अखबार मालिकों को क्‍यों नहीं घेरते टीवी न्‍यूज एंकर !

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अखबार मालिक मजीठिया वेतनमान नहीं दे रहे हैं। पत्रकारों की हालत खराब है। वे भी किसान परिवार से आते हैं। केंद्र सरकार किसानों की भूमि भी हड़प लेना चाहती है। ऐसे में कल पत्रकार भी आत्‍महत्‍या करने लगेंगे। कारपोरेट मीडिया आसानी से कह देगा-इसके लिए आम आदमी पार्टी जिम्‍मेदार है।

टीवी पर बहस में जिस तरह से आम आदमी पार्टी के नेताओं को घेरा जा रहा है, क्‍या कभी उस तरह से मजीठिया मामले पर अखबार मालिकों को घेरा गया। हे टीवी ऐंकरों कुछ तो शर्म करो। सूट, बूट और टाई लगा कर तुम जो हरकत कर रहे हो, उसे जनता देख रही है।

राहुल गांधी ने ठीक ही कहा है-केंद्र सरकार सूट, बूट और टाई की सरकार है। गरीबों का विरोध करने वाले टीवी न्‍यूज चैनल आत्‍मघाती कदम उठा रहे हैं। चिंता न करो। तुम्‍हारा कर्म एक दिन जरूर हिसाब मांगेगा। सब समझ रहे हैं कि तुम ऐसा क्‍यों कर रहे हो।

एक बात और….गजब की क्रांति हो गई मजीठिया पर। पूर्व -पश्चिम,उत्‍तर -दक्षिण चारों ओर के अखबारों में मजीठिया वेज बोर्ड लागू कर दिया गया है। और सबसे मजेदर बात ये कि सभी अखबारों में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश की धरा 20(जे) को एक साथ लागू किया गया है। देश मे अनेकता में एकता का इससे बड़ा उदाहरण आज तक देखने को नहीं मिला। सुप्रीम कोर्ट भी इस अप्रीतम एकता आैर अखबारों की न्‍यायप्रियता को सलाम करेगा। अब आएगा ऊंट पहाड़ के नीचे। सारे काले कारनामे सामने आ जाएंगे।

श्रीकांत सिंह एवं मजीठिया मंच के एफबी वॉल से



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code