आखिरी बात

यशवन्त-

अगर आप मरने वाले हैं और आपको बस ये मौका दिया जाए कि एक खुला खत लिखकर विस्तार से आखिरी संदेश दें तो आप क्या कुछ कहना चाहेंगे?

कोरोना काल में अपने परिचितों की हो रही मौतों को देखते हुए विचार आया कि क्यों न आखिरी बात नाम से एक सीरीज शुरू की जाए।

आप लिख कर अपनी बात भेज सकते हैं। चाहें तो वीडियो फॉर्मेट में आखिरी बात कह सकते हैं।

बस ध्यान रहे कि भड़ास पर पब्लिश होने से पहले आप कन्टेन्ट को सोशल मीडिया या किसी अन्य प्लेटफॉर्म पर पब्लिश/अपलोड न करें।

आखिरी बात को bhadas4media@gmail.com पर मेल करें।

मैं खुद भी कल अपनी मौत से ठीक पहले वाला पत्र लिखूंगा। इस लिखने के बाद मुझे मरते हुए ये सन्तोष होगा कि ऐसा कुछ न कहने के लिए बचा है जिसके लिए दुखी हुआ जाए!

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