दलितों और महिलाओं पर अत्याचार के खिलाफ लखनऊ में विरोध प्रदर्शन

लखनऊ : राजस्थान के नागौर जिले के गांव डंगवासा में 14 मई को दबंगों  द्वारा चार  दलितों की निर्मम हत्या व कई  लोगों को गंभीर रूप से घायल करने, उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के गांव बड़े हरेवा में 16 मई को पांच दलित महिलाओं को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाने के विरोध में भारतीय समन्वय संगठन (लक्ष्य) के कार्यकर्ताओं ने गत दिनो प्रदर्शन किया।  

लखनऊ में दलित अत्याचार के खिलाफ प्रदर्शन मार्च करते लक्ष्य के कार्यकर्ता

लखनऊ में जानकीपुरम के मुलायम तिराहे से चलकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक पैदल मार्च कर प्रदर्शनकारियों ने घटनाओं का विरोध किया। चिलचिलाती धूप के बावजूद इस विरोध प्रदर्शन रैली में महिलाओं ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। इंजीनियरिंग कॉलेज पर राष्ट्पति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, राजस्थान के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया। मांग की गई कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले और इस प्रकार की घटनो पर रोक लगे।

लक्ष्य की कमांडर रजनी सोलंकी ने कहा कि देश में आये दिन दलितों व महिलाओं  पर इस तरह के हमले  हो रहे हैं और दोषी सरेआम घूम रहे हैं। आज भी देश में दलित व महिलाएं अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रही हैं । लक्ष्य की कमांडर रेखा आर्या ने कहा कि आजादी के 68 वर्ष बाद भी दलित समाज गुलामी जीवन जीने के लिए विवश है। कमलेश सिंह ने कहा कि लक्ष्य के कार्यकर्त्ता दलित समाज पर किसी भी प्रकार के शोषण को बर्दाश नहीं करेंगे !  देश के किसी भी कोने में अगर महिलाओं के साथ घटना होती है तो लक्ष्य की कमांडर शांत नहीं बैठेंगी ! विरोध प्रदर्शन  रैली में संघमित्रा गौतम, मंजूलता आर्या, सुषमा बाबू , धम्मप्रिया गौतम,अंजू सिंह, राजकुमारी कौशल आदि ने भी हिसा लिया |

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