आज रिलीज हुई फिल्म ‘जेडी’ की कहानी तरुण तेजपाल की आपबीती है!

फोटो जर्नलिस्ट शैलेंद्र पांडेय की यह फिल्म मीडिया की एक कहानी पर आधारित है… अमर सिंह ने भी किया है अभिनय… भड़ास4मीडिया डॉट काम डिजिटल पार्टनर है….

Pankaj Shukla : बहुत ख़ास है ‘जेडी’… फोटो जर्नलिस्ट शैलेन्द्र पांडे की फिल्म ‘जेडी’ आज रिलीज़ हो रही है। शैलेन्द्र से मेरा नाता लगभग दो दशक पुराना है। दैनिक जागरण में कई वर्ष मेरे सहयोगी रहे। यह हमेशा से तय था कि शैलेन्द्र भीड़ का हिस्सा नहीं रहने वाले। कैमरे के पीछे से जो एंगल शैलेन्द्र को दिखता था वो साबित करता था कि उन्नाव के बीघापुर से निकला यह चेहरा किसी हादसे के तहत पत्रकारिता में नहीं आया है।

अपनी काबलियत के बूते शैलेन्द्र ने फोटो जर्नलिज़्म में उम्मीद के मुताबिक़ मुकाम हासिल भी किया। शैलेन्द्र एक पूरी कॉमर्शियल फिल्म बनाने की हिम्मत, एक सामान्य नौकरीपेशा पत्रकार के लिहाज से मैं तो इसे दुस्साहस कहूंगा, कर बैठेंगे इसकी उम्मीद वाकई नहीं थी। उन्होंने अपना यह प्रोजेक्ट कैसे पूरा किया, इसकी चर्चा फिर कभी। प्रसून जोशी जैसे कथित संवेदनशील गीतकार की अगुवाई वाले सेंसर बोर्ड में प्रोमो पास करवाने तक के लिए किस कदर जूझना पड़ा, यह थक-हार कर प्रसून को लिखी गयी शैलेन्द्र की खुली चिट्ठी से जाहिर हो चुका है। ना करोड़ों खर्च के प्रमोशन हैं और ना ही कोई नामी-गिरामी डिस्ट्रीब्यूटर। बस है तो हमारे- आपके जैसे एक सामान्य परिवार से जुड़े व्यक्ति का हौसला और क्रिएटिविटी। ‘जेडी’ की कहानी को तरुण तेजपाल की आपबीती से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, शैलेन्द्र ने हमेशा इससे इनकार किया है।

‘जेडी’ तमाम वजहों से ख़ास है। मीडिया में काम करने वालों के लिहाज से कहूं तो पूरी बिरादरी को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। इसलिए क्योंकि यह मीडिया की दुनिया पर मीडिया के आदमी ने बनाई है। दूसरी बड़ी वजह यह भी कि ‘जेडी’ हमारे एक साथी द्वारा सब-कुछ दांव पर लगा कर तैयार कृति है। रीढ़ की हड्डी निकालकर नौकरी चलाने के लिए नौकरी कर रहे मीडिया कर्मी तो जरूर देखें शायद कुछ नया करने की प्रेरणा मिल जाए। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके लिविंग कैरेक्टर्स हैं। शैलेन्द्र ने अपने कौशल से संजय दत्त को सजा सुनाने वाले जज पीडी कोड़े से फिल्म में जज का रोल करवा लिया।

यह भी इत्तेफाक है कि आज 22 सितम्बर को संजय दत्त फिल्म ‘भूमि’ के जरिये बॉलीवुड में वापसी कर रहे हैं। वहीँ उन्हें सलाखों पीछे पहुंचाने वाले जस्टिस कोड़े ‘जेडी’ के जरिये डेब्यू कर रहे हैं। इसके अलावा राजनेता अमर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान और रतनमणि लाल के अलावा आत्महत्या की कोशिश करके सुर्ख़ियों आयीं इंडिया टीवी की पूर्व एंकर तनु शर्मा समेत कई चेहरे आपको ‘जेडी’ में अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाते मिलेंगे। www.bhadas4media.com के यशवंत सिंह ने ‘जेडी’ का डिजिटल मीडिया पार्टनर बनकर हमेशा की तरह अपना फर्ज निभाया है। हम सब फिल्म को सफल बनाकर अपने साथी शैलेन्द्र पांडे का हौसला बढ़ाएं ताकि शैलेन्द्र भविष्य में कुछ नया रच सकें और कुछ नया करने की सोच रहे मीडिया की दुनिया के कुछ और शैलेन्द्र आगे बढ़ने की हिम्मत जुटा सकें।

वरिष्ठ पत्रकार पंकज शुक्ल की एफबी वॉल से.

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Comments on “आज रिलीज हुई फिल्म ‘जेडी’ की कहानी तरुण तेजपाल की आपबीती है!

  • Akhilesh Kumar says:

    निश्चित ही एक नौकरी पेशा पत्रकार का यह कदम दुस्साहसपूर्ण है। बाद में यह जरूर बतायें कि यह दुस्साहस हुआ कैसे? फिल्म में क्या है यह मीडिया जगत की कैसी कलई खोलती है फिल्म देखनें के बाद ही पता लगेगा। मगर एक बात,अगर नवांगुत पत्रकारों की बात उनकी पीड़ा,शोषण फिल्म में नहीं होना खलेगा।

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