आरएसएस के भैया जी, तुम्हारे पास इतना पैसा कहां से आता है?

विश्व दीपक-

हिंदुओं को सादा जीवन, उच्च विचार का फर्जी पाठ पढ़ाकर असल में उन्हें सांप्रदायिक बनाने वाले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संगठन के नेता, बीएल संतोष का ट्वीट देखिए.

इस तस्वीर में जो सबसे दिलचस्प चीज़ दिख रही है, वह है चश्मे का ब्रांड. आरएसएस कार्यकर्ता से बीजेपी नेता बने बीएल संतोष, लग्ज़री समान बनाने वाली फ्रेंच कंपनी कैर्टिय का चश्मा पहनते हैं जिसकी कीमत डेढ़ लाख से कम नहीं होगी.

जबकि चांदनी चौक में हज़ार-दो हज़ार में बहुत अच्छा चश्मा मिल जाता है. अगर इस ब्रांड का चश्मा अमिताभ बच्चन पहने, रणबीर कपूर पहने तो समझ आता है.

आरएसएस के भैया जी, तुम्हारे पास इतना पैसा कहां से आता है? बीएल संतोष कौन सी जॉब करते हैं? उनकी कमाई/ सैलरी कितनी है कि वो डेढ़ लाख का चश्मा पहन सकते हैं?

जाहिर सी बात है कि जनता को लूटकर इस फ्रॉड गिरगिटिया, परजीवी संगठन के लोग अय्याशी कर रहे हैं.

टाइमिंग भी ध्यान रखिएगा. यह सब उस वक्त हो रहा है जब एक किलो आटा की कीमत 50 की रुपए किलो तक पहुंच चुकी है. एक बड़ी आबादी को भरपेट, संतुलित खुराक नहीं मिल पा रही. रुपए की कीमत डॉलर के मुकाबले मोदी जी की उम्र से ज्यादा नीचे गिर चुकी है.

यह तो फिर भी कुछ कम था. याद ही होगा कि श्रीमान फकीरचंद का दोगलापन तो दस लाख से शुरू ही होता है. जिसकी पढ़ाई-लिखाई का कुछ पता ही नहीं,वह लाख रुपए की कलम से क्या लिखता होगा — समझ सकते हैं.

हिंदुत्व के इन दोगले भ्रष्ट आत्माओं से अपने आप को, अपने घर-परिवार को, दोस्तों-यारों को बचाइए!



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Comments on “आरएसएस के भैया जी, तुम्हारे पास इतना पैसा कहां से आता है?

  • Kya bakwas hai….
    Meri Salary 50 thousand hai magar mai bhi MontBlanc Pen use karta hu. Iska kya matlab hua? Mera to aisa koi job bhi nahi hai ki ulatfer kar saku. Shouk hai, Apani saving karke MontBlanc pen kharidi hai. LAMY ki puri range hai mere pas jise kisi ne gift ki hai.
    Or Bada brand hone se kya hota hai. Cartier glasses ki range India me 35000/- se suru hoti hai.
    Logical or Boudhik kami dhundhiye. Behave like “Ptrakar”. Chutbhaiye netao jaisi soch mat rakhiye.
    Lagata aapko sirf ye dikkat hai ki aapko kuch khane ko nahi mil raha ?

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  • Anshu yadav says:

    विद्या भारती और न जाने कितने rss उसके संगठन चलतेहैं जहां से उनकी पर्याप्त कमाई होती है
    दूसरी बात r.s.s. पर और कोई भी आरोप आप चाहे लगा लें लेकिन भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकते कारण यह कि आजादी के बाद से अब तक हर विपक्षी सरकार उनकी हर तरीके से जांच कर चुकी है और वह हर जांच में सौ परसेंट सही साबित हुए हैं जो कि इस संगठन के पूर्ण इमानदार होने का खुद में एक सर्टिफिकेट है
    और अंतिम बात भारत में आज इस संगठन के सबसे शक्तिशाली होने का मूल मंत्र ही उनकी ईमानदारी और अपनी विचारधारा के साथ जरा भी समझौता ना करना तथा पूरी मेहनत से अपने संगठन के लिए समर्पित रहने की भावना ही इनके आगे बढ़ने का मंत्र है
    एक छोटे पत्रकार के रूप में अभी तक मैं इनके विषय में जो जान पाया हूँ वह लिखा है

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