नवभारत टाइम्स ने रवीश कुमार पर बनाया घटिया चुटकुला, पढ़िए रवीश की प्रतिक्रिया

नवभारत टाइम्स ने मुझे लेकर लतीफा छाप दिया। यह लतीफा कितना ख़तरनाक है। आप पढ़ेंगे तो डर जायेंगे। पत्रकार को ऐसे डराया जाएगा तो एक बात याद रखियेगा। इस डर का नुकसान आपको होगा। नवभारत टाइम्स को ऐसा नहीं करना चाहिए था। मेरे नाम से हिट्स चाहिए तो ले लीजिए लेकिन समाज में ऐसी सोच मत डालिये जो एक दिन आपके पत्रकारों को भी खा जाएगी।

फ़ेसबुक पर अब दिखेंगी बेहतर सूचनाएं, शेयर, टिप्पणी गैरजरूरी

फेसबुक ने कहा कि वह अपने ‘न्यूज फीड’ को नया स्वरूप दे रही है ताकि लोगों को अपने दोस्तों के बारे में ज्यादा बेहतर सूचना मिल सके। विश्व की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्क साइट ने नया बदलाव पेश किया और समाचार लेख और अन्य सामग्री शेयर करने पर निर्भरता कम की।

Protest in arrest on FB comment on Azam Khan’s pressure

Social activists, led by Dr Nutan Thakur, today protested at Gandhi Statue, Hazratranj, Lucknow against arbitrary arrest of Class XI student for FB comment saying that this is complete State highhandedness undertaken purely on Azam Khan’s pressure. They included Devendra Dixit, Sharad Mishra, Anupam Pandey, Rohit Tripathi, Dr Praveen and others.

उमेश उपाध्याय कल तक पर्दे के पीछे से रोल निभा रहे थे, अब सामने आ गए हैं

S.a. Naqvi : सीएनएन-आइबीएन नेटवर्क 18 के प्रेसिडेंट उमेश उपाध्‍याय तो शायद दिल्ली भजपा के प्रदेश अद्यक्ष सतीश उपाध्याय के भाई और मुकेश अम्बानी के मुलाज़िम हैं. कभी खबरदार करने वाले आईबीएन की चाल ही अब बदल गई है. उमेश कल तक पर्दे के पीछे से अपना किरदार अदा कर रहे थे, आज सामने आये तो चौंकने वाली बात नहीं. वंदना शिवा का इस मंच पर पहुंचना भी नहीं चौंकाता. एक पुरानी देसी कहावत है “कुछ लोगों के फितरत होती है जहाँ देखा तवा-परात वहीं गुज़ारी सारी रात” यानी सेल्फ स्टाइल्ड स्वम्भू मौका परस्त कभी भी और कहीं भी दिख सकते हैं. उनकी उपस्थति कभी चौंकाती नहीं.

अवधेश कुमार जी, खुद के घर जब शीशे के हों तो दूसरों पर पत्थर नहीं मारते

अवधेश कुमार जी आजकल एक दुविधा में पड़े हैं। प्रतिष्ठत अखबार दैनिक जागरण से संबद्ध नई दुनिया को लेकर। उनकी परेशानी यह है कि जागरण में छपे संपादकीय लेख नई दुनिया में भी छापे जा रहे हैं। पर इसमें कोई गलती इसलिए नहीं कही जा सकती है क्योंकि दोनों ग्रुप एक ही हैं। इसलिए आपस में खबरों आलेखों का आदान प्रदान कर सकते हैं। जैसे आजतक न्यूज चैनल अपने रीजनल चैनल दिल्ली आजतक पर कई बार वही स्टोरी चलाता है जो पहले आजतक पर चल चुकी होती हैं।