बलिया कांड के ख़िलाफ़ उबाल क़ायम, चंदौली-मुग़लसराय में भी पत्रकार सड़क पर उतरे

जुलूस निकाल कर पत्रकारो के रिहाई की मांग, बलिया जिला प्रशासन अपना रही तानाशाही रवैया

पीडीडीयू नगर। इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा के अंग्रेजी के पेपरलीक मामले में बलिया में गिरफ्तार पत्रकारों की रिहाई की मांग के समर्थन में नगर के पत्रकारों ने शुक्रवार की सुबह जुलूस ‌निकाला। नगर के सुभाष पार्क से शुरू हुआ जुलूस लाल बहादुर शास्त्री पार्क पहुंच कर समाप्त हुआ। यहां हुई सभा में पत्रकारों को तत्काल रिहा करने, बलिया में गिरफ्तार पत्रकारों की हो तत्काल रिहाई, मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई।

बलिया में तीन पत्रकारों की गिरफ्तारी का विरोध लगातार तेज हो रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार की सुबह दस बजे पत्रकार नगर के सुभाष पार्क में एकत्र हुए। यहां से बैनर लेकर जुलूस निकाला। जीटी रोड होते हुए जुलूस लाल बहादुर शास्त्री पार्क पहुंचा। यहां जुलूस सभा में परिवर्तित हो गई। सभा में पवन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों का काम है प्रशासन की नाकामी को उजागर करना। इसी काम के बदले तानाशाह जिला प्रशसन ने फर्जी तरीके से पत्रकारों पर मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।

इसका हर स्तर पर विरोध होना चाहिए। करुणपति तिवारी ने कहा कि पत्रकारों को एकजुट होकर इसके खिलाफ संघर्ष करने की जरूरत है। कृष्णा गुप्ता ने कहा कि 30 मार्च को यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्न पत्र लीक प्रकरण में बलिया के पत्रकारों को बलिया जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा फर्जी मुकदमा लगा कर गिरफ्तार करने की कारवाई को अनुचित व अन्यायपूर्ण है। इस प्रकरण मे बलिया जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध और दोषपूर्ण है।

सरदार महेन्द्र सिंह ने कहा कि पत्रकारों से बलिया के जिलाधिकारी ने स्वयं खबर की पुष्टि के लिए वायरल प्रश्नपत्र मांगा था। पत्रकारों ने पत्रकारिता की सजग भूमिका का निर्वाह करते हुए उनका सहयोग किया। दूसरी तरफ बलिया जिला प्रशासन ने पत्रकारों के खिलाफ अन्यायपूर्ण रूप से फर्जी मुकदमा कायम कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह अत्यंत निंदनीय है।

भागवत नरायन चौरसिया ने कहा कि यह लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर खतरा है। सभा में गिरफ्तार किए गए पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को अविलम्ब वापस ले कर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने, पेपर लीक प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को दंडित करने, पत्रकारों की गिरफ्तारी के प्रकरण मे बलिया जिला प्रशासन की संदिग्ध भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो और बलिया के जिलाधिकारी के खिलाफ कारवाई करने के साथ पत्रकार सुरक्षा कानून का निर्माण कर उसे लागू करने की मांग की। उपजा तहसील अध्यक्ष कमलजीत सिंह ने कहा कि सरकार पत्रकारों के खिलाफ तानाशाही रवैया अपना रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर राजीव गुप्ता, सुनील कुमार, अंकित गुप्ता, आशाराम यादव, राजेन्द्र प्रकाश, मृत्युंजय तिवारी, अजय राय , अजीत यादव, संदीप कुमार, अनिल पटेल,धर्मेंद्र गुप्ता, रौशन सिंह, सुनील केसरी,अब्दुल खालिक, लाल बहादुर, अशोक जा
जयसवाल, श्रीकांत, संता सिंह, कृष्ण मुरारी‌ म‌िश्र, रंधा सिंह, श्रीकृष्ण गोंड मौजूद रहे ।


बलिया में गिरफ्तार पत्रकारों की हो तत्काल रिहाई, उपजा पीडीडीयू तहसील इकाई ने सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा

पीडीडीयू नगर। बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट अंग्रेजी पेपर लीक प्रकरण में बलिया के पत्रकारों को गिरफ्तार करने के मामले में उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने आवाज मुखर की है। उत्तर प्रदेश जर्नलिस्ट एसोसिएशन पं दीनदयाल उपाध्याय नगर तहसील इकाई के बैनरतले पत्रकारों ने बिलरीडीह स्थित तहसील पर पहुंच कर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मनोज पाठक को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से पत्रकारों को तत्काल रिहा करने, मुकदमे को वापस लेने, डीएम के खिलाफ कार्रवाई करने, मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की।

ज्ञापन के माध्यम से कहा कि 30 मार्च को यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्न पत्र लीक प्रकरण में बलिया के पत्रकारों को बलिया जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा फर्जी मुकदमा लगा कर गिरफ्तार करने की कारवाई को अनुचित व अन्यायपूर्ण है। इस प्रकरण मे बलिया जिला प्रशासन की भूमिका संदिग्ध और दोषपूर्ण है। गिरफ्तार पत्रकारों से बलिया के जिलाधिकारी ने स्वयं खबर की पुष्टि के लिए वायरल प्रश्नपत्र मांगा था।

पत्रकारों ने पत्रकारिता की सजग भूमिका का निर्वाह करते हुए उनका सहयोग किया। दूसरी तरफ बलिया जिला प्रशासन ने पत्रकारों के खिलाफ अन्यायपूर्ण रूप से फर्जी मुकदमा कायम कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। यह अत्यंत निंदनीय है। यह लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर खतरा है।

ज्ञापन के मशयम से फर्जी मुकदमे मे गिरफ्तार किए गए पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मुकदमों को अविलम्ब वापस ले कर उनकी रिहाई सुनिश्चित करने, पेपर लीक प्रकरण की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कर असली दोषियों को दंडित करने, पत्रकारों की गिरफ्तारी के प्रकरण मे बलिया जिला प्रशासन की संदिग्ध भूमिका की उच्च स्तरीय जांच हो और बलिया के जिलाधिकारी के खिलाफ कारवाई करने के साथ पत्रकार सुरक्षा कानून का निर्माण कर उसे लागू करने की मांग की।

ज्ञापन सौंपने वालों में तहसील अध्यक्ष सरदार कमलजीत सिंह, महामंत्री सुनील कुमार, संगठन मंत्री अजीत यादव , मीडिया प्रभारी मृत्युंजय तिवारी, मंत्री अंकित गुप्ता, अनिल पटेल सहित वरिष्ठ सदस्य आशाराम यादव, राजेन्द्र कुमार, संदीप कुमार मौजूद रहे ।



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