वर्दी में गुंडई (11) : विपिन शर्मा को जेल भेजकर परिजनों से 35 हजार रुपये झटके और धारा 376 हटा दिया!

Manish Dubey : पुलिस नाम की व्यवस्था का ऐसा ‘रैकेट’ सुनने वालों के कानों में किलोल जरूर करता होगा. और, यदि नहीं करता तो आप निष्ठुर निष्क्रिय हैं. आज कोई और है, कल निश्चित आप ही होंगे. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

वर्दी में गुंडई (10) : जेल जाने पर पता चला- थाने में होता है चालीस हजार रुपये में धारा 376 हटाने का खेल!

बलिया के भीमपुरा थाने की कार्यशैली व मेरी गिरफ्तारी जेल में रहते हुए कुछ दिन बीते थे कि हमारे बैरक 3A में एक लड़का आया. मुझसे दूसरे लड़के शैलेश यादव ने उसका परिचय कराया. मैंने उससे बात की तो उसने बताया कि वह हमारे गाँव के नजदीक खूंटा बहोरवा का रहने वाला है. उसका नाम …

वर्दी में गुंडई (9) : यांत्रिक ढंग से विवेचना के कारण सोशल एक्टिविस्ट को लंबे समय तक रहना पड़ा जेल में!

Shiivaani Kulshresthhaa : मन की बात….. इस दुनिया में सारे लोग गलत करेंगे तो सही कौन करेगा? मेरे मन में कई दिनों से विचार आ रहा हैं कि जेल में कितने ऐसे अभियुक्त बंद हैं जो फेक मुकद्दमों में भी बंद हो सकते हैं, पर वो अक्षम हैं। अपनी जमानत नहीं करा सकते। उनके पास …

वर्दी में गुंडई (8) : RTI एक्टिविस्ट का खुलासा- एक नया फर्जी केस लगाकर मुझे दुबारा जेल भेजने की तैयारी थी!

Singhasan Chauhan : बलिया की भीमपुरा पुलिस व कुछ अराजक तत्वों का मुझे एक हफ्ते के अंदर फिर जेल भेजने का प्रोग्राम था. मगर मीडिया की वजह से वो अपने इरादे में नाकामयाब हो गए. एक बार फिर मैं यशवंत भाई व उन सभी मीडिया बंधुओं का आभार प्रकट करता हूँ जिन्होंने सच्चाई को समझा …

वर्दी में गुंडई (7) : दलाल वर्दीधारियों के चंगुल में फंसे बलिया के एक थाने की हकीकत देखें

बलिया के आरटीआई एक्टिविस्ट सिंहासन चौहान को छेड़छाड़ के फर्जी मामले में फंसाकर जेल भेजने के मामले में भीमपुरा थाने के पुलिस वालों ने एक नई कहानी गढ़ दी है. इस कहानी का पता तब चला जब लखनऊ की जानी-मानी आरटीआई एक्टिविस्ट उर्वशी शर्मा ने सिंहासन चौहान प्रकरण में एक आनलाइन जनसुनवाई अप्लीकेशन डालकर कुछ …

वर्दी में गुंडई (6) : रैकेटबाज थानेदार मेरी पत्नी को देखकर चिल्लाया- ‘इस भोसड़ी को बाहर निकालो!’ (सुनें टेप)

बलिया के भीमपुरा थाने की कार्यशैली व मेरी गिरफ्तारी (पार्ट-2) थाने के ऑफिस में मुझे बिठा दिया गया. वैसे तो पूरे थाने का स्टाफ मुझे जानता है और सब जानते हैं कि मैं ईमानदार आदमी हूँ. इसलिए कोई बदतमीजी से बात नहीं करता, और न ही किसी ने की. थोड़ी देर के बाद फिर SO …

वर्दी में गुंडई (5) : निर्दोषों को जेल भेजने वाले दल्ला थानेदार की खबर दूसरे दिन भी 4पीएम अखबार में छपी

Yashwant Singh : दल्ले थानेदार के खिलाफ 4पीएम अखबार में लगातार दूसरे दिन भी खबर हुई प्रकाशित. सुपारी लेकर पहले छेड़छाड़ का फर्जी मुकदमा लिखता है. बाद में छेड़छाड़ को रेप में तब्दील कर देता है. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

वर्दी में गुंडई (4) : रैकेटबाज थानेदार सत्येंद्र राय की दल्लागिरी की कहानी, पीड़ित सिंहासन चौहान की जुबानी

बलिया के भीमपुरा थाने की कार्यशैली व मेरी गिरफ्तारी (पार्ट-1) मैं सिंहासन चौहान पुत्र भदन उर्फ बुद्धन चौहान. मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता व RTI एक्टिविस्ट हूँ। मेरी वजह से कुछ भ्रष्टाचारियों व लुटेरों को परेशानी होती है. इसकी वजह से मुझे झूठे केस में फंसाया गया है. जबकि घटना के समय मैं गाँव में मौजूद …

वर्दी में गुंडई (3) : थानेदार सत्येंद्र राय को जेल भिजवाने के लिए एकजुट होना जरूरी : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : दूरदराज के जिलों के थानेदारों को अक्सर ये गुमान हो जाता है कि वे खुदा से कम नहीं. यही कारण है कि वे बेखौफ होकर कुछ भी कर गुजरते हैं. बलिया के थानेदार सत्येंद्र राय ने भी यही किया. इस थानेदार से फोन करके आप लोग पूछते रहें (बलिया के भीमपुरा थाने …

वर्दी में गुंडई (2) : बलिया के मनबढ़ थानेदार सत्येंद्र राय की करतूत दैनिक जागरण और 4पीएम अखबारों में छपी, देखें

पावर मिलने के बाद कम लोग ही अपना दिल दिमाग नियंत्रित रख पाते हैं. ज्यादातर तो वर्दी पहनने के बाद ही खुद को तीसमार खां समझने लगते हैं. बलिया के एक ऐसे ही इंस्पेक्टर ने अपनी करतूत से पूरे यूपी पुलिस का सिर शर्म से झुका दिया है. सत्येंद्र राय नामक इस थानेदार ने भ्रष्टाचार …

वर्दी में गुंडई (1) : अपना पक्ष रखने थाने पहुंचे RTI एक्टिविस्ट को थानेदार ने जेल भेजा

Yashwant Singh : बलिया के भीमपुरा थाने के एसओ सत्येंद्र कुमार राय (मोबाइल 9454402992) ने सोशल एक्टिविस्ट और आरटीआई कार्यकर्ता सिंहासन चौहान (मोबाइल 9839932064) को फ़र्ज़ी मुकदमे में उस वक़्त गिरफ्तार कर जेल भेजा जब सिंहासन खुद थाने जाकर यह बता रहे थे कि जिस समय छेड़छाड़ किए जाने की बात कही गई है एफआईआर …

रवीश ने पूछा- पुलिस अफ़सर जब अपने IPS साथी के प्रति ईमानदार न हो सके तो इंस्पेक्टर के हत्यारों को पकड़ने में ईमानदारी बरतेंगे?

Ravish Kumar इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को नफ़रत से प्रोग्राम्ड रोबो-रिपब्लिक ने मारा है… कल यूपी पुलिस के जवानों और अफसरों के घर क्या खाना बना होगा? मुझे नहीं मालूम। इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की तस्वीर उन्हें झकझोरती ही होगी। नौकरी की निर्ममता ने भले ही पुलिस बल को ज़िंदगी और मौत से उदासीन बना …

इंस्पेक्टर हत्याकांड : एडीजी की ये दो तस्वीरें कुछ सवालों के साथ हो रहीं वायरल, देखें

Sheetal P Singh : ADG साहिब आपके कांधे पर जिस अपराइट ऑफिसर का मृत शरीर है उसकी और उस जैसों की अर्थी उस दिन से तैयार होना शुरू हुई थीं जिस दिन आप संविधान को धता बताकर सरकारी खर्चे पर कांवड़ियों के ऊपर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा कर रहे थे! पुलिस का इकबाल खत्म करने …

राज्य मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी कर विवेक तिवारी हत्या मामले में सरकार से जवाब मांगा

लखनऊ में एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी हत्या मामले में उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ राज्य मानवाधिकार आयोग ने नोटिस जारी कर सरकार से जवाब मांगा है। Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

अलीगढ़ मुठभेड़ की जांच करने गई टीम के दो सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर दिया!

अलीगढ मुठभेड़ : मृतक के परिवार ने यूपी पुलिस पर लगाए संगीन आरोप… मुस्तकीम और नौशाद को घर से उठा कर ले गयी थी पुलिस… इस महीने 20 सितम्बर को अलीगढ़ पुलिस द्वारा कथित दो वांछित अपराधियों के लाइव एनकाउंटर के मामले में मानवाधिकार संगठन ‘यूनाइटेड अगेंस्ट हेट ने बड़ा खुलासा किया है। जांच टीम …

योगी की पुलिस ने तो एप्पल के अधिकारी का ही एनकाउंटर कर दिया! देखें तस्वीरें

अपडेट 1 : लखनऊ में हुए एप्पल के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी हत्याकांड पर एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी की प्रेस कॉन्फ्रेंस-दोनों सिपाही प्रशांत मलिक & संदीप गिरफ्तार, दोनों जेल भेजे गए, मजिस्ट्रेट जांच बैठी, sit भी गठित हुई, इस केस की जांच दूसरे सर्किल को दी गई। अपडेट 2 : लखनऊ में हुए एप्पल के सेल्स …

योगी राज में कप्तान साहब जयकारा लगवा रहे- ‘बोलबम’! देखें वीडियो

यूपी के जिला अंबेडकर नगर के कस्बा टांडा में कावड़ यात्रा के दौरान फील्ड में उतरे पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने तेज आवाज में कहा- ”थोड़ा जयकारा लगवाओ बोलबम…”. Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

भाजपा विधायक ने धमकाया तो इंस्पेक्टर ने छोड़ दिया दुष्कर्म का आरोपी

बीजेपी एमएलए दिनेश खटिक भाजपा के विधायक जी लोग तो इंस्पेक्टर को कुछ समझ ही नहीं रहे… मेरठ में मवाना थाने के एसओ से एक विधायक की बातचीत का ये आडियो सुनें. पुलिस की नौकरी कितनी मुश्किल होती है, यह टेप सुनकर समझ में आता है. धमकी का असर भी हुआ. अभिलेखों में बदलाव कर …

प्रबंध संपादक को धमकाने वाले दरोगा ने यूं मांगी सरेआम माफी, देखें तस्वीरें

Dev Nath : दरोगा धमकी प्रकरण में मेरे साथ खड़े रहने वालों का अभिनंदन। यह मित्रों और मीडिया में आई खबरों का नतीजा ही है कि दरोगा जी अपनी दबंगई भूल गए और लखनऊ में मुझसे मिलकर माफी मांग ली। दरोगा जी भले लगे इसलिये हमने भी दिल से माफ कर दिया। Share on:कृपया हमें …

फर्जी मुठभेड़ का मुद्दा उठाने पर थानेदार ने भेजा लीगल नोटिस, सोशल एक्टिविस्ट ने भी भेजा जवाब

लखनऊ : जेल में बंद निर्दोषों को छुड़ाने और मुठभेड़ में मारे गए निर्दोषों के परिजनों को न्याय दिलाने के लिए बनाए गए संगठन ”रिहाई मंच” के महासचिव राजीव यादव ने आजमगढ़ के कन्धरापुर थाना प्रभारी अरविन्द यादव की क़ानूनी नोटिस का जवाब भेज दिया है. अपने जवाब में राजीव ने कहा कि पुलिस प्रशासन …

यूपीकोका में न्यायिक हिरासत अवधि साल भर, पुलिस रिमांड 60 दिन

आतंकवाद विरोधी कानून से भी कठोर है यूपीकोका… हाल में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा यूपीकोका अर्थात उत्तर प्रदेश संगठित अपराध नियंत्रण विधेयक- 2017 लाया गया है जो कि आतंकवाद विरोधी कानून (विधि विरुद्ध क्रिया-कलाप निवारण अधिनियम-1967) से भी कठोर है. इसमें पुलिस को इस प्रकार की शक्तियां दी गयी हैं जो कि आज …

पुलिस सिर्फ एक धोखा है, इससे विश्वास उठाना ही आपके लिए शुभ होगा!

कार की टक्कर के बाद पत्रकार तड़पता रहा, पुलिस वाला पास भी नहीं आया… दोस्तों, अपने अनुभव के आधार पर पुलिस को लेकर अपनी बात रख रहा हूं। 11 अक्टूबर की रात लगभग 11:30 पर लखनऊ के सेंट फ्रांसिस स्कूल के पास एक तेज रफ़्तार वैगन आर ने पीछे से मेरी बाइक पर जोरदार टक्कर मारी और वो तेजी से निकल गया। अपनों के आशीर्वाद से मेरी जान तो बच गई लेकिन शरीर पर चोट आई थी। लेकिन दिल पर गहरा घाव वो पुलिसकर्मी दे गया, जो दूर से यह सब देखता रहा। लेकिन उसने करीब आकर ये देखने की जहमत तक नहीं उठाई कि इतनी तेज टक्कर होने के बाद घायल बाइक सवार यानि मैं, जिंदा हूं या मर गया। बन्दे ने पास की दूकान से गुटखा ख़रीदा, खाया और निकल गया।

बहुत उदार और उदात्त है यूपी पुलिस, थाने से भाग जाने देती है लफंगों को (देखें वीडियो)

यूपी की बहादुर पुलिस खुद भले चोर बदमाश न पकड़ पाए लेकिन जब कोई दूसरा पकड़ कर पुलिस को सौंपता है तो पुलिस वाले पूरी उदारता बरतते हुए उसे चले जाने देते हैं… शायद इसीलिए कहा जाता है चोर पुलिस मौसेर भाई.. नीचे कमेंट बाक्स में दिए गए एक वीडियो को देखिए…

काम बोलता है : चार घंटे तक इमरजेंसी में कराहती रही बूढ़ी मां, बेटे को जबरन थाने में बिठाये रखा

वाराणसी। यूपी में चल रहे चुनावी दंगल में भले ही ‘काम बोलता है’ का धुन आम मानुष के लिए सुशासन होने का दावा भर रहा हो पर जमीन पर थानों में वर्दी की दबंगई के आगे आम आदमी का गूंगापन और लाचारी बोल रहा है। बीते रविवार यही नजारा देखने को मिला जब अपनी 92 वर्षीय बूढ़ी मां माया देवी को उन्हीं की बहू कंचन और उसके मामा मंगला प्रसाद ने मार-पीट कर घायल कर दिया। बेटा घनश्याम जायसवाल ने तत्काल इसकी सूचना 100 नम्बर पर डायल कर दी और पुलिस से मदद मांगी तो मौके पर पहुंची पुलिस ने समझौते की बेशकीमती सलाह देकर अपना पल्ला झाड़ लिया। 

यूपी के इस दरोगा ने खुद खोल दी अपनी पोल (सुनें टेप)

उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक दरोगा और डॉयल-100 सिपाही के बीच बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। इस ऑडियो में दारोगा ने डॉयल-100 के सिपाही से अपने अवैध कामकाज में दखल न देने की हिदायत दी है। इस तरह दरोगा ने खुद ही अपने तमाम अवैध कामकाज की पोल खोलकर रख दी है। दरोगा का नाम राकेश शर्मा है जो मूरतगंज पुलिस चौकी में प्रभारी के बतौर तैनात है। दरोगा की वायरल ऑडियो ने पुलिस महकमे को शर्मशार कर दिया है।

यूपी में जंगलराज : धरना देने पर पुलिस वाले पीटते रहे, लड़के इंकलाब जिंदाबाद बोलते रहे (देखें वीडियो)

Yashwant Singh : ये वीडियो अंग्रेजों के जमाने का नहीं है. आज की तारीख का है. पुलिस वाले पीटे जा रहे हैं और ये नौजवान इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए जा रहे हैं. इनका अपराध बस इतना है कि इन्होंने भोपाल में आठ लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मार दिए जाने के घटनाक्रम का विरोध करते हुए न्यायिक जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे. ढेर सारे पुलिस वाले आए और बिना चेतावनी दिए माइक दरी छीन झपट कब्जे में लेकर युवकों को पीटना शुरू कर दिया.

मुकुल द्विवेदी, फिर इस देश में कभी पैदा मत होना… (पढें पुलिस अधिकारी शशि शेखर का दर्द)

आदरणीय मुकुल द्विवेदी मेरे बहुत अच्छे मित्र और सहकर्मी थे। मुकुल और मैं अलीगढ में 2007 में हुए दंगे में साथ साथ ड्यूटी कर रहे थे। तब भी कई गोलिया चली थी लेकिन हम दोनों सुरक्षित रहे। ऑफिसर कॉलोनी में मुकुल और मेरा आवास एक साझा चारदीवारी से जुड़ा हुआ था। तब वो सीओ सिटी फर्स्ट थे और मैं सीओ अतरौली। रात को अक्सर हमदोनो एक साथ ही 2. 00 बजे भोर ड्यूटी से वापस आते, पहले ठहाके लगाते फिर सोने जाते। मुकुल एक निहायत ही शरीफ, मृदुभाषी, संवेदनशील और भावुक इंसान थे।

यूपी में जंगलराज : लाख रुपये न देने पर पुलिस वालों ने पीटकर मार डाला और लाश हवालात में टांग दिया

यूपी की संभल पुलिस का बर्बर चेहरा… युवक की हवालात में मौत… परिजनों ने पुलिस पर लगाया हत्या का आरोप… हवालात के शौचालय में फाँसी पर झूलता मिला युवक का शव… पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी समेत सात पुलिस कर्मियो को किया निलंबित… मजिस्ट्रेटी जाँच के दिए आदेश… परिजनों ने काटा हंगामा…. भारी पुलिस बल मौके पर तैनात… कई थानों की पुलिस को बुलाया गया…  

कोतवाल संजयनाथ तिवारी पर फिर रपट दर्ज

इसके अलावा 14 अन्य पुलिसकर्मियों पर भी केस…. कोतवाल संजय पर इसके पहले भदोही, लखनउ, वाराणसी, जौनपुर, इलाहाबाद में भी दर्ज है लूट, हत्या डकैती, बलातकार व माफियाओं से साठगांठ कर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने की रपट…  वर्दी की धौंस जमाकर करता रहा है अवैध वसूली, कई बार हो चुका है निलम्बित… दस हजार करोड़ से भी है उसके पास अधिक की संपत्ति …अरसे से हो रही है भ्रष्ट कोतवाल के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग…

इंस्पेक्टर ने बताया यूपी पुलिस की इज्जत बचाने का तरीका- ”राजनीतिक लोगों से मेलजोल न बढ़ाएं”

Vinod Sirohi : पुलिस से थानों या सार्वजनिक जगहों में बदतमीजी करने वाले कुछ राजनीतिक लोग एसा जानबूझकर करते हैं| अपनी दबंग छवि बनाने के लिए और उसे कैश करने के लिए| ऐसे कुछ लोग जानबूझकर पुलिस से उलझते हैं और उनके अनुशासन का फाइदा उठा कर इन्सल्ट करने की कोशिश करते हैं| थानों में घुस कर गाली गलौच करना तोडफोड करना हमला करना ऐसे ही लोग निश्चित केलकुलेशन के साथ करते हैं, और अक्सर व बार-बार करते हैं| उनके साथ उनके स्थानीय समर्थकों का जमावड़ा भी होता है| कभी ज्यादा मामला उलझने पर जन ताकत का बेजा स्तेमाल करने से नहीं चूकते हैं|