सेलरी के लिए सहारा कर्मियों की हड़ताल की वजह से सहारा मीडिया का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है. जानकारी के मुताबिक दिल्ली, देहरादून, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर और वाराणसी में अखबार नहीं छप सका. सिर्फ पटना में सिर्फ रेलवे स्टेशन एडिशन व एक डाक एडिशन मात्र छपा. बताया जाता है कि गोरखपुर के प्रबंधक पीयूष बंका के एडिशन निकालने की अपील पर अखबारकर्मियों ने कहा कि पटना वालों की तरह हम दोगलापन नहीं कर सकते.
पटना में सहारा इंडिया ग्रुप के पूर्व डायरेक्टर डी.के. श्रीवास्तव के नजदीकी किशोर केशव ने अखबार कर्मियों को हड़ताल के लिये पहले तो उकसाया फिर फिर लगे डाक एडिशन का अखबार निकालने में सहयोग करने. पटना में स्टेशन एडिशन देर रात की खबरों वाला एडिशन होता है, जिसे दूसरे प्रदेशों में सांध्य दैनिक कहा जाता है. इस हड़ताल में सहारा टीवी नोयडा के लोग सबसे आगे दिखे. चैनल के लोगों ने नई खबरें देना बंद कर दिया जिससे चैनल पर पुरानी खबरें चलाई जा रही हैं.
4 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- टाइम्स नाउ नवभारत में शमशेर सिंह को मैनेजिंग एडिटर का प्रभार!
- रिपब्लिक मीडिया के दो पत्रकारों को कलकत्ता हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत!
- वरिष्ठ पत्रकार तवलीन सिंह की टीआरपी की भूख ने तब एक ईमानदार चौकी इंजार्ज की जान ले ली थी!
- डोनाल्ड ट्रंप ने सीएनएन, MS NOW और Politico को व्हाइट हाउस में बैन करने की घोषणा की!
- CNN न्यूज़18 की वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का मुंबई में निधन!
- एक व्यक्ति के कितने आयाम हो सकते हैं, इसका एक नमूना है पुस्तक: “80 के राय साहब”
- अशोक बाजपेयी को मिला 21 लाख रुपये का श्रीकांत वर्मा पुरस्कार कुछ लोगों के गले ही नहीं उतर रहा है!
- आदिवासी बच्चों की मौत की रिपोर्टिंग करने वाले इन चार पत्रकारों ने खुद की निगरानी कराए जाने का आरोप लगाया!
- पत्रकार संदीप के पांडे की पुस्तक ‘नेपाल Chapter’ को एक अनुभवी अपराध संवाददाता की तरह बुना गया है!
- अब टाटा संस निशाने पर; हिंदी और अंग्रेजी अखबार क्या कुछ छाप रहे हैं पढ़िए?
- AI safety को केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि सभ्यता-स्तर का प्रश्न माना जा रहा है!
- Gemini ने टेस्टिंग के दौरान तीन असली कंपनियों के सिस्टम में बनाई अनधिकृत एंट्री, Google ने घटना की पुष्टि की
- आज के अखबार (दो) : टाटा संस को बर्बाद करने की कोशिशें!
- आज के अखबार : नंदीग्राम उपचुनाव जीतने की भाजपा की ‘तैयारियों’ पर चार हिन्दी अखबारों के अलग रूप
- Mint में भानु प्रताप को नई जिम्मेदारी, नंदिता मिश्रा ने PTI छोड़ा!
- इंडिया टुडे ग्रुप में इन तीन मीडिया प्रोफेशनल्स के पोर्टफोलियो में बदलाव!
- बंगाल के नंदीग्राम में जो हुआ, वह चुनावी लूट का ऐसा खुला खेल है, जिसमें कोई पर्दा नहीं रह गया है!
- एनडीटीवी में बतौर एग्जीक्यूटिव एडिटर (स्पोर्ट्स) गौरव गाला की एंट्री
- बीजेपी आईटी सेल के हजारों गुर्गे भी बीबीसी हिंदी के कमेंट्स में आई गालियों का मुकाबला क्यों नहीं कर पाए?
- टाटा ट्रस्ट के रुख से Tata Group के शेयरों में भूचाल, एक दिन में ₹40 हजार करोड़ डूबे
- घर में शराब रखने के आरोप में रिपोर्टर TV के मैनेजिंग एडिटर गिरफ्तार, कोर्ट से याचिका भी खारिज!
- नेटवर्क18 में आदिल जैनुलभाई और राहुल जोशी फिर निदेशक बने!
- टाटा संस को अपने उद्योगपति मित्रों के हाथों कब्जा कराना चाहती है क्या मोदी सरकार?
- ब्रिक्स सम्मेलन पर भारत24 के कार्यक्रम ‘द JC शो’ में डॉ जगदीश चंद्र का बेबाक विश्लेषण!
- दिल्ली बीजेपी के मीडिया ग्रुप से करीब 200 पत्रकार रिमूव किए गये!
- भारत एक्सप्रेस के उर्दू आयोजन में पहुंचे केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू, कहा- ‘ये भाषा व्यक्तित्व को संवारने का तरीक़ा सिखाती है!’
- आज के अखबार : 500 नई मोटर साइकिलों की रैली और स्कूलों को सरकारी आदेश नहीं है, टाटा संस छाया है
- डीयू कैंपस में महिला पत्रकार से बदसलूकी, ABVP समर्थकों पर DUJ ने धमकाने का लगाया आरोप!
- चार युवा पत्रकारों की खबरें; दो ने नए संस्थान में एंट्री ली, दो की टीवी9 और नेटवर्क18 से विदाई!
- नीरजा मोदी स्कूल को सम्मान देकर ‘टाइम्स नाउ’ भी 9 साल की बच्ची अमायरा के साथ हुए अन्याय का भागीदार बन गया!
- ज़ी समूह में इन पांच निदेशकों की पुनर्नियुक्ति को फिर मंजूरी मिली!
- लखनऊ में पत्रकारों ने डीसीपी साउथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस का किया बहिष्कार, देखें वीडियो
- पत्रकार निकहत अली, करिश्मा अज़ीज़, वसीम अकरम त्यागी, सैयद कैफ हसन और नदीम सैफी के खिलाफ शामली पुलिस ने FIR दर्ज की!
- धन्या रंजन, प्रकृति पांडेय और रेशु उपाध्याय के बारे में सूचनाएं!
- देश में युवा पत्रकारों की एक पूरी फौज खड़ी हो गई है, जो बिना डरे कड़े सवाल पूछ रही है!
- एनडीटीवी की हेल्थ मजबूत करेंगी एडिटर स्नेहा मोरदानी!
- नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बीबीसी हिंदी किस बात से डर गया?
- दुनिया के सबसे बड़े खोजी पत्रकार की वापसी सुखद है!
- हजरतगंज थाने में केक कटा, पत्रकार ने फोटो खिंचाया, अब कोतवाल साहब की सफाई पढ़िए!
- राजीव शुक्ला को आप आलू की भांति समझिए, राइट लेफ्ट सेंटर हर जगह पाए जाते हैं!
- मीडिया ने EPFO बढ़ोतरी को बताया सौगात—पर कर्मचारी की आज की जेब का क्या?
- अस्पतालों में मरीजों को लूटे जाने की ये खबर समूचे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के लिये बहुत बड़ी है, लेकिन इसपर सिर्फ इंडिया टुडे की प्रीती चौधरी ने बात की!
- आज जब खुलकर सच बोलने वाले बहुत कम बचे हैं, तो निश्चित ही अशनीर ग्रोवर बिल्कुल अलग दिख रहे हैं!
- आज के अखबार : UPI शुल्क वापस लेने की मांग पर ‘कोई पुनर्विचार नहीं’ सिर्फ TOI की लीड का शीर्षक है
- दुनिया की दिग्गज IT कंपनी ओरेकल से हटाए गये 25 सौ कर्मचारियों में से एक की पत्नी का दर्द पढ़िए!
- फतेहपुर प्रेस क्लब के नाम को लेकर विवाद, पुराने पदाधिकारियों ने एसडीएम से की कार्रवाई की मांग
- बीबीसी से आशीष, इंडिया डॉट कॉम से प्रियंका और NDTV से दीपू कुमार के बारे में सूचनाएं!
- मेरी पत्रकारिता यात्रा (16): जयपुर में भास्कर समूह की केंद्रीय डेस्क की स्थापना हिंदी के किसी बहु-संस्करण अखबार में अपने ढंग का पहला प्रयोग था!
- एनडीटीवी को एजुकेशन बीट के लिए सब-एडिटर की जरूरत!
- राजस्थान के कोटा में पुनर्मतदान की कवरेज कर रहे दो पत्रकारों से मारपीट!
- ओपी, रौतेला, शशि और प्रभाकर ने थामा लोकसत्य का दामन!
- गोरखपुर में एशियन न्यूज़ चैनल के एडिटर इन चीफ मनीष नागेंद्र मिश्रा के छोटे भाई कार्तिकेय मिश्रा की हत्या!
- प्रसार भारती 24 सितंबर को इन क्षेत्रीय भाषाओं के चैनलों की नीलामी करेगा!
- सोशल मीडिया के लत लगाने वाले फीचर्स पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब!
- सीएनएन-न्यूज़ 18 ने बदली प्रोग्रामिंग, नई पीढ़ी के दर्शकों पर फोकस!
- अशोक बाजपेयी ने 21 लाख रुपये का श्रीकांत वर्मा शिखर सम्मान खुद के पास रख लिया!
- अमेरिका में सड़क दुर्घटना कवरेज को पहुँचा NBC न्यूज का हेलिकॉप्टर क्रैश, महिला पत्रकार समेत तीन की मौत!
- Reporter TV के दफ्तर में पुलिस कार्रवाई पर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया की आपत्ति, देखें पत्र
- भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर पर पत्रकार को पुराने गैंगरेप केस में फंसाने का आरोप
- नोएडा में जल्द आ रहा है ‘News Radar TV’ का डिजिटल प्लेटफार्म, जॉब के लिए करें अप्लाई !
- भाजपा विधायक से अपनी जमीन छुड़वाने के लिए असगर अली को मोदी से मिलकर अपने याराने की दुहाई देनी पड़ी!
- ट्रेन में पेठा बेच रहा था पत्रकार, पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया
- अश्नीर ग्रोवर ने तो एक सांस में सरकार-न्यूज चैनल दोनों का दोगलापन उजागर कर दिया, वीडियो देखें
- आज के अखबार : सरकार की मजबूरी, मनमानी और लोकप्रियता बनाए रखने की चिन्ता सब साथ-साथ
- रामदेव के पतंजलि फूड्स ने बृजभूषण शरण सिंह पर ठोका 50 करोड़ का मुकदमा!
- सुभाष चंद्रा का 22 हजार करोड़ माफ न होता तो अगले 20 साल मुफ्त चलता UPI – अश्नीर ग्रोवर
- दैनिक भास्कर ग्रुप को रिपोर्टिंग, डेस्क, वीडियो प्रोड्यूसर टीम में पत्रकारों की तलाश!
- Reporter TV के दफ्तर पर पुलिस की छापेमारी, पत्रकारों के मोबाइल जब्त करने का आरोप!
- निर्णय भट्टाचार्य, रिचा सिंह और बृज किशोर पांडेय के बारे में सूचनाएं!
- OpenAI की डेटा डील: TOI और इंडियन एक्सप्रेस ही क्यों?
- एफएम न्यूज़ पर कर्मचारियों की सैलरी रोकने के आरोप!
- गुजरात की मीडिया कंपनी “संदेश” में बड़ा फेरबदल!
- अमर उजाला के प्रधान संपादक, रीजनल एडिटर, औरैया ब्यूरो चीफ को भेजा गया दो करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस, जानिए प्रकरण!
- सवालों में वेव्स ओटीटी के 3.87 करोड़ का खर्च: काम किसी और ने किया, मंजूरी और वर्क ऑर्डर का पता नहीं!
- नहीं रहे गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार हेमंत त्यागी!
- दैनिक भास्कर वालों लालच छोड़ो, द हिंदू की तरह सजायाफ्ता रेपिस्ट के विज्ञापन का पैसा त्याग दो, दैनिक जागरण से तो उम्मीद रखना ही बेकार है- अजीत अंजुम
- गुलदस्ता लेकर पहुँचे पुलिस अधीक्षक और जिला मैजिस्ट्रेट से मंत्री संजय निषाद ने बदतमीजी की!
- नोएडा श्रमिक प्रदर्शन मामले में वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा को जमानत मिली, जेल से छूटने में फंसा ये पेंच?
- झांसी के वरिष्ठ वीडियो जर्नलिस्ट गिरीश शर्मा का अटैक से निधन!
- ज्वलंत मुद्दे पर डिबेट कराने वाली पत्रकार को धमकी, केरल HC ने दी सुरक्षा!
- प्रभात खबर के पत्रकार से मारपीट का मामला गरमाया, मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से कार्रवाई की मांग!
- आज के अखबार : डबल इंजन वाले एनसीआर में कानून व्यवस्था की खराब हालत बयान करने वाली कई खबरें
- पत्रकार रचिता प्रसाद ने BBC News ज्वाइन किया!
- ज़ी न्यूज़ हिंदी डिजिटल में तानाशाही से त्रस्त एक पत्रकार की पीड़ा!
- टीवी चैनलों को अब हर हफ्ते विज्ञापन का हिसाब नहीं देना होगा!
- जागरण डिजिटल से जुड़ीं काजल सोम, NDTV में इंस्टाग्राम हेड बनीं प्रशांति मोकतान!
- इंडिया डेली लाइव में सैलरी के लिए चक्कर काटकर हताश हुए इस पत्रकार ने मीडिया लाइन ही छोड़ने का फैसला लिया!
- सीएनबीसी की पूर्व एडिटर टिम्सी जयपुरिया की नई शुरुआत; लेकिन मोदी को थैंक्यू क्यों कहा पढ़िए?
- न्यूज़24 डिजिटल और एएनआई में विभिन्न पदों पर नौकरी का मौका
- सहरसा पत्रकार पिटाई प्रसंग: तस्वीर में नजर आ रही सिंपी कुमारी की नियुक्ति खुद विवादों में है!
- खोजी पत्रकारिता के नाम पर डॉक्टरों को डरा धमकाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरोह धरा गया
- वरिष्ठ पत्रकार नगमा शहर का पहला वीडियो रिलीज होते ही यूट्यूब चैनल बंद
- अविनाश राय की 7 साल बाद लल्लनटॉप के साथ नई पारी की शुरुआत
- फिरोजाबाद के कारोबारी ने इंडिया न्यूज यूपी/यूके के रिपोर्टर, एंकर, संपादकों समेत पूरे प्रबंधन को भेजा लीगल नोटिस, जानिए पूरा मामला!
- आज के अखबार : प्रचार और महानता के बीच विविधता व सहयोग की ‘ताकत’ जो शाकाहार की जिद्द में खो गई
- अलविदा रामदुलार… कुछ खबरें ऐसी होती हैं जिन्हें लिखना एक पत्रकार के लिए भी आसान नहीं होता!
- नोएडा DM मेधा रूपम अपनी सैलरी से मुआवजा नहीं कटवाएंगी, हाईकोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं!
- यह पत्रकार महोदय खामखां पेनिक फ़ैला रहे हैं!
- सहारा के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय अरोड़ा का हार्ट अटैक से निधन
- न्यूज़ नेशन डिजिटल में धीरज शर्मा बने डिप्टी एडिटर



कुमार कल्पित
June 3, 2016 at 11:31 am
राष्ट्रीय सहारा देहरादून के साथियों को बधाई। एक हडताल की कामयबी के लिए और दूसरे कानपुर से आये दलाल मानसिकता के नम्बर दो के अधिकरी की कुत्सित चाल में न आने के लिए।
गौरतलब है कि इसके पहले की हडताल में तत्कालीन एडोटोरियल हे और गणेश शंकर पुरस्कार (किस लिए नवाजे गए यह उनके आलावा किसी को नहीं मालूम। यहाँ उनके सम्पादक रहते अखबार रसातल में ही गया) से नवाजे गए दिलीप चौबे ने अपनी उम्र का रोना रोकर अखबार ही नहीं छपवा लिय बल्कि दिल्ली भी भिजवा दिया। इसबार इइ अधिकारी ने इसी तरह की हरकत करनी चाही ताकि संपादक की गैरमौजूदगी में वाहवाही मिले।
Jai Hind
June 4, 2016 at 2:07 am
हाल ही में सहारा मीडिया से हटे सीईओ के कृपापात्र लोग हड़ताल का साथ व हवा दे रहे हैं. उन्हें आशा है आका फिर आने पर रेवड़ियाँ बांटेंगे. पिछली बार एक हड़ताल कर्मी को बनारस का एडिटर बना दिया था. पटना में भी दो स्पष्ट कृपापात्र है. एक को हाल ही में १८००० वेतन बाधा दिया गया और दुसरे पहले से सेकंड इन कमांड है. नाम है केशव. ये अपने को मैनेजमेंट का स्यंभू नेता घोषित कर दिए है और खुद पेज बनाने से मना कर दिया है. धन्य है मैनेजमेंट जो काम नहीं करने के लिए उकसा रहा है. हो सकता है जितने हड़ताल कर्मी है उन्हें रेवड़ियाँ मिल जाये और जो काम करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं उन्हें सजा सुना दी जाये. यहाँ सब संभव है. निवेदन है एक जांच कमिटी बनायीं जाये .
Mansi Shukla
June 4, 2016 at 7:01 am
सही कहा गया है सहारा मीडिया के कर्मचारी यो को तो प्रेस वालो या मीडिया का सपोर्ट मिल रहा है तो हड़ताल जारी है मगर सहारा परिवार के अन्य कर्मचारियों का क्या होगा जिन के पास कोई सपोर्ट नहीं है उनको तो २ साल से सैलरी नहीं दे रहे है (कमांड ऑफिस में) ऐसे में वे बेचारे अपना पेंडिंग पाने के इंतज़ार में बैठे है उस पर से कंपनी उनका ट्रान्सफर दूर स्थान पर कर रहे है और नहीं ज्वाइन करने वालो को टर्मिनेट करने में कोई देरी नहीं की जा रही है अरे भाई जब ऐसे ही भारी हो रहे है तो सीधे से बहार क्यों नहीं निकल देते , जबकि सहारा अच् आर के लोग बेचारे नयी नही तरकीबे निकाल रहे है की कैसे इनको ( कर्मचारियी को )कम किया जाये ताकि पैसा न देना पड़े और जब जमा करता का नहीं देने के मूड में है तो एम्प्लाइज का क्या हो गा मगर यह भूल गए है की एम्प्लाइज को सब मालूम है की कहा क्या है जमा करता का पैसा कहा लगाया गया है सब मालूम है, कैसे रिकॉर्ड मेन्टेन होते है कमांड के एम्प्लाइज सब जानते है मगर वह कहा बताये क्यों की कौन सुनेगा आप मीडिया भड़ास फॉर मीडिया की टी. र. प. कितनी है कितने लोग यह सब पड़ते होंगे खैर सर हमारा कही से आप को ऐसे कहेने का कोई इरादा नहीं है आप ही तो है जो सहारा के बारे में कुछ छाप रहे है बाकि तो सबका दिख हे रहा है की कितनी न्यूज़ आती है सिर्फ प्रचार करना ही काम है की सहारा की बड़ाई सामने आ सके बाकि सब घोटे बैठे है जब की सब को काली करतूतों के बारे में जनकरी है मगर कोई कुछ नहीं छापता है . क्यों की पोलिटिकल रिश्तो का सब को डर है या फिर पैसा मिल चूका है कोई न कोई तो वजहे है
एक सहारा का सताया हुआ कर्मचारी की बेटी
bharat
June 5, 2016 at 6:52 am
वाराणसी यूनिट में नया संपादक व प्रबंधक कौन?
एक वर्ष की सैलरी बकाया व अपने भविष्य की चिंताओं के बीच घिरे वाराणसी राष्ट्रीय सहारा यूनिट में २० अप्रैल से आंदोलनरत कर्मचारी ४ मई की रात नोएडा एचआर रामवीर सिंह के निर्देश पर आये फरमान के बाद व अफवाहों के बीच वाराणसी यूनिट के आंदोलन के अगुआ रिपोर्टर सिटी हेड मनोज श्रीवास्तव, जनरल डेस्क इंचार्ज सत्यप्रकाश सिंह, सिस्टम इंचार्ज वीजेंद्र सिंह, सिटी डेस्क इंचार्ज कौशल कुमार सिंह स्थानीय संपादक शशि प्रकाश राय की ही तरह अपने कर्मचारियों के साथ गद्दारी कर गये। बकाया वेतन की मांग व प्रतिमाह वेतन की लड़ाई लड़ रहे कर्मचारियों के साथ दगाबाजी का नतीजा यह हुआ की स्वच्छ छवि के कर्मचारी अपने आंदोलनकारी नेताओं मनोज श्रीवास्तव, सत्यप्रकाश सिंह, कौशल कुमार सिंह समेत विजय राय के खास विजेंद्र सिंह से कर्मचारी राहुल सिंह की जबरदस्त नोकझोंक हो हुई। मामला हाथापाई तक पहुंच गया कर्मचारियों ने दोनों को अलग कर मामला शांत कराया। आंदोलन को अगुआ जो आर-पार की लड़ाई व हर कीमत पर वेतन पाने की लड़ाई का दंभ कर्मचारियों में भर रहे थे वह महज स्थानीय संपादक व प्रबंधक को हटाये जाने के बाद खाली पड़ी कुसिर्यों की लालच में एक बार फिर अपना ़जमीर बेच कर सरदार गद्दार की भूमिका में हो गये।