मेरे पर आरोप लगाने वाले हमीरपुर के पत्रकार दोहरे और उन्हें समर्थन दे रहे पत्रकारों की असलियत जानिए : राजेश सोनी

आदरणीय भाई यशवंत जी,

विषय : मेरे खिलाफ साजिश रचकर भड़ास में खबर प्रकाशित करवाने के सम्बन्ध में

मैं आपके भड़ास4मीडिया का नियमित पाठक हूँ। आप बहुत अच्छा लिखते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है लेकिन भाई ये जो खबर आपने लगाई है, उसकी सत्यता को आपको जरूर जांचना चाहिए था। मैं आपकी कार्यशैली पर कोई प्रश्नचिन्ह नहीं लगा रहा हूँ लेकिन ऐसा लेख और किसी का आरोप प्रकाशित करने से पहले आपको एक बार इसकी सत्यता जरूर मालूम करना चाहिए था। इस लिंक https://www.bhadas4media.com/tv/10873-hindi-khabar-ke-reporter-ki-kahani की खबर मेरे बारे में प्रकाशित की गयी है।

भाई, ये जो हमीरपुर के बड़े पत्रकार हैं दोहरे साहब, इनसे मैं खुद प्रताड़ित हूँ, ये और इनके कुछ साथीगण मेरे खिलाफ खुद साजिश रच रहे हैं और जब कोई रास्ता नहीं बचा तो आपका सहारा ले रहे हैं। भाई यशवंत जी, मेरी पत्रकारिता न्यूज़ 24 से 2007 से शुरू हुई है और आज भी मैं न्यूज़ 24 में अपनी सेवाएं दे रहा हूँ। मतलब एक लंबा वक्त मैंने न्यूज़ 24 के साथ बिताया है लेकिन आज तक मेरे दामन में दाग नहीं है। मैंने 2005 से पत्रकारिता के क्षेत्र में आया था जब हमीरपुर जनपद में तीन चार पत्रकार ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के थे। दो साल तक मैंने पूरे लगन और मेहनत से अपने पिता तुल्य नाहिद अंसारी जी (आजतक हमीरपुर) के साथ रहकर पत्रकारिता के क्षेत्र में आया उसके बाद विकास मिश्रा जी से बात हुई तब वो न्यूज़ 24 में थे। न्यूज़ 24 लांच होने वाला था तो उन्होंने मुझे मौका दिया। तब से आजतक मैं चैनल को अपनी सेवाएं दे रहा हूँ।

मेरे खिलाफ आजतक किसी थाने में कहीं एनसीआर तक दर्ज नहीं है। बड़े भाई इस समय मैं एक साजिश का शिकार हूँ। हमीरपुर में एक दलाल पत्रकार थे नरेंद्र यादव जो मूलरूप से फ़ैजाबाद के रहने वाले हैं जो पहले अम्बेडकर नगर etv में थे वहां से उनको 4 साल पहले हमीरपुर भेजा गया लेकिन etv में दलाली के चक्कर में etv द्वारा निकाल दिया गया। तब ये परेशान थे और IBN7 में चले गए। मैंने इनकी बाहरी होने पर इतनी मदद की जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। 4 साल तक इस बन्दे ने मुझे सीढ़ी की तरह इस्तेमाल किया लेकिन बच्चों की पढाई के चलते ये लखनऊ सिफ्ट हुए तो इन्होंने एक गेम खेला और मेरी मध्यस्थता में एक दुकान से लखनऊ के लिए बेड खरीदकर ले गए वो भी एक चाल चलकर।

जब मैं आउट ऑफ स्टेशन था तो इसने दूकानदार से बात करवाकर मेरी गारंटी पर साढ़े 8 हजार रूपये उधार कर गए, जिसको इसने आजतक नहीं दिया। 4 महीने से भी ज्यादा एक वक्त गुजर गया लेकिन इसने साढ़े 8 हजार रूपये नहीं दिए। इस सम्बन्ध में इससे मेरी पैसे न पहुँचाने को लेकर बहस हुई और अंततः मुझे पैसे देने पड़े। केवल इतनी सी बात को लेकर ये भाई साहब मेरे खिलाफ साजिश रचने लगे और मौका तलासने लगे। इनसे थोड़ी सी बहस क्या हुई इन्होंने मुझे जान से मारने की धमकी लिखित रूप में दे डाली। जरूरत पड़ने पर वो भी उपलब्ध करवा दूंगा।

इनको मौका कैसे मिला इसकी कहानी भी जान लीजिए…हिंदी खबर चैनल लांच होना था स्वाभाविक है कि मैं पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहता हूँ तो मैंने अतुल सर से बुंदेलखंड ब्यूरो के लिए बात की क्योंकि मैं न्यूज़ 24 में पहले बुंदेलखंड के 4 जिले से अपनी सेवाएं देता था। हिंदी खबर यूपी उत्तराखंड और बुंदेलखंड का चैनल है लिहाजा मेरे पत्रकारिता और अनुभव को देखते हुए उन्होंने मुझे बुंदेलखंड की जिम्मेदारी सौंपी और सभी बुंदेलखंड के रिपोर्टर्स से खबरों में सक्रियता बनाये रखने के लिए बोला। अब हमीरपुर में ओपी दोहरे को हमसे हिंदी खबर में काम करने के लिए आग्रह किया।

इन्होंने कहा कि ये दो साल से पैदल हैं जिनके पास कोई चैनल नहीं है। इन्होंने मुझे आश्वश्त किया कि खबरों में सक्रियता रहेगी। मैंने इनको दो महीने के लिए रखा कि अगर अच्छा काम करेंगे तो आगे भी इन्हीं से काम लिया जायेगा। ओपी दोहरे हमीरपुर  जनपद मुख्यालय में कलेक्ट्रेट में दो या चार लोग धरने पर बैठ गए तो केवल उनके विजुअल बनाकर भेज देते और हिंदी खबर की माइक आईडी का दुरूपयोग करते हुए स्कूलों सहित अन्य विभागों में दबंगई करने लगे। इस बात की जानकारी होने पर मेरे द्वारा इनको कई बार ऐसी हरकत करने से आगाह किया गया और हटा देने की बात कही गयी लेकिन रवैया नहीं बदला।

दूसरी बात ये ओपी दोहरे जाति से अनिसूचित जाति में आते हैं तो अन्य पत्रकारों से बोलने लगे कि अगर राजेश सोनी मुझे हटायेगा तो मैं हरिजन एक्ट का मुकदमा कर दूंगा। अब ऐसी दशा में कौन इनको अपने साथ काम पर रखना चाहेगा जिसको पहले से ही धमकी दी जाने लगे। एक दिन मेरे द्वारा इनको हमीरपुर में किसी खबर को लेकर फोन किया गया तो इन्होंने खबर देंव से मना कर दिया। मैंने  बोला कि भाई आपको पत्रकारिता करनी है तो फील्ड में निकलिए केवल कलेक्ट्रेट के धरना प्रदर्शन से काम नहीं चलेगा तो इनका जवाब (तेज स्वर में) आया कि क्या पेट्रोल का पैसा तुम्हारे घर लेने आऊं।

अब यशवंत जी इनको पहले बोला गया था कि आप काम करेंगे और हमारे साथ रहेंगे तो आपको पेमेंट दिया जायेगा। अब आप ही बताइये कोई चैनल एडवांस में तो पेमेंट नहीं देता न कि आपके पास पेट्रोल के पैसे नहीं हैं तो आप हमसे ले लीजिए। मैंने दोहरे साहब को अब इन कंडीशन्स में कौन अपने साथ ऐसे काम करने वाले को रखेगा जो उसको धमकी दे और काम भी न करे और दलाली की शिकायतें अलग झेले।

अतः मैंने इनको काम करने से मना कर दिया। साथ ही मैंने ओपी दोहरे को अपनी मेल चेक करके स्टोरी गिनने के लिए बोला गया और 150 रूपये पर स्टोरी के हिसाब से मैंने अपने पास से देने के लिए बोला क्योंकि मैंने दोहरे को रखा था लिहाजा मेरी जिम्मेदारी थी, चैनल के वरिष्ठों से पैसे के सम्बन्ध में बात हुई थी तो उन्होंने पैसे देने की बात कही थी। बड़े भाई यशवंत जी मैं ये सब बातें हवा में नहीं कह रहा हूँ इस पूरे घटनाक्रम की मेरे पास कॉल रिकॉर्डिंग है जो मेरी दोहरे से बात हुई थी।

अब दोहरे साहब ने काम बंद कर दिया और आईडी वापस कर दी। इसके बाद हमीरपुर में जैसे ये पता चला कि दोहरे को हटा दिया गया तो वही खुराफाती लोग जो मेरे लिए पहले से साजिश रच रहे थे मौका पाकर आगे आ गए और ओपी दोहरे का स्टिंग कर लिया। आपने जो वीडियो दुखभरी कहानी का डाला है उस वीडियो में जो व्यक्ति सवाल कर रहा है और जबर्दस्ती डिमांड की बात कबूलवाने की कोशिश कर रहा है वो नरेंद्र यादव ही है।

नरेंद्र द्वारा इस वीडियो को पहले हमीरपुर के व्हाट्सअप ग्रुपों में वायरल किया गया लेकिन जब कहीं से मेरा अहित नही कर पाए तो बड़े भाई आपका सहारा ले रहे हैं। इस वीडियो के आने के बाद जब मैंने फिर ओपी दोहरे से फोन पर बात की और पूंछा कि भाई मैंने आपसे कौन से डिमांड की है तो वो अपनी जुबानी खुद खबरों के डिमांड की बात कर रहा है। मैंने ये भी पूंछा की मैंने कभी आपसे पैसे की कोई डिमांड की है क्या? तो उसने खुद इस बात से इंकार किया। ऐसे में आप समझ सकते हैं कि एक पत्रकार से ख़बरों की डिमांड करना क्या गलत है? इन सबकी मेरे पास कॉल रिकॉर्डिंग है जो आपको उपलब्ध करवा रहा हूँ।

अब पूरे खेल में तीसरे मोहरे ने भी अपना दिखा दिया, वो है हमीरपुर का रहने वाला दलाल पत्रकार उमाशंकर मिश्रा जो रहने वाला तो हमीरपुर का है और जालौन में समाचार प्लस का रिपोर्टर है। जालौन से समाचार प्लस में प्रवीण साहनी जी से व्यक्तिगत कहकर मैंने ही रखवाया था। ये भाईसाहब रिपोर्टिंग जालौन की करते हैं और दलाली हमीरपुर में। ये जालौन में कभी नहीं रहते लेकिन जालौन में एक रिपोर्टर का सहयोग लेकर खबरें डलवाते रहते हैं और खुद हमीरपुर में रहकर दलाली करते हैं। अब इनका मेरे मामले से क्या सम्बन्ध है वो बता हूँ।

उमाशंकर का हमीरपुर में कोई वजूद नहीं है लिहाजा जब इनको पता चला की राजेश सोनी हिंदी खबर के ब्यूरो बन गए तो इनको सब हरा हरा दिखने लगा, ये सोचने लगे की न्यूज़ 24 जैसा ब्रांड चैनल मिल जायेगा तो इनकी दलाली में चार चांद लग जायेंगे, जबकि इनको ये नहीं मालूम की विजुअल कैसे बनाये जाते हैं और स्क्रिप्ट कैसे लिखी जाती है और न्यूज़ 24 को दलाल नहीं रिपोर्टर चाहिए होते हैं।

ये अपने मंसूबों को लेकर न्यूज़ 24 के ऑफिस तक पहुँच गये और वहां पर लाखों रुपयों का प्रपोजल भी रख दिया, इनकी बेहूदी हरकतों की वजह से इनको वहां से लात मारकर बाहर किया गया। फिर भी ये नाकाम कोशिश करते रहे इन्होंने मेरी हिंदी खबर के मेरी खबर के वीडियो यूट्यूब लिंक और फोटो भेजे। इसके बाद भी जब इनका काम नहीं बना तो मौका पाकर ओपी दोहरे के मामले में शामिल होकर नरेंद्र यादव और उमाशंकर मिश्रा मेरे खिलाफ चैनल में होने के लिए रूपये मांगने से लेकर हरिजन एक्ट की कार्यवाई के लिए हमीरपुर कोतवाली में एप्लिकेशन दे दी लेकिन मेरे पत्रकारिता के पेशे को भली भांति जानने वाले कोतवाल साहब सुभाष यादव ने कोतवाली में ही इनके द्वारा मेरे से बदतमीजी और कोतवाली के अंदर ही मारने की धमकी पर मुकदमा लिखने से मना कर दिया।

किसी पत्रकार ने इनका साथ नहीं दिया, अगर मैं गलत था तो मेरे ऊपर कार्यवाई होनी चकहिए थी, मेरे पास इस पूरे मैटर से सम्बंधित पूरे प्रूफ हैं जहाँ भी जरूरत पड़ेगी पेश करूँगा और मेरे कैरेक्टर पर ऊँगली उठाने वालों पर मानहानि का मुकदमा जरूर करूँगा वरना ये साबित करें कि मैंने इनसे एक रूपये भी लिया हो। मैं डंके की चोट पर कहता हूँ।

रही बात मेरे कार से घूमने और कोई व्यवसाय न होने की तो मैं आपको मैं बता दूं कि मेरा खुद का एक बिजनेस है फोटो स्टूडियो और वीडियो मिक्सिंग लैब है और न्यूज़ 24 भी मुझे हर महीने पैसे देता है जिससे मैं अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करता हूँ। कार से चलता हूँ तो अपनी मेहनत और खून पसीने की कमाई से किसी की तरह दलाली नहीं करता और न ही इन सब दलालों के सामने हाँथ फैलाता।

आप साईकिल से चलते हो तो ये आपकी प्रॉब्लम है न भाई, कुछ काम करिये और आप भी कार से चलिए और अपने ठाठ बाठ दिखाइए। मेरी छोटी सी फैमिली है मैं जितना कमाता हूँ उतने में पेट भर लेता हूँ। पत्रकारिता में जूनून है, मेरा स्वाभिमान है, मुझे अपनी पत्रकारिता पर कोई शिकवा शिकायत नहीं है। जो लोग इस पेशे से जुड़ते हैं वो अपना अपना उद्देश्य लेकर जुड़ते हैं और वो पूरा कर रहे हैं मुझे ये बात बताने की जरूरत नहीं है ये आप बेहतर जानते हैं।

मुझे हिंदी खबर में एक बड़ी जिम्मेदारी के साथ मौका मिल रहा है तो इन लोगों को ये बात हजम नहीं हो रही है और इनका हाजमा ख़राब हो गया है। हालाँकि अभी मेरा हिंदी खबर में किसी तरह का कोई एग्रीमेंट साइन नहीं हुआ है। आगे मौका मिला तो मैं भी जाना चाहता हूँ लेकिन दलाली करके नहीं पत्रकारिता करके। जल्द ही इन लोगों के कारनामों के आडियो टेप आपके पास भेज रहा हूं। अनुरोध करूंगा कि सारे टेप को एक एक कर चलाएं ताकि इनकी असलियत सामने आ जाए।

धन्यवाद

आपका

राजेश सोनी

rajeshsoni.hmr@gmail.com

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Comments on “मेरे पर आरोप लगाने वाले हमीरपुर के पत्रकार दोहरे और उन्हें समर्थन दे रहे पत्रकारों की असलियत जानिए : राजेश सोनी

  • pansingh chauhan says:

    जालोन मे नवजीत बेच रहा है 20 से 30 हजार रुप्ये मे न्यूज चेनल की आईडी

    यशवंत जी जालोन मे पत्रकारिता का पेसा बदनाम हो रहा है। यहा पर 20 से 30 हजार रुप्ये मे न्यूज चेनल की आईडी बेची जा रही है इन आईडी को नवजीत सिंह सरदार नाम का सख्स बेच रहा है जो ग्रमीन स्तर के युवाओ को अपने जाल मे फसा कर उन्हे न्यूज चेनल की आईडी थमा देता है ये गोरखधन्धा वह पिछ्ले 6 साल से कर रहा है इसकी सुरुआत नवजीत ने 2012 मे जीएनएन न्यूज से की थी इसकी फर्जी आईडी बनाकर उसने जालोन के हर तहसील और ब्लाक मे युवा लोगो को बेची थी जो पत्र्कारिता मे आना चाहते थे। बाद मे नवजीत ने साधना न्यूज चेनल की आईडी बनाकर उसे भी गाव मे बेच दिया था। बाद मे यह अपने को ए2जेड नाम के चैनल का यूपी हैड बताकर चैनल की दिल्ली से फर्जी आईदी बनवा लाया और उसे बुन्देलखन्द के हर जनपद मे बेचने लगा। इसके अलावा उसने एपीएनएस एजेंसी के नाम पर कई लोगो को पत्रकार बनाकर रुपये लूटे इस समय उसने नये न्यूज चेनल इंडिया बाच नाम के चैनल और एस आर वन, ओके इंडिया की आईडी को बेच्ना सुरु किया है जिसकी उसने बोली 30 हजार रुपये रखी है यह लोगो को फर्जी आईडी बेचकर रुप्ये कमाने मे लगा है इस समय यह कई लोगो को अपने सथ रखकर भौकाल जमाने का प्रयास कर रहा है।
    नवजीत के उपर उरई कोतवाली मे कई मुकद्द्मे लिक्जे है। एक बार एक बालू घाट पर गया था जिसे घाट बालो ने खूब मारा था और अप्नी पेशब तक पिलाई थी तब एक बरिष्थ पत्र्कार के कहने पर उसे छोडा गया था।

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