Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

कोतवाल संजयनाथ तिवारी पर फिर रपट दर्ज

इसके अलावा 14 अन्य पुलिसकर्मियों पर भी केस…. कोतवाल संजय पर इसके पहले भदोही, लखनउ, वाराणसी, जौनपुर, इलाहाबाद में भी दर्ज है लूट, हत्या डकैती, बलातकार व माफियाओं से साठगांठ कर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की रपट…  वर्दी की धौंस जमाकर करता रहा है अवैध वसूली, कई बार हो चुका है निलम्बित… दस हजार करोड़ से भी है उसके पास अधिक की संपत्ति …अरसे से हो रही है भ्रष्ट कोतवाल के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग…

इसके अलावा 14 अन्य पुलिसकर्मियों पर भी केस…. कोतवाल संजय पर इसके पहले भदोही, लखनउ, वाराणसी, जौनपुर, इलाहाबाद में भी दर्ज है लूट, हत्या डकैती, बलातकार व माफियाओं से साठगांठ कर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की रपट…  वर्दी की धौंस जमाकर करता रहा है अवैध वसूली, कई बार हो चुका है निलम्बित… दस हजार करोड़ से भी है उसके पास अधिक की संपत्ति …अरसे से हो रही है भ्रष्ट कोतवाल के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग…

-सुरेश गांधी-

जी हां, ताजा मामला रायबरेली का है जहां शहर कोतवाली में तैनात रहे पूर्व कोतवाल संजयनाथ तिवारी समेत 14 पुलिस कर्मियों पर मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। यह मुकदमा अल्पसंख्यक आयोग के आदेश पर पुलिस ने दो साल बाद दर्ज किया है। इसके पहले भदोही में पत्रकार को सरेराह मारने-पीटने व माफियाओं से मिलकर 25 लाख से भी अधिक की घर-गृहस्थी लूटवाने का मुकदमा दर्ज है। इतना ही नहीं इसके पहले लखनउ के गाजीपुर कोतवाली क्षेत्र में एसटीएफ की वर्दी में तीन अन्य इंस्पेक्टरों के साथ एक ज्वेलरी की डेढ़ करोड़ की संपत्ति लूटने के साथ ही वाराणसी व इलाहाबाद में नौ से अधिक हत्या का मुकदमा का दर्ज है।

इस भ्रष्ट कोतवाल की खासियत है कि अब तक जिन कोतवाली क्षेत्र में यह रहा है वहां संभ्रात लोगों को सरेराह मारकर दहशत फैलाता है और फिर बलातकारियों, माफियाओं, डकैतो, चोरों से मिलकर न सिर्फ घटनाओं को अंजाम दिलवाता है बल्कि उनसे करोड़ो-अरबों की वसूली भी करता रहा है। इसके शिकायतों की जांच पूर्व एडीजी अरुण कुमार कर चुके है। लेकिन सत्ता के करीबी रहे एक एसएसपी के जरिए शीर्ष नेतृत्व को अच्छी-खासी रकम पहुंचाकर मलाईदार थानों में तैनाती कराता रहा है। इसके अलावा पीड़ितों के आरोपों से बचाव के लिए दलाल पत्रकारों व ढोंगी समाजसेवियों से बयान लेकर करता रहा है अपनी बचत। आरोप है कि इसके पास दस हजार से भी अधिक की अवैध संपत्ति है, जिसकी सीबीआई जांच की मांग लगातार की जा रही है। घटनाओं को अंजाम देने के बाद पीड़ितों को धमकी देता है कि अगर उसके खिलाफ आवाज उठाई तो और फर्जी मुकदमें दर्ज कर देंगे। हालांकि मुकदमें दर्ज होने के बाद होते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

बता दें, रायबरेली के पूर्व सभासद मोहम्मद सगीर खान ने अल्पसंख्यक आयोग में शिकायत की थी कि 18 मार्च 2014 को रायपुर में आयोजित दंगल में दो समुदायों के बीच कुछ विवाद हो गया था। उसी विवाद को शांत कराने के लिए पुलिस अफसरों ने उसे व अन्य कई लोगों को कोतवाली बुलवाया। कोतवाली पहुंचने पर कोतवाल संजय नाथ तिवारी ने बगैर किसी पूछताछ के न सिर्फ अपशब्दों का प्रयोग किया बल्कि कोतवाली का गेट बंद कराकर चौदह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर मारापीटा व पिस्टल भी तानी। इसके बाद भ्रष्ट कोतवाल ने सगीर के साथ कई निर्दोष लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर दी। मामले में एसपी ने अल्पसंख्यक आयोग के समक्ष उपस्थिति होकर अपना पक्ष रखा था। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल संजय नाथ तिवारी समेत 14 अन्य पुलिस कर्मियों के विरुद्व मारपीट का मामला दर्ज करने का आदेश दिया। कोतवाली प्रभारी लक्ष्मीकांत मिश्र ने बताया कि आयोग के आदेश पर मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है। कुछ इसी तरह की वारदात बिगडैल व अवैध वसूली में लिप्त कोतवाल संजयनाथ तिवारी ने भदोही में भी घटनाओं को अंजाम दी।

भदोही में पूर्वांचल के ईनामी माफियाओं से मिलकर एक पत्रकार की न सिर्फ मकान मालिक से घर-गृहस्थी लूटवा दिया बल्कि फर्जी मुकदमा भी दर्ज कर दिया। इस मामले में भी पीड़ित पत्रकार सुरेश गांधी की याचिका पर हाईकोर्ट के निर्देश पर भदोही कोतवाली में कोतवाल समेत दर्जनभर लोगों के खिलाफ रपट दर्ज है। आरोप है कि ंभदोही में तैनाती के दौरान दंगा कराने की बड़ी साजिश रची थी, लेकिन समय से पहले हाईकोर्ट के हस्तक्षेप पर इसे बर्खास्त कर दिया गया था। जौनपुर में अभद्रता करने के आरोप में विधायक नदीम जावेद ने इस भ्रष्ट इंस्पेक्टर को कोतवाली में ही चप्पल से पीटा था। वाराणसी में सिगरा थाना क्षेत्र के तीन अल्पसंख्यक युवकों को घर से ले जाकर गोली मार दी थी और बयान दिया था कि मुठभेड़ में मारा है। कुछ इसी तरह इलाहाबाद में भी हत्या व लूट की घटनाओं को अंजाम दिया है। लखनउ के नाका कोतवाली में एक गरीब चाय बिक्रेता को शुक्ला जैसे माफिया बताकर हत्या कर दी थी। जबकि यह चाय बिक्रेता रोजाना इसकों चाय पिलाने थाना में ही जाता था। सभी मामलों की सुनवाई विभिन्न अदालतों में जारी है।  

लेखक संजय गांधी भदोही के वरिष्ठ पत्रकार हैं और कोतवाल संजयनाथ तिवारी द्वारा लंबे समय तक उत्पीड़ित किए गए हैं.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन