सड़क हादसे में घायल पत्रकार को इलाज के आखिरी मोर्चे पर मदद की सख्त जरूरत, स्वदेश न्यूज संस्थान ने लाखों रुपये दिए

भोपाल में स्वदेश न्यूज के डायरेक्टर संजय श्रीवास्तव और मैनेजिंग एडिटर आर पी श्रीवास्तव को जब पता चला कि उनके संवाददाता रोड हादसे में घायल हो गया है तो उन्होंने आनन फानन में भोपाल के प्रतिष्ठित अस्पताल सिद्धान्ता रेडक्रॉस हॉस्पीटल में भर्ती करवाया। आईसीयू में इलाज चला। इसके बाद दो मेजर फ्रैक्चर आपरेशन के लिए भोपाल फ्रेक्चर हॉस्पीटल में भर्ती करवाया गया है जहां पर उनका इलाज चल रहा है। स्वदेश न्यूज प्रबंधन ने अबतक लगभग 6 लाख रुपये तक का इलाज खुद उठाया। आज के समय में जब पत्रकारों को उनकी सेलरी तक मीडिया संस्थान नहीं देते हैं, ऐसे वक्त में स्वदेश न्यूज चैनल के प्रबंधन का ऐसा फैसला काबिले तारिफ है। उन्होंने आगे भी हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया। डायरेक्टर और मैनेजिंग एडिटर के दखल से ही बुरी तरह से घायल पत्रकारों का सही इलाज सम्भव हो पाया। सिद्धांता रेडक्रॉस हॉस्पीटल के डायरेक्टर डॉक्टर सुबोध वर्षेण्य के देख रेख में बेहतर इलाज चल रहा है।

लखनऊ में स्‍वदेश न्‍यूज चैनल के लिये कार्यरत रिपोर्टर घनश्‍याम चौरसिया और उनके साथी शिव ओम सैनी भोपाल जाते समय ललितपुर में हुए एक दर्दनाक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गये।

उल्‍टी तरफ से आ रहा ट्रक उनकी कार को टक्‍कर मारकर पीछे की तरफ धकेलते हुए पलट गया। इस हादसे में घनश्‍याम को तो चोटें आई हीं, उनके साथी पत्रकार शिव ओम बुरी तरह घायल हो गये।

ललितपुर जिला अस्‍पताल के डाक्‍टरों ने ओम की जिंदगी बचाने के लिये लखनऊ या भोपाल ले जाने की सलाह दी। ललितपुर से भोपाल की कम दूरी देखते हुए घनश्‍याम अपने साथी को लेकर भोपाल पहुंचे जहां उन दोनों का इलाज चल रहा है।

इलाज में लाखों रुपये खर्च हुए हैं। अभी तक का खर्च स्‍वदेश न्‍यूज चैनल प्रबंधन ने किया है। सैनी ने स्‍वदेश चैनल छोड़ दिया था, उसके बावजूद स्‍वदेश प्रबधंन ने इलाज में मदद दी है।

अब ओम का कूल्‍हे के ऑपरेशन एक दूसरे अस्‍पताल में हो रहा है, जहां उन्‍हें पैसों की जरूरत है। ओम की जिंदगी तो बच गई है, लेकिन वह अभी खतरे से पूरी तरह बाहर नहीं हुए हैं। अभी इलाज चल रहा है। इस समय ओम को मदद की जरूरत है। छोटी-छोटी मदद उनकी जिंदगी बचा सकती है।

अपने एक पत्रकार साथी का जो भी मदद करना चाहते हैं, वह मदद करें।

इस पूरे प्रकरण को लेकर घनश्याम चौरसिया ने सोशल मीडिया और वाट्सअप पर अपनों के लिए ये कुछ लिखा है-

सर,

मैं घनश्याम चौरसिया सीनियर रिपोर्टर स्वदेश न्यूज चैनल, राज्य मुख्यालय लखनऊ में कार्यरत हूं। शनिवार की रात को मैं लखनऊ से भोपाल अपने चैनल के ऑफिस आगामी यूपी चुनाव को लेकर मीटिंग में जा रहा था। रविवार दिनांक 10 अक्टूबर 2021 को सुबह 8:10 बजे बिरधा (Birdha) के पास मोड़ पर रॉन्ग साइड से आकर ट्रक (डंफ़र) जिसका रजिस्टरेशन नंबर “RJ 32 GC 2596” है ने हमारी वाहन हुंडई वेन्यू कार “UP 32 LT 8063” पर सीधा चढ़ा कर पीछे की तरफ लगभग 100 मीटर तक ढकेलते हुए ले गया। जिसके बाद ट्रक वहां रॉन्ग साइड से आ रहे ट्रक की रफ्तार इतनी तेज थी कि बगल के खाई में पलट गई। जिसके बाद हमारे साथी शिवओम सैनी और मैं बुरी तरह घायल हो गये। उल्टे साइड से आकर बीचो-बीच सीधे टक्कर मारने से साफ प्रतित हो रहा था कि ये कोई हादसा नहीं बल्कि मारने के नियत से गाड़ी उपर चढ़ाई गई थी। ट्रक से ड्राइवर निकल कर भाग गया। जिसके बाद मैं खुद 112 को कॉल करके मदद मांगी और इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल गया वहां से डॉक्टर ने स्थिति गम्भीर देखते हुए जिला अस्पताल ललितपुर के लिए रेफर कर दिया। स्थिति और गम्भीर होते गई जिसके बाद जिला अस्पताल के डॉक्टर ने भी रेफर करते हुए सलाह दी कि पीड़ित की स्थिति नाजुक है और इनको लखनऊ या भोपाल के बड़े अस्पताल में तुरंत इलाज करवायें नहीं तो जान जाने का खतरा बना हुआ है। जिसके बाद वहां से प्राइवेट एम्बुलेंस करते हुए भोपाल के सिद्धान्ता रेडक्रॉस सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और उनकी इलाज आईसीयू में चल रही है। स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है। इलाज करवाने को प्राथमिकता देते हुए अभी तक कोई भी कानूनी परिक्रिया करने में अस्पर्थ था।

आपसे निवेदन है कि स्थिति की गम्भीरता को देखते हुए न्यायोचित पीड़ित की मदद करें।

सधन्यवाद।


एक ये एफबी पोस्ट भी देखें जिसमें मदद के लिए लिंक है-

आखिरकार मैने क्राउड फ़डिंग का सहारा लेना उचित समझा, लज्जा-शर्म और समाज के नाम पर मर जाने से बेहतर है कि जीने के लिए मुंह खोल कर भीख मांग ले। अगर भीख मांग कर किसी की जान बच जाए तो मेरे लिए कोई गुरेज नहीं है। हालांकि इलाज में बहुत लम्बा बिल आया है, जिसका कोई अंदाज़ा नहीं लगा सकता। अंत के एक आपरेशन के लिए एक छोटी सी राशि के लिए अनुरोध कर रहा हूं। इस राशि से 5 गुना ज्यादा की राशि अभी तक इलाज में लग चुका है जिसे मेरे संस्थान ने व्यय किया है। ये इलाज दूसरे अस्पताल में चल रहा है। हम लोगों का दायित्व है बिल चुकाना। सम्भव हो तो मदद करें… लिंक ये है-

https://www.ketto.org/fundraiser/offer-a-helping-hand-to-support-shive-oms-treatment


दुर्घटना से संबंधित वीडियो देखने के लिए नीचे दिए लिंक पर क्लिक करें-

https://www.facebook.com/YourGhanshyam/posts/4268555386575492

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