यूपी में फिर एक पत्रकार को फर्जी केस लगाकर जेल भेज दिया गया, सुनें आडियो

कुशीनगर। पत्रकार के कलम को रोकने में नाकाम पुलिस महकमा ने आखिरकार उसे अपने षडयंत्र का शिकार बना दिया। लाकडाउन में कसया के चौकी प्रभारी द्वारा जनपद के बाहर जाने के मामले को अखबार में प्रकाशित करने के कारण पुलिस प्रशासन की खूब छीछालेदर हुई थी। इससे खार खाये पुलिस प्रशासन ने एक चक्रव्यूह की रचना कर पत्रकार अखिलानंद के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्जकर उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।

डेली न्यूज एक्टिविस्ट अखबार के पत्रकार अखिलानंद राव ने पुलिस के खिलाफ लगातार खबरें प्रकाशित कीं। इन्हीं खबरों से तिलमिलाए जिले की पुलिस ने एक कलमकार को अपने गुस्से का शिकार बनाकर यह साबित कर दिया कि “पुलिस के खिलाफ अगर किसी ने खबर लिखा तो एक-दो नहीं बल्कि कई थानों में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिये जाओगे।”

डेली न्यूज के पत्रकार अखिलानंद राव विगत दो माह से कसया, पटहेरवा थाना सहित जनपद के पुलिस प्रशासन के खिलाफ अवैध शराब, लचर कानून व्यवस्था व पुलिस प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार से संबंधित खबरें लगातार प्रकाशित कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के खिलाफ खबर न लिखने के लिए अखिलानंद को मैनेज करने का बहुत प्रयास किया गया। लेकिन जब पत्रकार राव मैनेज नहीं हुआ तो एक उपनिरीक्षक ने पुलिसिया भाषा मे समझाते हुए खबर न लिखने की हिदायत भी दी थी। इसके बावजूद राव की लेखनी नहीं रुकी तो पुलिस महकमा के लोगों ने षडयंत्र रचते हुए कसया व पटहेरवा थाने में अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

बताया जाता है कि बीते दिनों अखिलानंद ने कसया कस्बा के चौकी इंचार्ज ज्योति कुमार सिंह के खिलाफ “लाकडाउन में चौकी इंचार्ज हुए रवाना” व “मौलाना के साथ चौकी प्रभारी का जाना बना चर्चा का विषय” नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। खबरों मे कहा गया है कि कस्बा चौकी प्रभारी बिना अनुमति के एक मौलाना के साथ जनपद से बाहर गये थे और वहां से आने बाद उनको कोरनटाइन सेन्टर में नहीं रखा गया। इसके अलावा जनपद के पुलिस प्रशासन के खिलाफ “दरोगा जी में नहीं है दम, फिर कैसे बनेगे सिंघम”, “पुलिस विभाग में लाइन हाजिर सजा या मजा”, “अपराधियों का मददगार है कारावास सिपाही”, “पशु तस्करों का सेफ जोन बना बिहार सीमा से लगा क्षेत्र” सहित तमाम खबरें प्रकाशित की। पत्रकार अखिलानंद द्वारा लिखे गए इन खबरों से पुलिस महकमा में खलबली मची हुई थी।

खबर के बाद कस्बा चौकी प्रभारी ज्योति सिंह ने अपने पुलिसिया अंदाज में राव के सेलफोन पर फोन करके समझाया था। तकरीबन दो मिनट के आडियो वार्ता में चौकी इंचार्ज ने खुद को किसी से न डरने वाला दरोगा बताते हुए राव को न सिर्फ पत्रकारिता का दायरा समझाया था बल्कि कि लिखंत-पढंत में आने के बाद खबरों की प्रमाणिकता व साक्ष्य की प्रस्तुत करने की बात कही गयी।

बताया जाता है कि चौकी प्रभारी ज्योति कुमार सिंह द्वारा दिनांक 11 अप्रैल -2020 को दिए गए तहरीर के आधार पर अखिलानंद के खिलाफ कसया थाने में मुकदमा अपराध संख्या-246/2020 धारा 186,188,419,420, 468,504व 67 सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। उपनिरीक्षक ज्योति कुमार सिंह ने तहरीर में लिखा है कि वर्तमान में वह कुशीनगर जनपद के कसया थाना में चौकी प्रभारी कस्बा के रूप में नियुक्त हैं। एक व्यक्ति अखिलानंद राव पुत्र राम प्यारे निवासी वार्ड नम्बर 17 मणिपुरम नगर (परसौनी मुकुन्दा) थाना कसया कुशीनगर का निवासी है जो अक्सर कुछ दिनों से अपने मनमाफिक कार्य कराने हेतु उन पर दबाव बनाता चला आ रहा है। कार्य न करने की दशा में मुझे बदनाम करने के लिए अनावश्यक झूठे आरोप लगाकर वाट्सएप और फेसबुक पर पोस्ट करता रहता है और मुझ पर अनैतिक दबाव बनाता है। श्री सिंह ने अपने तहरीर में यह भी लिखा है कि लाकडाउन के दौरान दिनाक 2 मई 2020 को मेरे कस्बा चौकी पर नियुक्त कांस्टेबल रणधीर सिंह को फोन कर मुझे अनाप-सनाप कहते हुए शराब की मांग कर रहा था जिसकी वाइस रिकार्डिंग मौजूद है। उन्होंने यह आरोप लगाया है कि अखिलानंद द्वारा फर्जी रूप से कूट करते हुए मेरे फेसबुक से फोटो लेकर उसको एडिट कर कूटरचित तरीके से हेराफेरी कर वाट्सएप ग्रुप पर पोस्ट किया गया है व लाकडाउन का उल्लघंन कर पुलिसकर्मी से शराब की मांग की गयी है।

राव की गिरफ्तारी के कुछ घंटे पहले पडरौना कोतवाली के इंस्पेक्टर पवन कुमार सिंह ने पत्रकार अखिलानंद राव के मोबाइल पर फोन किया था, जिसका ऑडियो खूब वायरल हो रहा है। वायरल हो रहे ऑडियो में कोतवाल पवन सिंह पुलिस का पावर बताते हुए पत्रकार से कह रहे हैं कि मुकदमा दर्ज हो गया है, अब गिरफ्तारी भी होगी। कोतवाल के मुंह से अपनी गिरफ्तारी की बात सुन पत्रकार राव ने कहा धमकी दे रहे हैं क्या इंस्पेक्टर साहब! इस पर कोतवाल पवन कुमार सिंह हंसते हुए बोलते हैं- नहीं… धमकी नहीं दे रहे, बता रहे हैं कि मुकदमा दर्ज हुआ है तो गिरफ्तारी भी होगी।

पत्रकार-कोतवाल की बातचीत के इस आडियो को क्रांतिकारी आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने साउंडक्लाउड पर भी पोस्ट किया है. सुनने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

उप्र श्रमजीवी पत्रकार यूनियन ने जनपद के पुलिस प्रशासन के इस षड्यंत्रकारी कार्य प्रणाली की निंदा की है। संगठन ने मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक व प्रेस काउंसिल आफ इण्डिया को पत्र भेजकर खबरों से क्षुब्ध होकर कुशीनगर पुलिस द्वारा पत्रकार अखिलानंद के साथ किये गये षड्यंत्रकारी कार्रवाई की मजिस्ट्रेटी जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

दीपक मिश्र की रिपोर्ट.

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