Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

सियासत

मुसलमानों, तुम राम मंदिर बनवा देते तो भाजपा की हुकुमते नहीं, कब्र बन चुकी होती

अरे भाई, अब तो राम मंदिर निर्माण में अपनी सहमति और सहयोग दे दो मुसलमानो, नहीं तो ..ऽऽऽ###ऽऽऽऽऽ  ####ऽऽऽ##….ऽऽऽऽऽ…##ऽऽऽ##…ऽऽऽ… अगर मंदिर बनवा दिया तो तम्हेँ भाजपा का सबसे बड़ा समर्थक और सहयोगी मान लिया जायेगा। तुम खुद और तुम्हारे चहीते धर्मनिरपेक्ष दल ही तो कहते हैं कि भाजपा राम मंदिर के मुद्दे को भुनाती रही है। राम मंदिर का मुद्दा ना होता तो भाजपा की हैसियत तीन-चार सीटों से ज्यादा नहीं होती। केन्द्र और प्रदेशों की सत्ता तो बहुत दूर की बात है। मुसलमानों, भाजपा पर तुम्हारे इल्जाम बराबर से तुम्हें भी घेरते हैं। राम मंदिर के मुद्दे को भुनाने में तुम (मुस्लिम कौम) भाजपा के सबसे बड़े सहयोगी / मददगार हो। अगर ऐसा ना होता तो तुम राम जन्म भूमि पर राम मंदिर बनने की सहमति और सहयोग दे चुके होते। और भाजपा खुद-ब-खुद आगे नहीं बढ़ पाती।

अरे भाई, अब तो राम मंदिर निर्माण में अपनी सहमति और सहयोग दे दो मुसलमानो, नहीं तो ..ऽऽऽ###ऽऽऽऽऽ  ####ऽऽऽ##….ऽऽऽऽऽ…##ऽऽऽ##…ऽऽऽ… अगर मंदिर बनवा दिया तो तम्हेँ भाजपा का सबसे बड़ा समर्थक और सहयोगी मान लिया जायेगा। तुम खुद और तुम्हारे चहीते धर्मनिरपेक्ष दल ही तो कहते हैं कि भाजपा राम मंदिर के मुद्दे को भुनाती रही है। राम मंदिर का मुद्दा ना होता तो भाजपा की हैसियत तीन-चार सीटों से ज्यादा नहीं होती। केन्द्र और प्रदेशों की सत्ता तो बहुत दूर की बात है। मुसलमानों, भाजपा पर तुम्हारे इल्जाम बराबर से तुम्हें भी घेरते हैं। राम मंदिर के मुद्दे को भुनाने में तुम (मुस्लिम कौम) भाजपा के सबसे बड़े सहयोगी / मददगार हो। अगर ऐसा ना होता तो तुम राम जन्म भूमि पर राम मंदिर बनने की सहमति और सहयोग दे चुके होते। और भाजपा खुद-ब-खुद आगे नहीं बढ़ पाती।

तुम्हारे पास क्या मस्जिदों की कोई कमी है? दुनिया का पहला ऐसा मुल्क है हिन्दुस्तान जहाँ सबसे ज्यादा मस्जिदेँ हैं। इस्लामिक मुल्कों में भी मुसलमानों को इतनी मजहबी आजादी नहीं जितनी मजहबी आजादी भारत में भारतीय मुसलमानों को है। मुसलमानों से इस तरह के सवाल और राम मंदिर बनावाने की सहमति की गुजारिश करना आजकल मेरा शगल (दिनचर्या) बन गया है। अयोध्या मसले पर अदालत ने दोनों समदाओँ से मिल-बैठ कर सुलह-समझौते की जब से सलाह दी है तब से मैं इस कोशिश में हूँ कि मुसलमान अपनी मर्जी  से राम मंदिर से अपना दावा छोड़ कर राम मंदिर निर्माण में अपनी सहमति और सहयोग देँ।

प्रतीकात्मक रायशुमारी से ये पता चला कि 60 फीसद मुसलमान राम जन्म भूमि पर राम मंदिर निर्माण के पक्षधर हैं जबकि बाकी अदालत के अंतिम फैसले पर इस मसले को छोड़ने की बात करते हैं।  लेकिन इस बात से किसी को इन्कार नहीं कि मुसलमानों ने राम जन्म भूमि से दावा छोड़ दिया होता तो भाजपा ना इस मद्दे को भुना पाती और ना ही गंगा-जमुनी तहजीब वाली भारतीय समाज में किसी किस्म की दरार पैदा होती। राम मंदिर निर्माण पर समझौते को राजी होने को तैयार मुसलमानों को इस बात का पछतावा है कि उनकी कौम को उस दौर में राम मंदिर पर सहमत हो जाना चाहिये था जब केन्द्र और यूपी में भाजपा की सरकार नहीं हो।

और, यदि अब मुसलमान राम मंदिर निर्माण पर राजी हो जाते हैं तो इसका क्रेडिट (श्रेय) भाजपा ना ले जाये। ये ना समझा जाये कि भाजपा की सरकारों के दबाव और डर से मुसलमानों को अयोध्या मसले पर झुकना पड़ा। एक मुस्लिम इदारे ने अपनी राय रखी कि मुसलमानों को इन्तेजार करना चाहिये है कि जिस दौर में केन्द्र और यूपी में भाजपा की सरकारे नहीं रहें तब मुसलमानों को राम मंदिर निर्माण पर अपनी सहमति दे देँ। एक मुस्लिम धार्मिक नेता ने ये कहा कि राम मंदिर पर सहमति देने के लिये ये शर्त रखी जाये कि भाजपा सत्ता छोड़ दे तो मुसलमान राम जन्म भूमि पर राम मंदिर के लिये राजी हो जायेँगे।

नवेद शिकोह
[email protected]
08090180256

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन