ष ने कोरोना से जुड़ी इतनी खबरों का भंडार दर्शकों के सामने पेश कर दिया था कि लोगों के बीच चैनल की विश्वसनीयता काफी बढ़ गई। देश में तब जनता कर्फ्यू का ऐलान हुआ और टीवी 9 भारतवर्ष ने अपने एंकर्स को घर से बुलेटिन करवाने का प्रयोग किया। अब तक टीवी न्यूज़ के इतिहास में ये पहला ऐसा प्रयोग था जो लीक से हट कर था और इस मुहिम को प्रधानमंत्री ने खुद सराहा। टीवी9 भारतवर्ष ने प्रधानमंत्री की दिए जलाने की मुहिम को इतने भावनात्मक तरीके से पेश किया कि पीएम ने इस आइडिया को काफी पसंद किया। देश के प्रधानमंत्री द्वारा पहली बार किसी चैनल के आइडिया को इतना सराहा गया।

उन दिनों कोरोना फैलने के पीछे दिल्ली के जिस मरकज को भी एक वजह माना गया, टीवी 9 भारतवर्ष ने उसकी परतें भी खोलनी शुरू कीं। मरकज के चीफ मौलाना साद और उनसे जुड़े लोगों पर ताबड़तोड़ कई खुलासे किए।

अमेरिका में हुए दंगों को भारतीय टीवी चैनलों में सबसे पहले टीवी9 भारतवर्ष ने दिखाया, दंगे दुनिया के कई देशों में फैले, इस दंगे में चीन की भूमिका की कलई भी टीवी9 भारतवर्ष ने खोली। ये सब ऐसी खबरें थीं, जिस पर टीवी 9 भारतवर्ष लीडर रहा। इन सभी खबरों पर देश के नामी गिरामी चैनल पीछे रहे।

इसके बाद आई चीन को चारों खाने चित करने की बारी क्योंकि चीन ही वो मुल्क है जिसने दुनिया को विनाश के मुहाने पर ला दिया। टीवी9 भारतवर्ष ने सबसे पहले कोरोना वायरस पर चीन को बेनकाब करना शुरू किया। वुहान का कच्चा चिट्ठा दिखाना शुरू किया। वुहान लैब की मिस्ट्री, चीन के अत्याचारों के सबूत, दुनिया से उसके छल-प्रपंच का प्रमाण सबसे पहले टीवी 9 भारतवर्ष ने दिखाए और उसके बाद हर टीवी चैनल इसे फॉलो करने लगा। साउथ चाइना सी में चीन की साज़िशों की परतें भी सबसे पहले टीवी9 भारतवर्ष ने ही खोली ।

टीवा 9 भारतवर्ष लगातार 100 दिन से बिना रुके चीन की पोल खोलता आ रहा है। ‘परवाह देश की’ नाम के रात 10 बजे के शो में पिछले 100 दिन से ये चैनल चीन के खिलाफ टीवी की सबसे लंबी सीरीज़ चला रहा है। और बिना शोर…शिखर की ओर बढ़ रहा है।

मूल खबर-

TV9 भारतवर्ष ने रचा इतिहास, टीआरपी में दूसरे पायदान पर पहुंचा

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