अफवाहें उड़ाने वालो, देख लेंगे, तुम्हारे दुष्प्रचार में ताकत है या हमारे सच में : ओम थानवी

कुछ समय पहले बदमाशों ने, न सुहाने वाले एक आलोचक – जो टीवी पर भी बेबाक रहते हैं – के बारे में अफवाह उड़ाई कि उनकी पत्नी भाग गई हैं। अफवाह ऐसी कि कोई उनसे पुष्टि भी करना चाहे तो कैसे करे लेकिन कल मेरे बारे में उन लोगों ने थोड़ी रियायत बरती, सो मित्रों ने मुझे फोन कर बता भी दिया। उन कुछ के श्रीमुख से देशद्रोही, गद्दार, विदेशी एजेंट आदि जुमले तो रोज सुनते हैं; सो इसमें भी हैरानी नहीं हुई कि अब वे शराबी-कबाबी-व्यभिचारी कहें; कौन जाने कल बलात्कारी-हत्यारा या तस्कर भी कहने लगें। ऐसे गलीज तत्त्वों से कोई गिला नहीं। 

कानपुर में पत्रकार को दो गोलियां मारी गईं, हालत गंभीर

कानपुर में एक पत्रकार को गोली मार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

एम्स में होगी पत्रकार अक्षय के विसरा की जांच, नतीजा गजेंद्र की जांच जैसा होने का अंदेशा

मध्य प्रदेश सरकार ने टीवी पत्रकार अक्षय सिंह के परिवार की उस मांग को मंजूर कर लिया है, जिसमें अक्षय के विसरा की जांच प्रदेश से बाहर कराने की मांग की थी। उनके विसरा नमूने की जांच भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और केन्द्रीय फॉरेंसिंक विज्ञान प्रयोगशाला से जांच कराई जाएगी। गौरतलब है कि इसी तरह पत्रकार गजेंद्र सिंह की जांच के बाद बताया गया था कि उन्होंने तो आत्महत्या की थी! कपटी सरकारें जो न कर डालें, कोई क्या कर लेगा। दोनो पत्रकारों की मौत की सीबीआई जांच कराने से दोनो भ्रष्ट सरकारों ने इनकार कर दिया है। सत्ता के साए में अपराधियों, माफिया तत्वों के गिरोह पल रहे हैं। उनके धन-जनबल से सत्ता हासिल करनी है तो तरफदारी पत्रकारों के लिए क्यों होगी।