लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी के विलय की तैयारी, 300 मीडियाकर्मियों की जाएगी नौकरी

मोदी राज में लगातार छंटनी जारी है. सारी कवायद खर्चा बचाने, भ्रष्टाचार खत्म करने के नाम पर की जाती है लेकिन इसका नकारात्मक परिणाम अंतत: आम जनता को भुगतना पड़ता है या फिर नौकरीपेशा को. इसी क्रम में खबर है कि राज्यसभा टीवी और लोकसभा टीवी का विलय कर एक चैनल बनाने की तैयारी मोदी सरकार ने लिया है.

इस विलय पर आखिरी राय देने के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. इस समिति में प्रसार भारती के चेयरमैन ए. सूर्यप्रकाश और ए.ए.रॉव भी शामिल हैं.

ज्ञात हो कि LSTV और RSTV का संचालन एक ही बिल्डिंग से की जाती है. इसलिए इनके मर्जर में कोई दिक्कत नहीं है. ये बात भी सही है कि दो चैनलों के अलग अलग संचालन के मुकाबले एक चैनल के संचालन से खर्च काफी कम हो जाएगा.

विलय के जरिए खर्चे में कटौती तो हो जाएगी लेकिन सैकड़ों लोगों की नौकरी भी जाएगी. लोकसभा टीवी और राज्यसभा टीवी में फ्रीलांसर, एडहॉक और पे रोल पर करीब 500 लोग नौकरी कर रहे हैं. विलय के बाद 300 लोगों की नौकरी जाएगी.

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