एयरपोर्ट के मंत्रीगण कृपया ध्यान दें, Vistara वाले हद दर्जे के अमानवीय हो गए हैं!

Shruti Thakur-

निजी विमानन कंपनियों की पॉलिसी सिर्फ आम लोगों पर लागू होती है।कोई कितना दर्द सहकर एयरपोर्ट तक पहुंचे उसके बाद उन्हें बोल दो आप हमारी पॉलिसी के तहत फ्लाइट में नहीं बैठ सकती,जबकि मेदांता के डॉक्टर ने सफर के लिए फिट बताने का प्रमाण पत्र दिया है और फिट भी हैं।

मेरा दिल्ली से कल की Vistara की flight की टिकिट थी, दिल्ली पहुँचते ही मेरे दोनों पैरों में fracture हो गया जिसके बाद मैंने मेदांता हॉस्पिटल से सर्जरी करवाई। आज डॉक्टर द्वारा 11 बजे discharge करने पर मैंने vistara में call कर उनसे कल की flight आज prepone करने और मेरे लिए पूरा row book करने की request की। जो उन्होंने कर भी दी।
लेकिन 2 घण्टे बाद एयरपोर्ट पहुँचने पर उन्होंने मुझे flight boarding करने से ये कहते हुए मना कर दिया कि-
1) उनके डॉक्टर ने मुझे unfit बताया है
2) मेरे पैर मुड़ नहीं रहे

और विस्तारा की पालिसी के तहत मैं सर्जरी के 10 दिन बाद तक विस्तारा में सफर नहीं कर सकती।
मेरे 2 सवाल हैं-

1) आपकी ये 10 दिन की policy क्या आपके customer care अधिकारियों को नहीं पता है? यदि उन्हें पता है, तो उन्होंने मेरी टिकिट क्यों बुक की? मुझे इस policy के बारे में टिकिट बुक करने से पहले या टिकिट बुक करते समय क्यों नहीं बताया गया? ये airport पहुँचने के बाद क्यों बताया गया?

2) यदि आपके डॉक्टर को ही fit और unfit घोषित करना है तो आप patient से डॉक्टर का fit to fly certificate क्यों मंगवाते हैं?

मेरे पास तीनों प्रमाण हैं… 1- मेरे द्वारा vistara कस्टमर केयर के माध्यम से बुक की गई टिकिट 2-डॉक्टर द्वारा fit to fly certificate 3- vistara द्वारा एक और झूठ बोला गया कि मेरे घुटने नहीं मुड़ रहे, मेरे घुटने पर्याप्त मुड़ रहे ये साबित करने airport पर खीचीं मेरी फोटो

संजय सिन्हा-

कल मैं जबलपुर से दिल्ली आया, इंडिगो की उड़ान से। हमने चेक कर लिया था कि जिस समय मेरी फ्लाइट नई दिल्ली के टर्मिनल-3 पर लैंड करेगी, करीब-करीब उसी समय बैंगलुरू से विस्तारा एयरलाइंस की उड़ान संख्या यूके-818 भी उसी एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। दोनों के उतरने के वक्त में थोड़ा ही अंतर था।
जबलपुर से इंडिगो की फ्लाइट-6 एफ 5004 रात आठ बजे तय समय पर उड़ी। तय समय पर नई दिल्ली पहुंची। मुझे एयरपोर्ट पर विस्तारा की प्लाइट यूके 818 का इंतज़ार करना था। मेरा बेटा उसी फ्लाइट से बैंगलुरू से दिल्ली आ रहा था।

एयरपोर्ट पर लगे सूचना पटल पर मैं विस्तारा एयरलाइंस के आगमन का समय ढूंढता रहा, कहीं पता नहीं चल रहा था। उसके आगे की फ्लाइट के डिटेल्स मौजूद थे, उसके पीछे के भी। पर फ्लाइट संख्या यूके 818 नदारद।

मैं हैरान होकर विस्तारा के सूचना काउंटर पर गया। वहां नारंगी कपड़े में सजी एक लड़की से मैंने पूछा कि फ्लाइट कब आ रही है तो उसने कहा, “मुझे नहीं पता। आप सूचना पटल पर देख लीजिए।”

मैंने कहा कि सूचना पटल पर उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। तो उसने कहा, “फिर मैं कैसे बता सकती हूं?”

कुछ देर भटकने के बाद मैं विस्तारा के मेन काउंटर पर गया। वहां एक सरदार जी बैठे थे। उन्होंने कंप्यूटर में कुछ बटन दबाए और उन्होंने कहा कि फ्लाइट बैंगलुरु से शाम 7.40 पर उड़ी है। पर यहां कब पहुंचेगी, पता नहीं। उड़ी है तो जल्दी ही पहुंच जाएगी।
“भाई, हवाई जहाज है, कोई रेलगाड़ी नहीं कि नई दिल्ली पहुंचने से पहले आनंद विहार, तिलक ब्रिज स्टेशन के आउटर पर रुकी खड़ी होगी। कम्युनिकेशन के इस ज़माने में विमान हवा में कहां है ये तो आसानी से पता चल जाता है। आजकल तो फोन के ऐप पर दिख जाता है कि विमान कहां है, तो आप प्लीज़ चेक करें कि फ्लाइट कहां है?

सरदार जी ने कहा कि वहां जो सूचना पटल है न, उसमें दिख जाएगा।
“भाई, वहीं से आ रहा हूं। वहां कुछ नहीं दिख रहा है। और वो नारंगी कपड़े में जो लड़की खड़ी है न उसे भी कुछ नहीं पता चल रहा है। आखिर फ्लाइट है कहां?”
“सूचना पटल पर भी नहीं आ रहा है? अब आ रहा होगा। आप जाकर देखिए तो सही।”

संजय सिन्हा को लगा कि सरदार जी ने कुछ बटन वगैरह दबाए होंगे तो अब उसकी जानकारी आ गई होगी। मैं भाग कर सूचना पटल तक पहुंचा। बहुतक-सी फ्लाइट की डिटेल्स आ रही थी। यहां तक कि रात बारह बजे जो फ्लाइट आनी थी उसका पता भी चल रहा था। पर यूके 818 का पता नहीं था।

वो एक घंटा मेरे लिए हैरानी भरा था। कायदे से फ्लाइट पहुंच जानी चाहिए थी। बैंगलुरू से दिल्ली की फ्लाइट करीब ढाई-पौने तीन घंटे की तो होती ही है। मुझे फ्लाइट के आने में लग रहे टाइम को लेकर परेशानी नहीं थी, लेकिन फ्लाइट की सूचना नहीं मिल रही थी, ये हैरानी की बात थी।

लोगों को फ्लाइट में कई तरह की मुश्किलें आती हैं। कई तरह की शिकायतें आती हैं। कोई इस बात की शिकायत करता है कि फ्लाइट लेट उड़ी। कोई शिकायत करता है कि एसी काम नहीं कर रहा था। एयरहोस्टेस ने पानी भी नहीं पूछा। बस में बंद करके बिठाए रखा। फ्लाइट में बिठा कर फ्लाइट नहीं उड़ाए वगैरह-वगैरह। पर ये पहली बार हो रहा था कि एक फ्लाइट हवा में थी और किसी को उसके बारे में पता नहीं था।

मैंने कई बार बेटे के उस संदेश को पढ़ा जिसमें उसने फ्लाइट डिटेल्स भेजा था। कई बार मुझे लगा कि कहीं ऐसा न हो कि फ्लाइट टर्मिनल-3 की जगह टर्मिनल-1 या टर्मिलन-2 पर आ रही हो। पर विस्तारा की फ्लाइट तो टर्मिलन-3 पर ही आती है।
मैंने रेलवे स्टेशन पर कई बार सुना है, देखा है कि ट्रेन आनी थी फलां प्लेटफार्म पर, पर पहुंच गई फलां प्लेटफार्म पर। फिर खूब भगदड़ मची। लोग गिरे-पड़े। लेकिन ये तो फ्लाइट है। इसमें ऐसा क्यों होने लगा?

मैं परेशान से अधिक हैरान था। इधर पत्नी घर से फोन पर फोन कर रही थी, देर हो गई क्या?
मैंने कहा कि विस्तारा की उड़ान संख्या-818 अभी लैंड नहीं हुई है। जैसे ही होगी, मैं बता दूंगा।
पर सवाल वही कि फ्लाइट गई कहां?

खैर, सरदार जी ने कहा था कि अब जाकर देखिए, उसमें फ्लाइट डिटेल्स आ रही होगी। वहीं से पता चलेगा। पर अब भी यूके 818 का पता नहीं चल रहा था। मैंने फोन पर पूरा सूचना पटल शूट किया। फिर सरदार जी के पास पहुंचा कि देखिए इसमें नहीं दिख रहा है। सरदार जी ने कहा, “आप इंतज़ार कीजिए।”
अब मैं परेशान था। क्या करूं? किससे पूछूं? हमारे यहां उड़ते विमान में फोन पर बात नहीं होती है। बेटा कुछ साल पहले अमेरिका जा रहा था, वो दुबई और सियाटेल के आसमान से इंटरनेट की मदद से मुझसे उड़ते विमान से बात करता रहा। पर यहां उड़ते विमान का पता नहीं चल रहा था। पर विकल्प क्या था? फ्लाइट उड़ी है तो लैंड तो करेगी ही। मैं चुपचाप इंतज़ार करता रहा।

कुछ देर बात मेरे फोन पर टूं की आवाज़ आई। “पापा, फ्लाइट लैंडेंड।”
इंतज़ार पूरा। कहानी पूरी।

ये सामान्य समस्या नहीं है। बहुत से लोग इस तरह की समस्या से नहीं गुजरते हैं। पर ये समस्या तो है। विमान कर्मचारियों के लिए ये सामान्य बात हो सकती है। मैं मानता हूं कि इस देश में अब सरकारी खाते में कोई विमान नहीं। पर सरकारी खाते में देश में उड्डयन मंत्री तो हैं। तो मैं आज की पोस्ट से सिर्फ उनकी निगाहों में ये बात लाना चाहता हूं कि अगर कभी कोई विमान हवा में पता नहीं चले कि कहां है तो किससे पूछा जाए? कौन बताएगा? किसकी जिम्मेदारी होगी? माना कि मेरी चिंता हास्यास्पद है, पर चिंता तो चिंता है।

कोई तो बताए कि इन चिंताओं की ज़िम्मेदारी किसकी है? एयरपोर्ट पर एयरलाइन के इतने स्टाफ किस लिए हैं? और हैं तो वो सूचना के उपकरणों से लैस क्यों नहीं? वो कौन होगा, जिसकी जिम्मेदारी तय होगी कि एक फ्लाइट की डिटेल्स क्यों नहीं दिख रहीं?

ये आज की कहानी है। मैं देर रात दिल्ली घर पहुंच गया। कल एक कहानी और सुनाऊंगा। अभी मुमकिन है कि इंडिगो वाले खुश हो रहे होंगे कि अच्छा हुआ जो संजय सिन्हा विस्तारा की बैंड बजा रहे हैं। कल याद आया तो इंडिगो कथा भी सुनाऊंगा। वो वाली नहीं कि दस दिन पहले जबलपुर से आते हुए फ्लाइट तीन घंटे देर से दिल्ली पहुंची थी। दूसरी कहानी भी सुनाऊंगा, जल्द।
ट्रेनों की जानकारी के लिए स्टेशन पर एनाउंस होता रहता है- यात्रीगण कृपया ध्यान दें। आज एयरपोर्ट के लिए मैं कह रहा हूं, मंत्रीगण कृपया ध्यान दें।



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Comments on “एयरपोर्ट के मंत्रीगण कृपया ध्यान दें, Vistara वाले हद दर्जे के अमानवीय हो गए हैं!

  • Dr Manas Chatterjee says:

    Vistara has recently deteriorated as regards information services that I being a frequent Flyer endorse the fact . Needs to be immediately taken care .

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  • Himanshu says:

    I believe not one, many passengers have face this issue with vistara, I think its like a scam going on in vistaar that they take the booking for passenger with all money paid in advance , but upon reaching airport, vistaar check-in counter try to reject and deny issuing boarding card for any invalid reason , so that passenger could not fly and also they keep all fare as most of person book the ticket is cheapest airfare available and that ticket is non-fundable and re scheduling of such tickets cost as much as the new ticket ! The same incident happen with me, vistara didn’t allow to to fly nor return my air ticket cost !

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  • Dr. Anjan Prakash says:

    I had a terrible experience with Vistara at Delhi Airport on 23/4/2022 . My daughter was going to Mauritius and had her ticket from Vistara with stopover and change to Mauritius Airline at Mumbai.
    PNR was given by Vistara for both fkts same PNR. I had called them just to be reassured and was told baggage will be booked in Delhi for Mauritius since waiting time is less than 5 hrs checkin at Mumbai is not reqd. Fine.
    Now at Delhi airport Vistara charged 10,500₹ for excess baggage which is ok but then they booked only till Mumbai ! Had to pay again there for reoeat checkin !
    This was only to extract money by Vistara . Staff was so very rude and refused to accept digital payment .
    In all fairness Vistara should refund the due amount of 10500₹ if they have any honest n fair practice.

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