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‘आजतक’ के स्टूडियो में ‘हिंदुस्तान’ के प्रधान संपादक फिसले, शशि शेखर की टांग टूटी, आपरेशन जारी!

शशि शेखर

एक बड़ी खबर शशि शेखर को लेकर आ रही है. हिंदुस्तान अखबार के प्रधान संपादक और देश के वरिष्ठ पत्रकारों में से एक शशि शेखर की आज सुबह टांग टूट गई. यह वारदात आजतक न्यूज चैनल के स्टूडियो में हुई. फिलहाल उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है जहां उनके टांग का का आपरेशन चल रहा है.

भड़ास4मीडिया को जानकारी मिली है कि आजतक न्यूज चैनल के स्टूडियो में आज सुबह नौ बजे के करीब हिंदुस्तान अखबार के प्रधान संपादक शशि शेखर पहुंचे थे. उन्हें चैनल के एक शो में बतौर एक्सपर्ट जर्नलिस्ट हिस्सा लेना था. इसी दरम्यान वे स्टूडियो में फिसल गए और बुरी तरह गिर पड़े.

आजतक चैनल के स्टूडियो में मौजूद मीडियाकर्मियों ने फौरन दौड़कर शशि शेखर को सहारा दिया लेकिन शशि शेखर बुरी तरह चोटिल हो चुके थे. उन्हें खड़े हो पाने में दिक्कत हो रही थी. आशंका जताई जाने लगी कि उनके एक पैर की हड्डी में जख्म हो चुका है. इसे देखते हुए तुरंत एंबुलेंस बुलाकर शशि शेखर को नजदीकी मेट्रो अस्पताल ले जाया गया.

फिलहाल डाक्टरों की एक टीम ने आपरेशन शुरू कर दिया है. शशि शेखर की हालत स्थिर है. इस दुर्घटनाग्रस्त वाले घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद शशि शेखर के अधीनस्थों और प्रशंसकों में शोक की लहर है. सभी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं. इतनी दुवाएं जरूर रंग लाएंगी और शशिजी स्वस्थ हो जाएंगे, ये माना जा रहा है.

उधर, आजतक प्रबंधन स्टूडियो में फिसलने की इस घटना को गंभीरता से लेकर आगे से कोई न फिसले, इसके लिए जरूरी बंदोबस्त कर रहा है. साथ ही इस बात की भी जांच कराई जा रही है कि आखिर शशि शेखर क्यों और किस तरह फिसल गए. स्टूडियो में फिसल जाने की इस बड़ी घटना से आजतक प्रबंधन भी सकते में है.

उल्लेखनीय है कि शशि शेखर की उम्र भी काफी हो चली है लेकिन वे नौजवान-से दिखते हैं. इसकी वजह उनका लगातार अपने शरीर पर ध्यान देना है. वह बेहद फिट और फुर्तीले हैं. बावजूद इसके, उनका फिसल जाना लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि ये भी सच है कि कोई भी कहीं भी फिसल सकता है. पर कोई कब और कहां फिसलेगा, बस यही किसी को ठीक ठीक पता नहीं होता जिसके चलते हर आम ओ खास दोनों में खुद के अब फिसलने या तब फिसलने को लेकर एक बराबर किस्म की आशंका बनी रहती है.

भड़ास के फाउंडर और एडिटर यशवंत सिंह की रिपोर्ट.

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7 Comments

7 Comments

  1. lalit

    April 26, 2019 at 3:14 pm

    शोक की लहर?why

  2. राजेश

    April 26, 2019 at 4:31 pm

    गोदींं मीडिया गिर गया,
    कुछ तो टूटेगा ही

  3. Anil srivastava

    April 27, 2019 at 1:37 am

    Pap ka fal yanhi isi janam me milta hai

  4. अमरेश कुमार सिन्हा

    April 27, 2019 at 5:05 pm

    घटना दुखदाई है पर कौन होनी को टाले। जब थोड़ा ठीक हो जाए तब पटना में पाठकों के साथ धोखा हो रहा है बताने का कष्ट करें 500 ठगी कर लिया है इस अखबार ने।

  5. b p

    April 27, 2019 at 5:57 pm

    duwa hi nahi bad duwa bhi lag rahi hai
    shok ki lahar hai

  6. Hokam देव

    April 27, 2019 at 6:46 pm

    शोक की लहर वो भी सिर्फ टांग टूटने पर । वाह लेखनी को सलाम

  7. उमेन्द्र

    May 7, 2019 at 2:12 am

    शोक किसी को नही होगा। पत्रकार के भेष में मैनेजर है शशि । सिर्फ दलाली आती है।

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