मदन ने कविता कृष्णन से चैट को एफबी पर डाला तो भड़क उठी पाखंडी नारीवादी, किया ब्लॉक

मदन तिवारी

Madan Tiwary : “”इश्किया कैंडिल लाईट”” आन्दोलनों का सच। तहलका हिंदी ने दिल्ली के जंतर मंतर पर “इश्किया कैंडिल लाईट” टाइप आन्दोलनो की असलियत को उजागर किया है। यह लेख अतुल चौरसिया का है। इसमें खुर्शीद अनवर मामले में कविता कृष्णन की भूमिका का भी उल्लेख है। लेकिन इसके पहले कविता कृष्णन के साथ हुई बातचीत को मेरे द्वारा जो फेसबुक पर प्रकाशित किया गया तो उस पर उसकी (कविता कृष्णन की) प्रतिक्रिया को नीचे दे रहा हूं। इस प्रतिक्रिया के बाद ही कविता ने मुझे ब्लाक कर दिया।

कविता : You do not have my permission to make any conversation with me public. I consider my emails and inboxed conversations private and expect privacy from my correspondents.

मदन : i informed you but you didn’t respond moreover i didn’t publish anything that cause harm your reputation . what we talked was common and even we could have been discuss that openly . . you are a public figure you shouldn’t afraid of such things. better maintain complete transparency ,that is important for a political person.

कविता: That is a highly unethical thing for you to do – share one-to-one conversations.

मदन : kavita i told you,after informing you ,i made it public moreover we did not discuss anything personal .what we discussed was common. if we had discussed something personal ,certainly publishing that was not ethical but here situation is quite different . it was one to one conversation but subject of discussion was public not personal .

अब पढें तहलका ने क्या लिखा है… क्लिक करें इस शीर्षक पर…

‘तहलका’ में पेशेवर आंदोलनकारियों पर निशाना, पढ़िए कविता कृष्णन की दास्तान

उपरोक्त स्टेटस पर आए कुछ कमेंट इस प्रकार हैं…

Rajesh Rai Madan Tiwary बेचारों को जीने – खाने दीजिए । आप तो पेट पर लात मारने पर तुले हुए हैं ।

Samar Anarya हा हा, आदत से मजबूर इस मुखबिर ने इस चैट में भी कुछ नए आरोप जो जड़ दिए थे. घबराना स्वाभाविक है.

Ajit Harshe किस पर विश्वास किया जाए किस पर नहीं, समझना मुश्किल है।

Samar Anarya इतना भी मुश्किल नहीं है Ajit Harshe भाई. इसकी पिछली चैट चेक कर लीजिये मदन भाई वाली, जिसमे इसने छूटते ही मुझ पर और यशवंत सिंह पर आरोप लगा दिए हैं. पेशेवर आरोपबाज है ये.

Ajit Harshe अरे भई, मैं तो इन आंदोलनों की बात कर रहा हूँ। इतने आंदोलन हुए। भाग तो नहीं ले सके, मगर हमेशा दिल में समर्थन रहा। अब इस आलेख से यह लगता है कि भविष्य में आंदोलन हों तो उन्हें शक की निगाह से देखा जाए।

Ajit Harshe हाँ, वो चैट मैंने देखी थी। मुझे इतनी गलतफहमी भी नहीं है। आपका नाम भी देखा था…

Ajit Harshe चैट क्या वह तो इंटरव्यू ही था।

Samar Anarya हा हा हा Ajit भाई

पूरे मामले को समझने के लिए इस शीर्षक पर भी क्लिक करें…

यशवंत पर लड़की छेड़ने का एफआईआर कराया इसीलिए वह मेरा विरोधी बन गया है : कविता कृष्णन

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *