‘इंडिया न्यूज’ और ‘न्यूज एक्स’ में कत्लेआम, 9 कैमरामैन कर दिए गए बाहर

मनु शर्मा तिहाड़ जेल से रिहा हो गए. इसकी खुशी इस ग्रुप के न्यूज चैनलों के इंप्लाई ठीक से बांट पाते, उसके पहले ही 9 कैमरामैनों के पेट पर लात मार कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. एक तरह से इनके करियर का मर्डर कर दिया गया. कोरोना और लाकडाउन में फिलहाल ये कैमरामैन अपनी कई महीनों की बकाया सेलरी पाने के लिए एचआर वालों व संपादकों से गुहार लगा रहे हैं.

ज्ञात हो कि इंडिया न्यूज और न्यूज एक्स चैनलों के मालिक कार्तिकेय शर्मा हैं जो जेसिका लाल मर्डर केस में तिहाड़ में बंद रहे मनु शर्मा के भाई हैं. मनु शर्मा को उनके अच्छे आचरण के आधार पर जेल से रिहा कर दिया गया. इस बात से चैनल में कार्यरत कर्मी भी खुश थे. लेकिन कैमरामैन देर तक खुश नहीं रह पाए. चैनल प्रबंधन ने इन कैमरामैनों को बिना कोई वजह बताए एकसाथ चलता कर दिया.

इन कैमरामैन को सेलरी भी नहीं दी गई है. एक कैमरामैन ने भड़ास को फोन कर बताया कि जब वे सेलरी की मांग करते हैं तो एचआर के लोग कहते हैं कि पहले मेल पर इस्तीफा लिखकर भेज दो तो फिर सेलरी की बात करते हैं. इंडिया न्यूज और न्यूज एक्स में दर्जनों लोगों को तब भी सेलरी नहीं मिली जब उन्होंने लिखकर इस्तीफा दे दिया.

जो कैमरामैन हटाए गए हैं उसमें एक संजीत कुमार हैं जो वर्ष 2013 से चैनल के साथ थे. सात साल सेवा देने का सिला ये मिला कि एक दिन इन्हें बिना कुछ बताए चैनल से बाहर फेंक दिया गया. कैमरामैन संतोष सिंह वर्ष 2019 से चैनल के साथ थे. सरद पारीक वर्ष 2013 से इस ग्रुप के साथ थे. इसी तरह दो अन्य साथी पांडेय व अवस्थी भी 2013 से चैनल के साथ कार्यरत थे. कृपाल नेगी इस ग्रुप के हिस्से वर्ष 2014 में बने थे. कपिल सोलंकी की ज्वायनिंग वर्ष 2013 में हुई थी. ये सभी साथी बिना कारण बताए चैनल से बाहर कर दिए गए हैं.

इन सभी हटाए गए कैमरामैन में से किसी की चार महीने की सेलरी बकाया है तो किसी की तीन महीने की. किसी किसी को पांच महीने तक की सेलरी नहीं मिली है. एचआर में कार्यरत नरेश नामक बंदे ने सबको कहा है कि आप लोग रिजाइन करो तब सेलरी देंगे. चैनल के गेट पर खड़ा गार्ड इनमें से किसी कैमरामैन को अब अंदर नहीं जाने दे रहा है. आफिस के भीतर न कोई एचआर वाला बंद बैठ रहा और न ही मालिक बैठ रहा है. संपादक लोगों ने मुंह सिल रखा है. ये संपादक लोग संवेदना की बात टीवी स्क्रीन पर तो करते हैं लेकिन इन्हें अपने आसपास पसरी संवेदनहीनता नहीं दिखती.

सभी 9 कैमरामैन मिलकर श्रम न्यायालय में केस डालने की तैयारी कर रहे हैं. इसके लिए ये लोग श्रम मामलों के जानकार विशेषज्ञ वकील से सलाह मशविरा कर रहे हैं. कैमरामैनों की हक की इस लड़ाई में कई बड़े नामचीन वकील सामने आने को तैयार दिख रहे हैं.

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