एक बड़े चैनल के 3 रिपोर्टर्स खदेड़े जाने के बाद उसके संवाददाता मुंह छिपाकर पीटीसी कर रहे!

Navin Kumar-

चैनल घटनास्थल पर रिपोर्टर की मौजूदगी दिखाने के लिए बहुत बेचैन रहते हैं। ANI की बाइट लगा देने बाद भी प्रोड्यूसर पर दबाव रहता है अपनी माइक आईडी वाली लगाओ। लेकिन फर्जी रिपोर्टिंग के आरोप में किसानों द्वारा एक बड़े चैनल के तीन रिपोर्टर्स को खदेड़े जाने के बाद उसके संवाददाता धुंधलका होने के बाद मुंह छिपाकर चोरी से पीटीसी कर रहे।

बिना माइक ID के। सिर्फ पीटीसी। बिना किसी किसान से बात किए। उनकी हिम्मत नहीं किसानों के बीच जाने की।

चोरी चोरी चुपके चुपके वाली ये पत्रकारिता कैसी खबरें देती होगी? कंगना रनौत के लिए माहौल बनाने वाले बुलडोजर पत्रकार किसानों के बीच जाने में कांप क्यों रहे हैं? कंगना पत्रकारों को 50 रुपए की थाली पर बिकने वाला पत्तलचाट कहती हैं और किसान प्यार से कैमरे और कैनन से भाला भौंकने वालों को भी खाना खिला रहे हैं।

ये तस्वीर सिंघु बॉर्डर की है। वक्त शाम लगभग 6.30 बजे। तारीख 1 दिसंबर।

देखें मौके से वीडियो, गोदी मीडिया की कहानी जनता की जुबानी-

आजतक, न्यूज24 समेत कई न्यूज चैनलों में काम कर चुके नवीन कुमार की एफबी वॉल से.

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