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कर्मचारियों की लिस्ट में अपना नाम न पाकर राष्ट्रीय सहारा देहरादून के संवादसूत्र भड़के

इस बीच, ताजी सूचना ये है कि राष्ट्रीय सहारा देहरादून के कर्मचारियों की लिस्ट जो श्रम आयुक्त को प्रबंधन द्वारा सौंपी गई है, उस सूची में अपना नाम न पाकर संवादसूत्र भड़क उठे हैं। आठ-आठ साल से नियमित कर्मचारी की तरह काम कर रहे संवादसूत्रों का कहीं नाम ही नहीं है।

इस बीच, ताजी सूचना ये है कि राष्ट्रीय सहारा देहरादून के कर्मचारियों की लिस्ट जो श्रम आयुक्त को प्रबंधन द्वारा सौंपी गई है, उस सूची में अपना नाम न पाकर संवादसूत्र भड़क उठे हैं। आठ-आठ साल से नियमित कर्मचारी की तरह काम कर रहे संवादसूत्रों का कहीं नाम ही नहीं है।

संवादसूत्र के रूप में काम कर रहीं समीना मलिक, राजकिशोर तिवारी, प्रदीप फर्सवाण, भगवती प्रसाद कुकरेती, भूपेंद्र कंडारी, ललित कुमार, दीपक बडथ्वाल (फोटोग्राफर) और अंकित (फोटोग्राफर) आदि में काफी नाराजगी है। समाचार लिखे जाने तक (यानि शाम सात बजे तक) कामकाज नहीं हुआ। सभी संवादसूत्र संपादक के चैंबर में डटे रहे। दो बजे से शुरू होने वाली शिफ्ट भी प्रभावित रही। उन्होंने काम रोक दिया।

मूल खबर…

सहारा प्रबंधन से आए लोग सुनवाई से पहले ही श्रमायुक्त कार्यालय देहरादून को कागजात रिसीव कराकर रफूचक्कर हुए (देखें दस्तावेज)

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1 Comment

1 Comment

  1. SAHARAKARMI, DELHI

    September 8, 2015 at 4:29 pm

    Chinta ki koyi baat nahi. Sahara me Upendra Rai se bhi bada lutera sahara ko mil gaya hai. Sahara ka ab naam BhUmihar Sahara kar dena chahiye. Sahara ke sabhi key post par bhumihar baithenge. Patna me ek barishtha bhumihar ke bahnoyi ko EK UNIT KA MANAGER BANANE KI TAIYARI CHAL RAHI HAI. SAHARA KO AB DUBNE SE KOYI BACHA NAHI SAKTA. MAA DURGA THODI RAHAM SARASRI PAR KHAWO. SADBUDHI DIJIYE. SAHARA KE KUCHH NAMAK KA LIHAJ KARO.

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