नवभारत मुंबई प्रबंधन की प्रताड़ना के शिकार मजीठिया क्रांतिकारी विमल मिश्र की मौत

मुंबई : चार साल से नवभारत प्रबंधन की प्रताड़ना से जंग लड़ रहे नवभारत के रिपोर्टर विमल मिश्र का निधन हो गया। नवभारत प्रबंधन ने उन्हें न तो ट्रांसफर किया था, ना ही सस्पेंड किया और ना ही टर्मिनेट किया। इसके बावजूद वेतन नहीं दे रहा था। तकरीबन 4 साल पहले श्री मिश्र ने नवभारत के मालिक विनोद माहेश्वरी व प्रबंधन के खिलाफ ठाणे कोर्ट में प्रताड़ना का केस दायर किया जो अभी तक विचाराधीन है।

यह मामला श्री मिश्र ने प्रबंधन की मनमानी और प्रताड़ना से आजिज आकर किया था। उनकी गलती बस इतनी थी कि मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश लागू करने की मांग की थी। समय-समय पर वे अपने साथियों को प्रबंधन की मनमानी व प्रताड़ना का जिक्र किया करते थे।

पिछले करीब 3 महीने से वे काफी अवसाद में थे। नतीजा यह हुआ कि कल सुबह उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह संसार को अलविदा कह गए । यहां यह बताना जरूरी है कि उन्होंने मजीठिया वेज बोर्ड लागू करने के लिए नवभारत में अच्छी नींव रखी। इसके बाद ज्यादातर कर्मचारी एकजुट हुए और मजीठिया का क्लेम दाखिल किया जो अभी ठाणे लेबर कोर्ट में विचाराधीन है।

इसके अलावा प्रोविडेंट फंड कार्यालय वासी में भी शिकायत कर रखी थी कि प्रबंधन द्वारा नियमानुसार डिडक्शन नहीं किया जा रहा है। गत 14 अगस्त को प्रोविडेंट फंड कार्यालय वाशी में हियरिंग के दौरान असिस्टेंट पीएफ कमिश्नर रुदल प्रसाद के सामने उनका दर्द छलक उठा।

प्रबंधन की ओर से हियरिंग के लिए उपस्थित प्रेसिडेंट ए श्रीनिवास को उन्होंने कहा कि आपने मुझे कहीं का नहीं छोड़ा… मुझे ना तो नौकरी से निकाला और ना ही सैलरी दे रहे हैं… मुझे मानसिक रुप से परेशान किया जा रहा है। इस दौरान श्री रुदल प्रसाद और श्री ए श्रीनिवास के अलावा इंस्पेक्टर श्री डीके मिश्रा और यूनियन की ओर से सचिव अरुण गुप्ता और रजनी कांत त्रिपाठी मौजूद थे। आय का स्रोत नहीं होने की वजह से पिछले काफी समय से श्री विमल मिश्रा काफी परेशान थे। लेकिन नवभारत प्रबंधन अपनी मनमानी तानाशाही पर आमादा था। नतीजा यह हुआ कि हमारे बीच एक जुझारू पत्रकार नहीं रहा।

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Comments on “नवभारत मुंबई प्रबंधन की प्रताड़ना के शिकार मजीठिया क्रांतिकारी विमल मिश्र की मौत

  • madan kumar tiwary says:

    परिवार को कहें हत्या का केस दायर करे प्रबंधन के ऊपर ,उत्पीड़न के कारण मृत्यु होने पर हत्या का केस होगा

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  • NAGESH KUMAR PANDEY says:

    I AM NAGESH KUMAR PANDEY
    NAVNHARAT KE PRATARNAA SE VYATHIT SHRI VIMAL MISHRA KI AAKASMIK DIVANGAT HONE KI DURGHATNAA NE HAM NAVNHARAT KARMIYO KO JHAKJHOR KAR RAKH DIYA HAI
    KI AB KYAA AGLAA NO. KISI AUR NAVNHARAT KARMIYO KAA HO SAKATAA HAI
    IS MAUT PAR PRAVANDHAN PRAMUKH D.B.SHARMAA KO ATTAAHAS KARTE HUE DEKHAA GAYAA

    THHOOOO HAI AISE KROOR INSAAN PAR JO SAITAAN KA MAN RAKHTAA HO

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