मीडिया केंद्रित फिल्म ‘JD’ में कई पत्रकारों ने किया काम, गिना रहे हैं डायरेक्टर शैलेंद्र पांडेय सबके नाम (देखें वीडियो)

मीडिया पर जोरदार फ़िल्म ‘जेडी’ बनाने वाले शैलेन्द्र पांडेय ने निकाली अपनी भड़ास। उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को कठघरे में खड़ा किया। कई असली पत्रकारों ने फिल्म में पत्रकार का किरदार निभाया है। तो, फ़िल्म में किन-किन असली पत्रकारों ने रोल किया, उन सबके नामों का किया खुलासा किया। शैलेंद्र पांडेय से बातचीत की भड़ास के संपादक यशवंत सिंह ने।

शैलेंद्र कानपुर के बगल के जिले उन्नाव के रहने वाले हैं। फिलहाल राजस्थान पत्रिका समूह में नेशनल फोटो एडिटर हैं। उन्हें फोटो जर्नलिज्म के लिए रामनाथ गोयनका एवार्ड भी मिल चुका है। ‘जेडी’ शैलेंद्र की पहली फिल्म है। पूरा बातचीत के जरिए आप ‘जेडी’ फिल्म बनने की प्रक्रिया से लेकर शैलेंद्र पांडेय के जीवन-करियर आदि के बारे में भी जान सकते हैं। देखें वीडियो…

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JD फिल्म में मजीठिया वेज बोर्ड का मुद्दा भी है, पढ़िए यशवंत का रिव्यू (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : जबरदस्त है JD फ़िल्म। मीडिया का नंगापन देखना हो तो इसे ज़रूर देखें। Shailendra Pandey ने अपनी पहली ही फ़िल्म में कमाल कर दिया है। फिल्म की पब्लिसिटी न हो पाने से दर्शक कम आए पहले दिन लेकिन जो भी गया, पूरा देख कर ही निकला। फ़िल्म का डिजिटल पार्टनर भड़ास4मीडिया है। ऐसी पोलखोल वाली फिल्म से भड़ास का जुड़ना सबको अच्छा लगा। एनसीआर समेत कई शहरों में फ़िल्म को थियेटर में रिलीज करा ले जाना एक नए और कम बजट वाले फिल्मकार शैलेन्द्र के लिए उपलब्धि है। फिल्म में मजीठिया वेज बोर्ड का भी जिक्र है, जो एक साहस भरा काम है।

किस शहर में और किस टाइम पर देख सकते हैं फिल्म JD, उसका विववरण…

फ़िल्म कमाई भले न ठीकठाक कर पाए लेकिन पत्रकारिता के असली चेहरे को उजागर करने वाली सबसे जोरदार फिल्म के बतौर सिनेमा के इतिहास में याद रखी जाएगी। कैमरे का कमाल पूरी फिल्म में दिखता रहता है। लखनऊ प्रेस क्लब से लेकर दिल्ली, कानपुर, मुंबई के चिर परिचित लोकेशन्स हम जैसे भटकने वाले पत्रकारों को बरबस सारी पुरानी यादें ताज़ा कराते हैं। अगर आप मीडिया की दुनिया को समझना चाहते हैं तो ये फिल्म मस्ट वॉच की कैटगरी में आती है। गाने शानदार हैं। फ़िल्म को तहलका मैग्ज़ीन और तरुण तेजपाल कांड को ध्यान में रखकर देखेंगे तो बहुत कुछ समझ में आ जाएगा। एक बार फिर से शानदार फ़िल्म के लिए शैलेन्द्र पांडे और उनकी पूरी टीम को बधाई।

टाइम्स आफ इंडिया अखबार ने जेडी फिल्म को न देखने की सलाह दी है। ऐसा क्यों? इसका खुलासा कर रहे हैं यशवंत सिंह. नीचे दिए वीडियो को क्लिक करें :

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह की एफबी वॉल से.

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आज रिलीज हुई फिल्म ‘जेडी’ की कहानी तरुण तेजपाल की आपबीती है!

फोटो जर्नलिस्ट शैलेंद्र पांडेय की यह फिल्म मीडिया की एक कहानी पर आधारित है… अमर सिंह ने भी किया है अभिनय… भड़ास4मीडिया डॉट काम डिजिटल पार्टनर है….

Pankaj Shukla : बहुत ख़ास है ‘जेडी’… फोटो जर्नलिस्ट शैलेन्द्र पांडे की फिल्म ‘जेडी’ आज रिलीज़ हो रही है। शैलेन्द्र से मेरा नाता लगभग दो दशक पुराना है। दैनिक जागरण में कई वर्ष मेरे सहयोगी रहे। यह हमेशा से तय था कि शैलेन्द्र भीड़ का हिस्सा नहीं रहने वाले। कैमरे के पीछे से जो एंगल शैलेन्द्र को दिखता था वो साबित करता था कि उन्नाव के बीघापुर से निकला यह चेहरा किसी हादसे के तहत पत्रकारिता में नहीं आया है।

अपनी काबलियत के बूते शैलेन्द्र ने फोटो जर्नलिज़्म में उम्मीद के मुताबिक़ मुकाम हासिल भी किया। शैलेन्द्र एक पूरी कॉमर्शियल फिल्म बनाने की हिम्मत, एक सामान्य नौकरीपेशा पत्रकार के लिहाज से मैं तो इसे दुस्साहस कहूंगा, कर बैठेंगे इसकी उम्मीद वाकई नहीं थी। उन्होंने अपना यह प्रोजेक्ट कैसे पूरा किया, इसकी चर्चा फिर कभी। प्रसून जोशी जैसे कथित संवेदनशील गीतकार की अगुवाई वाले सेंसर बोर्ड में प्रोमो पास करवाने तक के लिए किस कदर जूझना पड़ा, यह थक-हार कर प्रसून को लिखी गयी शैलेन्द्र की खुली चिट्ठी से जाहिर हो चुका है। ना करोड़ों खर्च के प्रमोशन हैं और ना ही कोई नामी-गिरामी डिस्ट्रीब्यूटर। बस है तो हमारे- आपके जैसे एक सामान्य परिवार से जुड़े व्यक्ति का हौसला और क्रिएटिविटी। ‘जेडी’ की कहानी को तरुण तेजपाल की आपबीती से भी जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, शैलेन्द्र ने हमेशा इससे इनकार किया है।

‘जेडी’ तमाम वजहों से ख़ास है। मीडिया में काम करने वालों के लिहाज से कहूं तो पूरी बिरादरी को यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए। इसलिए क्योंकि यह मीडिया की दुनिया पर मीडिया के आदमी ने बनाई है। दूसरी बड़ी वजह यह भी कि ‘जेडी’ हमारे एक साथी द्वारा सब-कुछ दांव पर लगा कर तैयार कृति है। रीढ़ की हड्डी निकालकर नौकरी चलाने के लिए नौकरी कर रहे मीडिया कर्मी तो जरूर देखें शायद कुछ नया करने की प्रेरणा मिल जाए। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसके लिविंग कैरेक्टर्स हैं। शैलेन्द्र ने अपने कौशल से संजय दत्त को सजा सुनाने वाले जज पीडी कोड़े से फिल्म में जज का रोल करवा लिया।

यह भी इत्तेफाक है कि आज 22 सितम्बर को संजय दत्त फिल्म ‘भूमि’ के जरिये बॉलीवुड में वापसी कर रहे हैं। वहीँ उन्हें सलाखों पीछे पहुंचाने वाले जस्टिस कोड़े ‘जेडी’ के जरिये डेब्यू कर रहे हैं। इसके अलावा राजनेता अमर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान और रतनमणि लाल के अलावा आत्महत्या की कोशिश करके सुर्ख़ियों आयीं इंडिया टीवी की पूर्व एंकर तनु शर्मा समेत कई चेहरे आपको ‘जेडी’ में अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाते मिलेंगे। www.bhadas4media.com के यशवंत सिंह ने ‘जेडी’ का डिजिटल मीडिया पार्टनर बनकर हमेशा की तरह अपना फर्ज निभाया है। हम सब फिल्म को सफल बनाकर अपने साथी शैलेन्द्र पांडे का हौसला बढ़ाएं ताकि शैलेन्द्र भविष्य में कुछ नया रच सकें और कुछ नया करने की सोच रहे मीडिया की दुनिया के कुछ और शैलेन्द्र आगे बढ़ने की हिम्मत जुटा सकें।

वरिष्ठ पत्रकार पंकज शुक्ल की एफबी वॉल से.

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JD फिल्म का डिजिटल पार्टनर है भड़ास4मीडिया डॉट कॉम (देखें वीडियो)

22 सितंबर 2017 को रिलीज हो रही फिल्म JD का डिजिटल पार्टनर भड़ास4मीडिया डाट काम है. भड़ास के संस्थापक और संपादक यशवंत बता रहे हैं वो तीन वजह जिसके चलते हम सभी को ये फिल्म देखने के लिए थिएटर जाना चाहिए. देखें संबंधित वीडियो…

https://www.youtube.com/watch?v=_izRF4GD-Hc

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प्रसून जोशी की हरकत से एक नया फिल्म निर्माता-निर्देशक रो पड़ा!

प्रसून जोशी के सेंसर कार्यकाल में पहला विवाद, जेडी के निर्माता-निर्देशक ने लिखी खुली चिट्ठी… शुक्रवार को रिलीज होने जा रही फिल्म जेडी के निर्माता-निर्देशक शैलेन्द्र पाण्डेय ने सेंसर बोर्ड के नवनियुक्त अध्यक्ष प्रसून जोशी को खुला पत्र लिख कर कहा है कि सीबीएफसी की कार्यपद्धति में सुधार करें। उसे नए निर्देशक-निर्माताओं के लिए आसान बनाएं। प्रसून को लिखे एक मार्मिक पत्र में पाण्डेय ने कहा कि बीती छह सितंबर को उन्होंने फिल्म के प्रोमो-ट्रेलर के सेंसर के लिए आवेदन भेजा था, मगर अभी तक यह काम नहीं हुआ है।

14 सितंबर को सेंसर की वेबसाइट पर लिख कर आ गया कि प्रोमो-ट्रेलर को चेयरमैन ने रिजेक्ट कर दिया है। इसकी कोई वजह भी नहीं बताई। 15 सितंबर को पाण्डेय ने सेंसर बोर्ड के अधिकारियों और प्रसून से मुलाकात की मगर कोई नतीजा नहीं निकला। अब फिल्म की रिलीज के मात्र दो दिन रह गए हैं और इसके ट्रेलर-प्रोमो टीवी पर नहीं चल सके हैं। शैलेंद्र का कहना है कि वह प्रसून जोशी की लालफीताशाही वाली कार्यशैली और असंवेदनशील हरकत के कारण रो पड़े। शैलेन्द्र पाण्डेय द्वारा प्रसून जोशी को लिखा गया मूल पत्र इस प्रकार है…

श्री प्रसून जोशी,
अध्यक्ष, सीबीएफसी
नमस्कार

आपको जानकर खुशी होगी कि मेरी फिल्म जेडी 22 सितंबर, शुक्रवार को सिनेमाघरों में लग रही है। यह मेरी पहली फिल्म है, जो मेहनत की गाढ़ी कमाई से बनाई है। लेकिन दुख की बात है कि फिल्म का ट्रेलर/प्रोमो किसी टीवी चैनल पर कोई नहीं देख पाया। इसकी वजह है कि सेंसर बोर्ड ने बिना कोई कारण बताए इसे पास नहीं किया। बीती 14 सितंबर को सेंसर बोर्ड की वेबसाइट पर दिखाया गया कि इसे चेयरमैन ने रिजेक्ट कर दिया है। मैंने आपके दफ्तर के चक्कर काटे तो एक अधिकारी दूसरे अधिकारी के पास भेजता रहा। फुटबॉल की तरह किक करता हुआ। अंततः आपसे मुलाकात हुई तो आपने कहा कि मैं दिखवाता हूं। आपने क्या दिखवाया, उसकी अभी तक कोई खबर नहीं।

मैं एक श्रमजीवी फोटो जर्नलिस्ट हूं। कैमरे की आंख से स्टिल फोटोग्राफी करते हुए फिल्म बनाने का सपना सच करने के लिए किस तरह अपना सब कुछ दांव लगा कर मैंने हिम्मत जुटाई, एसी दफ्तरों में बैठ कर प्रोफेशल जिंगल और तुक-बेतुक कविताएं लिखने वाले नहीं समझ सकेंगे। फिल्म जेडी पिछले साल श्री पहलाज निहलानी के अध्यक्षीय कार्यकाल में सेंसर हुई थी। आप जानते हैं कि फिल्म रिलीज करना कितना मुश्किल है। जीवन की आपाधापी में सैकड़ों बाधाएं पार करके अंततः 22 सितंबर रिलीज डेट फिक्स की। आगे की कहानी रोचक है।

ट्रेलर/प्रोमो सेंसर करवाने का नंबर आया तो पता चला कि अब सब ऑनलाइन है। लगा कि अच्छा है, फटाफट पारदर्शिता से काम हो जाएगा। मैं गलत साबित हुआ। एक महीने से ऊपर केवल रजिस्ट्रेशन कराने में लग गया वो भी बड़ी मुश्किल से हुआ। बड़े फोन करने पड़े, बड़े लोगों से मिलना पड़ा। सोचा अब ट्रेलर/प्रोमो सेंसर हो ही जाएंगे। अप्लाई करने में इतनी फॉर्मेलिटीज कि दिमाग ठिकाने आ गया। हारकर एक एजेंट लिया श्रीपति मिश्रा, उसने एक फीस के बदले सब कुछ ठीक करने का बोला। फिल्म सेंसर का अनुभव ठीक था इसलिए 30 अगस्त को उसके अकाउंट में पैसे भी ट्रांसफर कर दिए। उसने एक हफ्ते लगाए फॉर्मेलिटीज पूरी करने में और 6 सितंबर को अप्लाई किया, बोला 2 दिन में मिल जाएगा। लेकिन आज तक कुछ नही हुआ। अब भी ऑनलाइन दिख रहा है कि प्रोमोज रिजेक्टेड बाई चेयरमैन। 15 सितंबर को आपसे मिला, आपने भी आश्वासन दिया परंतु सब ढाक के तीन पात वाली कहावत साबित हुआ।22 सितंबर को फिल्म रिलीज होने को है, आप देखें कि आपकी और सेंसर बोर्ड की कार्यपद्धति फिल्म निर्माता-निर्देशकों के लिए कितनी दोस्ताना है।

ये बातें लिखते हुए मुझे अफसोस है कि सारा कुछ तब हो रहा है, जब फोटो जर्नलिस्ट के रूप में मेरे काम से आप वाकिफ हैं। मैं यह नहीं कहता कि मेरा-आपका कोई गाढ़ा परिचय है। फिर भी यह कहने में मुझे संकोच नहीं कि मेरे द्वारा शूट किए गए आपके फोटो शायद अब तक की आपकी सबसे बेहतरीन तस्वीरों में है। इसलिए आपने वो फोटो मुझसे लिए और उनका असीमित इस्तेमाल किया। गौर से देखें कि आपके व्हाट्सएप पर लगी डीपी मेरी ही खींची हुई है। आपके फैमिली फोटो भी मेरे द्वारा शूट किए गए शायद सबसे शानदार होंगे। आप जब भी मिले, मैंने दिल से आपको रिस्पेक्ट दी। फोन पर भी कभी बात हो जाया करती थी। तब मैं फोटो संपादक था और आप गीतकार-कहानीकार। आपके लिए वह सम्मान मेरे दिल में हमेशा बना रहेगा। जेडी 22 सितंबर को मुंबई के सिनेमाघरों में भी लगेगी। देख कर अपनी राय जरूर दीजिएगा। निवेदन है कि भविष्य है में कम से कम किसी नए फिल्मकार के साथ ऐसा मत कीजिएगा, जो मेरे साथ किया।

आपका

शैलेन्द्र पाण्डेय

निर्माता-निर्देशक, जेडी


Producer-Director of ‘JD’ writes an open letter to Joshi

Sri Prasoon Joshi

Chairman, CBFC

Namaskar.

You will be happy to know that my film ‘JD’ is releasing inn cinema halls across India on Friday, 22 September 2017. It is my first film in which I have put in my hard-earned money. But it is very unfortunate that no one could see the trailer/promo of the film on any television channel. The reason for this is that the Censor Board did not clear it, without mentioning any reason. On 14 September, it was mentioned on the CBFC’s Website that it had been rejected by the Chairman. I went to your office but I was sent to one officer and the other, like a football being kicked. At last I could meet you, and you had promised me that you would look into the matter. I don’t know what you have looked into.

I am a working photo-journalist. Having spent a long time doing still photography from a camera, I put all my efforts and earnings to realise my dream of making a film. This would be difficult to understand for someone who sits in air-conditioned rooms creating professional jingles and odd poems. The film ‘JD’ was censored last year during the tenure of the previous CBFC Chairman, Sri Pahlaj Nihalani. You must be aware that releasing the film is a tough task. After clearing various hurdles of life and work, I could finally fix the date of 22 September for its release. What happened next is very interesting.

When it came to getting the trailer/promo censored, I came to know that the procedure is now online, and I was happy that this work would be done quickly in a transparent manner. But I was wrong. It took over a month for getting the registration done, and that too with great difficulty. I had to make several phone calls, and met too many people. I thought now the trailer/promo would be censored. There were so many formalities in applying for the same that it made me crazy. Having no option, I hired an agent named Shripati Mishra, who promised to get everything done for a fee. Since I had a good experience in getting the film censored, therefore I transferred the money into his account on August 30. He took one week to complete the formalities, and applied on September 6. He told me that the clearance would be done in two days. But nothing has happened till today – September 19, nearly 13 days later. Even now the online message shows: ‘Rejected by Chairman.’

I met you on 15 September and you also promised to get it done, but to no avail. The film is now set to be released on 22 September. It is for you to see how friendly the working of the Censor Board is, towards film producers and directors.  I am very sorry to write these things, especially since you are aware of my work as a photojournalist. I don’t claim that I know very closely, but I have no hesitation in saying that your photographs taken by me are by far the best photographs of yours so far. That is why you took those photographs from me and used them without any constraints. You must note that your DP on your Whatsapp account is shot by me. Your family photographs taken by me must be the best ones. Whenever I met you, it was with heartfelt respect. I often talked to you on phone also. At that time I was a Photo Editor and you were a Lyricist-Story Writer. I shall always have that respect for you in my heart.

The film ‘JD’ will be released in the cinema halls of Mumbai on 22 September. I shall be grateful if you see the film and give me your opinion about it. My only request is that in future, please do not do that with any new film-maker which you did with me.

Yours,

Shailendra Pandey

Producer-Director, ‘JD’

Shailendra Pandey

Producer & Director

Shailendra Pandey films

shailendrapandeyfilms@gmail.com

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