पिता की मौत के तुरंत बाद खेल पत्रकार का भी अस्पताल में निधन

अत्यंत दुखद खबर – ईटीवी की लॉन्चिंग से ही स्पोर्ट्स डेस्क का प्रभार संभालने वाले अनिल शर्मा का आज सुबह 3.30 बजे निम्स हैदराबाद में निधन हो गया। उन्हें निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। अनिल के निधन से कुछ घंटे पहले ही रात को उनके पिताजी का कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ था। मात्र 5 घंटे के अंदर घर के दो जिम्मेदार चले गए।

अनिल शर्मा

फेसबुक खोलते ही आज सुबह बेहद झकझोरने वाली खबर मिली। हमेशा जिंदादिली से गले लिपटने वाले अनिल शर्मा का रात करीब तीन बजे हैदराबाद में निधन हो गया।

अनिल शर्मा रामोजी राव के क्षेत्रीय हिंदी चैनलों की 2001 की शुरुआती टीम का हिस्सा थे। अनिल जी रामोजी राव के समय भी स्पोर्ट्स डेस्क पर थे और अभी मुकेश अंबानी के न्यूज 18 में भी स्पोर्ट्स डेस्क पर थे। खेल को पत्रकारिता में उतारने में उतने ही सजग जितना एक बैट्समैन रन बनाने के लिए मैदान पर होता है।

उनकी मौत की खबर जब हजम नहीं हुई तो हैदराबाद में अजीज जी और राजकुमार पाठक से बात की। पता चला कि करीब पांच दिन पहले उनके पिताजी को सांस लेने में तकलीफ होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके पिताजी को खाने का स्वाद भी पता नहीं चल रहा था। कल यानि 8 अगस्त की रात 11 बजे उनके पिताजी का देहांत हो गया।

अनिल शर्मा की तबीयत खराब होने के बाद उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। लेकिन अनिल जी भी उसी सुबह तीन बजे अलविदा कह कर चले गए।
बहुत याद आओगे दोस्त। खेल-खेल में ही अलविदा कह कर चले गए आप। परिवार को इस असीम दुख को सहने की शक्ति मिले।


ETV Founders के वॉट्सअप ग्रुप में सुबह 7 बजे आई एक दुखद ख़बर ने ETV के मौजूदा कर्मचारियों समेत उन सभी को गहरे सदमे में डूबो दिया, जिन्होंने ETV को करीब 18 साल पहले 2002 में लांच किया था। साल 2002 में ETV ने गुजराती, उड़िया भाषा और 4 हिन्दी भाषी राज्यों के लिए कुल 6 रिजनल टीवी चैनल लांच किए थे।

उस लांचिग टीम में स्पोर्ट्स डेस्क का प्रभार संभालने वाले वरिष्ठ पत्रकार अनिल शर्मा का आज सुबह 3.30 बजे निम्स हैदराबाद में निधन हो गया है।

उन्हें निमोनिया की शिकायत बताई गई थी। अनिल के निधन से कुछ घंटे पहले ही, रात को उनके पिताजी का कार्डियक अरेस्ट से निधन हुआ था। मात्र 5 घंटे के अंदर घर के दो जिम्मेदार चले गए।

मीडिया में 20 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले अनिल शर्मा, ETV से पहले हैदराबाद से छपने वाले हिन्दी समाचारपत्र, स्वतंत्र वार्ता में भी कई साल तक काम कर चुके हैं। दुनिया को अलविदा कहते समय भी वो ETV में ही कार्यरत थे।

अनिल शर्मा की पहचान हमेशा से ही एक जिंदादिल पत्रकार की रही है, जो कि तनाव और दवाब में भी हंसते हंसते काम करने की कला में माहिर थे।

पत्रकार अनिल कुमार और एडवोकेट पुष्पेंद्र की एफबी वॉल से।

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