अगर आप पांडेय जी हैं तो लुटने-पिटने के बावजूद यूपी के थाने में नहीं लिखी जाएगी एफआईआर!

Sushant Jha : मुझे पहले भी लगता था कि Akhilesh Yadav उतने बुरे आदमी नहीं है और ट्विटर का असर वाकई धीरे-धीरे हो रहा है.  ताजा घटना सुनिए. Kumar Alok में वरिष्ठ संवाददाता है DD News में. हमारा पुराना परिचय है, हालांकि वे आभासी रूप से बाएं बाजू वाले हैं. कल उनके साथ लूटपाट हुई, हमला हुआ और वे जख्मी हो गए.

बहन के यहां से इंदिरापुरम्(गाजियाबाद) के ज्ञानखंड से लौट रहे थे. तभी अपराधियों ने हमला किया. जो कुछ साथ में था-मसलन मोबाइल, घड़ी, कुछ रोकड़े-सब छीन लिये और प्रतिरोध करने पर जबर्दस्त पिटाई की. जैसे-तैसे पास के अस्पताल गए और सिर में टांके लगवाए. किसी का मोबाइल मांगकर परिवार को फोन किया. पुलिस में शिकायत करने पर पहले नाम पूछा गया. नाम बताया- कुमार आलोक, पिता का नाम-सिद्धेश्वर पांडे.

“ओहो पांडेयजी हैं! अरे महाराज, जाइये इलाज-बिलाज करवाइये ठीक से. कहां पड़े हुए हैं थाना के चक्कर में”.

जाहिर है FIR नहीं लिखी गई.

अभी कुछ देर पहले Manjit Thakur ने ट्वीट किया जिसमें यूपी के आलाअधिकारी, CM अखिलेश और बसपा को टैग किया गया. मैंने भी रिट्वीट किया.

खबर है कि संबंधित थाना क्षेत्र के ASI और दो पुलिस कांस्टेबुल सस्पेंड कर दिए गए हैं.

देश अलग अंदाज में बदल रहा है. जाति के नाम पर न्याय नहीं देनेवाले भी बदस्तूर मौजूद हैं. लेकिन काम करनेवाले भी धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं.

पत्रकार सुशांत झा की एफबी वॉल से. उपरोक्त स्टेटस पर आए कुछ प्रमुख कमेंट्स इस प्रकार हैं….

मनोहर झा यूपी है साहेब .. खुद को सुलझाने में इतने व्यस्त है अखिलेश बाबु की शहर में क्या हो रहा है कुछ पता नहीं और ये वही यूपी है जहाँ जाति देख के थानेदार नियुक्त किये जाते है।

Kumar Devbrat भैया कुछ हो सका इसका कारण न तो ट्विटर है और न ही देश का बदलना,कुछ हो सका इसका कारण सिर्फ और सिर्फ आने वाला यूपी चुनाव है !

Sushant Jha ट्विटर-वा न होता तो चुनावी मौसम में भी सुनता कौन? और सुनाता कौन?

Kumar Devbrat जी माध्यम है कारण तो फिर भी चुनाव ही माना जाएगा,नहीं तो अखिलेश यादव के राज में बलात्कार भी लड़कों की सिर्फ गलती भर मानी जाती है!

Bhaskar Jha Aap ke twit karne se police wale suspend hue…sahi bat ye hai ki indra puram thane ka bura haal hai.. ek jankar ke flat me chori ki koshish hui, to police kahti hai ki gahr ka dhyan kyo nahi rakhte… SO shayad Gorakhnath yadav hai…

N Vishwas Vishwas Thana in charge ka surname pata karwaiye sab kude pata chal jayega .

Harshit Bhardwaj प्रश्न ये है की आलोक जी पत्रकार न होते, मंजीत जी और आपका सहयोग न होता तब भी यही होता?

Ashish Tiwari 16 करोड़ यूपी वालों के लिए कौन कौन ट्वीट करेगा???…

Ritesh Verma यूपी में हर जिले की पुलिस का वेरिफाइड ट्विटर हैंडल है. वेबसाइट वाले भी अगर किसी खबर पर उनको टैग करते हैं तो वो फटाफट डिटेल रिप्लाई करते हैं कि क्या एक्शन लिया गया है, क्या हो रहा है.

Amit Ganguly Halanki Ritesh Bhaiya, har bio me likha hota hai “Don’t report crime here. Not monitored 24X7.” Issi se hausla toot jata hai

Sanjay Mehta सब बीमारी चहचहाने से दूर होगी क्या?

पंकज कुमार झा आपके इस ख़बर का अखिलेश के अच्छे या बुरे होने से सम्बंध नही है. ज़ाहिर है बात ऊपर तक पहुँची और शायद पत्रकार का मामला होने के कारण करवाई हो गयी. अन्यथा यह वाक्य यही दिखाता है कि यूपी का एक एक अमला न्याय देने से पहले जाति देखता है, ग़ैर मुस्लिम ग़ैर यादव के लिए आज वहां जीना रोज़ का संघर्ष है.

Gaurav Tripāthi क्यों सम्बंध नहीं है..?? ट्विटर पर उत्तर प्रदेश पुलिस किसके मार्गदर्शन और दिशानिर्देश पर आयी..

Pooja Nagar Mavi यूपी में घुस के अपने कपड़े लत्ते समेत बाहर निकल आए… गनीमत समझिए

Bhaskar Jha लूटपाट गाजियाबाद का श्रृंगार है ….घबरायें नहीं

Mukul Shrivastava बस कुछ महीने और इनको बूझ जाएगा कैसे पुत्तर प्रदेश की जनता इनका कल्याण करेगी |

Shivam Bhatt UP पुलिस की डिजिटल विंग गजब ढाए है। तीन लोगों का दिमाग है इसके पीछे। लखनऊ के आईजी सतीश गणेश, dgp और dgp के PRO राहुल श्रीवास्तव। कंप्लेंट के लिए थाने जाना बेवकूफ़ी है अब।

Radhey Shyam Yadav Ye Jatiwadi Log police hi nahi har Jagah Mil Jayenge Jo Sarkar ke Adheen Kam kar rahe hain wo kaam hi nahi karna chahte

Bishwajeet Jha पूरे यूपी में पुलिस स्टेशन जाने पर fir नही होता जब तक आपका पहचान बड़े लोग और अधिकारी से न हो fir करता ही नही यूपी पुलिस

Bishwajeet Jha देश का दुर्भाग्य ही समझे फ़िर इस तरह का व्यवहार पुलिस नागरिक के साथ करता हैं राज्य सरकार कों इस विषय में गंभीरता लेना चाहिये

Shaneer N Siddiqui यूपी के खासकर लखनऊ के कई पत्रकारों की यह धारणा है कि अखिलेश तो काम करना चाहते हैं (कुछ मोदी सरकार के hightech culture का भी असर है) … लेकिन चाचा और भतीजा से परेशान हैं। लेकिन एक दूसरा पहलू भी है कि चाचे नहीं होते हैं तो ……IAS और दीगर अफसर लॉबी उनको टोपी भी बहुत पहनाती है.

Neetu Singh Mai kumar alok ki choti bahan nitu jo KAL merai Bhai kea sath ko hadsa Hua dus din pehalai merai sath wahi chain snatching Hua police aay ram aur gaie ram

Satrumardan Singh Pulak भाई दुखद है।कार्यवाही हुई ठीक है परन्तु किस -2बात की शिकायत मुख्यमंत्री से करे।

Salman Faheem अखिलेश यादव चक्रव्यूह में फंसे अभिमन्यु हैं भइय्या, युवाओं में उनकी छवि अच्छी है पर तब भी सपा जीतेगी नहीं।

Ambuj Pandey सटीक उपमा दिया आपने।यदि अभिमन्यु हैं तो परिणति बड़ी दुःखद होने वाली है।कोई महारथी बचा नहीं पाया था अभिमन्यु को।

Kapil Sharma ब्राह्मण है तो जीने का हक़ कहाँ है लोकतंत्र मे……2000 सालों के गुनाहगार जो ठहरे…….मैंने भी प्रशासनिक जातिवाद झेला है

Prashant Krishen क्या यह घटना 10 तारिख के रात की हैं क्या ?

Shreesh Chandra Singh उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था की त्रासद स्थिति।

संजय कुमार झा ‘रिक्थ’ ध्यान रखिये…हमेशा चुनाव सर पर नहीं होता….फिर भी धन्यवाद तो बनता है

Amit Ganguly जन धन के बाद अब गांव वालों का ट्विटर खाता भी खुल जाना चाहिए. वैसे गाजियाबाद दिल्ली के पास है. जितना अंदर घुसेंगे उतना ही दलदल है.

Vishal Bhasin बहुत बुरा हुआ। आलोक जी भी लपेटे में आ गए….ये उत्तरप्रदेश ज़मीन का अन्याय है एक पत्रकार के साथ

Shachindra Trivedi mere sath Patna High Court ke pas 3 ladkon ne pistol dikha kat lootpat ki. par 3 din tak daudne par bhi FIR nahi kiya. 2003 ki ghatna hai.

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