मजीठिया वेज बोर्ड से घबड़ाये हिन्दुस्तान प्रबंधन ने कर्मचारियों से लिया त्यागपत्र

एक नयी कंपनी एच टी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड में कराया गया ज्वाईन

देश के प्रतिष्ठित अखबार हिन्दुस्तान से खबर आ रही है कि जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड के सुप्रीम कोर्ट में चल रहे अवमानना मामले से घबड़ाये प्रबंधन ने संपादकीय विभाग में कुछ संपादक लेबल के या पुराने लोगों को छोड़कर बाकी सभी से त्यागपत्र ले लिया है और इन सभी को एक नयी कंपनी एचटी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड में ज्वाईन करा दिया गया है। साथ ही जितने भी हिन्दुस्तान के संपादकीय विभाग के कर्मचारी हैं, अधिकांश से जबरी इस्तीफे पर साईन करा लिया गया है।

पहले इस कंपनी का नाम हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड था मगर अब एक नयी कंपनी खोलकर अखबार प्रबंधन ने उसका नाम रख दिया एचटी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड। इस नई कंपनी में जबरिया कर्मचारियों को पुरानी कंपनी से त्यागपत्र दिलाकर ज्वाईन करा दिया गया है। पता चला है कि दिल्ली, नोएडा, पटना, बनारस, कानपुर, लखनऊ सभी जगह यह कार्रवाई की गई है। इन सभी जगहोंसे खबर आ रही है कि पुरानी कंपनी में अब सिर्फ उन्ही लोगों को रखा गया है जो बहुत पुराने थे। बाकी सभी को नयी कंपनी में ज्वाईन करा दिया गया है। कर्मचारी भी बेचारे कंपनी प्रबंधन के दबाव में साईन करने को मजबूर हो गये।

सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि पुरानी कंपनी का जहां पटना में पता अशोक सिनेमा है वहीं नयी कंपनी का कागज पर कुछ और पता है, मगर काम पुराने पते पर ही हो रहा है। सूत्र तो यहां तक बता रहे हैं कि हिन्दुस्तान प्रबंधन ने एक नया तरकीब खोजा है और वह ये है कि वह यह साबित करना चाहती है कि वह डिजिटल कंपनी से खबरें खरीद रही है और उस डिजिटल कंपनी के कर्मचारी मजीठिया वेज बोर्ड के दायरे में नहीं आते क्योंकि अभी तक वेब और टीवी के कर्मियों को वेज बोर्ड के दायरे में रखा ही नहीं गया है। मजीठिया वेज बोर्ड सिर्फ प्रिंट मीडिया के कर्मचारियों पर लागू होता है। इस हिंदुस्तान प्रबंधन एक तीर से दो निशाने साध रहा है। नई नियुक्ति करके वह खर्चे बचा रहा है। साथ ही वेज बोर्ड के दायरे से भी कर्मचारियों को बाहर रखने की तरकीब निकाली है।

इस नई डिजिटल कंपनी एच टी डिजिटल स्टीम्स लिमिटेड से खरीदी गयी खबर को एच टी मीडिया वेंचर में मौजूद सात या आठ कर्मचारी ही बना रहे हैं। कंपनी ने जिन लोगों से इस्तीफे पर साईन कराया है उनको मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ नहीं दिया। सीधे सीधे कहें तो जिन कर्मचारियों ने इस कागजात पर साईन किया है उनका हाथ कंपनी ने काट लिया है। हिन्दुस्तान मीडिया वेंचर्स के कई एडिशनों से ऐसी ही खबरें आ रही हैं जिससे यहां कर्मचारियों में हड़ंकप का माहौल है। हालांकि कानून के कई जानकारों का कहना है कि इसका भी तोड़ है और जल्द ही इस बारे में विस्तार से चर्चा की जाएगी। 

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आरटीआई एक्सपर्ट
मुंबई
९३२२४११३३५

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