‘विषबाण’ अखबार के कार्यक्रम में आईएएस सूर्यप्रताप बोले- नौकरशाही गुलाम हो गई है खादी की

मथुरा । विषबाण साप्ताहिक अखबार के तृतीय स्थापना दिवस एवं व्यापारिक समाचार पत्र व्यापार मार्केट के शुभारम्भ के मोके पर आयोजित समारोह में कई रंग बरसे। आयोजन में जहाँ में मीडिया एवं जनसेवा के क्षेत्र में नाम कमाने वाले बुद्धीजीवियों ने समसामयिक विषयों पर अपने विचार रखें वहीं कार्यक्रम समापन से पूर्व कवियों ने ओज और हास्य का मिश्रण प्रस्तुत कर समां बांध दिया। कार्यक्रम के मध्य में आयोजित जादूगर अशोक ने अपने हैरतअंगेज जादूगरी से उपस्थितजनों का भरपूर मंनोरंजन कर यादगार शाम बना दी। आयोजन में उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस और शासन में चर्चित प्रमुख सचिव डॉ सूर्यप्रताप सिंह विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे। फेसबुक जैसी शोसल साईटस पर जुड़े हुये जनपद से बाहर के प्रशेसक भी उन्हें देखने सुनने के लिये कार्यक्रम में शामिल हुये। 

वर्तमान में सहिष्णुता को लेकर पूरे देश में चल रही बहस के सन्दर्भ में आयोजित बौद्धिक विमर्श में ‘सहिष्णुताः लोक, तन्त्र एवं राजनीति’ विषय पर गम्भीर चिंतन हुआ। दिल्ली से आये इण्डिया संवाद के कार्यकारी सम्पादक अरूण कुमार त्रिपाठी ने देश में असहिष्णुता की वृद्धि से सहमति जताते हुये कहा कि अब लोगों में अपनी आलोचना सुनने का धैर्य नहीं रह गया है। छोटी से छोटी बात पर लोग इतने उग्र हो जाते हैं कि अमर्यादित टिप्पणी कर देते हैं, उसके बाद फिर वह सामने वाले पर तब तक हावी रहते हैं जब तक कि वह या तो माफी ना मांग ले या फिर उस बहस से हट ना जाये।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ लोकतन्त्र के लिये स्वस्थ बहस का होना आवश्यक है। लोकतन्त्र का मतलब ही सभी के विचारों को सुनना समझना और स्थान देना है। देश में धर्म और जाति को लेकर लोगों के मतभेदों पर उन्होंने कहा कि कट्टरता किसी भी सूरत में घातक है। अगर कोई शरियत या मनुस्मृति के नियमानुसार आज के समाज को चलाना चाहते हों तो समाज में कट्टरता पैदा होगी। समाज की गति कट्टरता नहीं उदारता की ओर रहती है और जनहित में इसी की आज जरूरत है। उन्होंने कहा कि कलमुर्गी और इखलाख की हत्याओं से संसार में जो सन्देश जाता है उससे भारत की छवि को नुकसान पहुंचता है। लोगों के इस रवैये के लिये तन्त्र और राजनीति की असहिष्णुता जिम्मेदार है। पहले के समाज में निर्भीकता और निष्पक्षता से कबीर को अपनी बात रखने की स्वतन्त्रता थी लेकिन आज अगर कबीर अपनी बात कहते तो उनकी हत्या हो जाती।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि यूपी के चर्चित आईएएस और प्रमुख सचिव सूर्यप्रताप सिंह ने कहा कि आज नौकरशाही खादी की गुलाम हो गयी है जिससे जनता को न्याय के लिये नेताओं की चौखटों पर जाने पर मजबूर होना पड़ता है। प्रदेश की राजनीति पर बोलते हुये उन्होंने कहा कि आज यूपी परिवारों में बंटा हुआ है। यहां जनता की नहीं, राजीनितिक परिवारों की आवाज को सुना जाता है। उन्होंने ‘नेता लोगों कुर्सी छोड़ो, जनता आती है’’ का नारा देते हुये कहा कि वह मुख्यमंत्री बनने नहीं, बनाने के लिये निकले हैं। श्री सिंह ने बुन्देलखण्ड पर बोलते हुये कहा कि 57 प्रतिशत लोग भुखमरी के शिकार हैं, वहीं प्रदेश के नेता महोत्सव में मग्न हैं। उन्होंने राजनैतिक पार्टियों पर प्रहार करते हुये कहा कि वोटों की राजनीति के चलते कोई भी दल अपने वायदों को नहीं निभाता है। पिछले 68 सालों में यूपी की जनता को कुछ नहीं मिला। बीजेपी, बसपा और सपा सरकार बनने पर आरक्षण को लेकर किये अपने वायदों को ठण्डे बस्ते में डाल देती है। प्रदेश में सरकारी नौकरी में जाति विषेष की भर्ती को लेकर उन्होंने कहा कि 27 में 21 प्रतिशत तो यादव जाति को लिया गया है वहीं 6 प्रतिशत अन्य 233 जाति के लोगों को भर्ती किया। उन्होंने कहा कि भारत में जातियों को तोड़ नहीं सकते लेकिन जातियों का राजनैतिक रूप से प्रयोग गलत है। उन्होंने कहा कि देश में परिवर्तन लाने के लिये जनता को सत्ता अपने हाथ में लेनी होगी।

इससे पूर्व प्रमुख साहित्यकार मोहनस्वरूप भाटिया, भारतीय व्यापार मण्डल के वरिष्ठ राष्ट्रिय उपाध्यक्ष रविकान्त गर्ग, प्रमुख समाजसेवी गजेन्द्र शर्मा, कोसी नगरपालिकाध्यक्ष भगवत प्रसाद रूहेला ने कहा कि असहिष्णुता के नाम पर देश का माहोल खराब किया जा रहा है। जिस देश में बच्चों को चीटीं को भी मारने से रोका जाता हो वहां इस तरह की बातें व्यवहारिक नहीं कही जा सकती। इस अवसर पर समाजसेवा के क्षेत्र में पं. गजेन्द्र शर्मा, उमेश चन्द्र गर्ग, साहित्य के क्षेत्र में डॉ0 धर्मराज, प्रमुख सामाजिक क्रान्तिकारी राजीव दीक्षित को मरणोपरान्त उनके पिता राधेश्याम दीक्षित एवं माताजी मिथलेश दीक्षित को समाजसेविका लीलावती स्मृति सम्मान से प्रमुख सचिव द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख कवि ओमपाल सिंह निडर, मनवीर मधुर, सबरस मुरसानी, रामबाबू सिकरवार, सुश्री दिव्या ज्योति, प्रभात परवाना, अमित शर्मा, अनुपम गोतम ने काव्यपाठ कर जमकर तालियॉं बटोरीं।

मसानी स्थित अग्रवाटिका में उक्त कार्यक्रम का प्रारम्भ जादूगर आकाश के शो से हुआ। जादूगर ने मुंह से बड़ी संख्या में ब्लेड निकालने जैसे विभिन्न कारनामों से लागों को अचंभित कर दिया। अपने शो में उसने मुख्य सचिव को भी जादू से चकित कर दिया। सभी के सामने आईएएस एस.पी.सिंह से अपने लिये प्रशस्तिपत्र लिखवाया, गवाही में तीन अन्य अतिथियों के हस्ताक्षर लिये। बाद में जब इस प्रशस्ति पत्र को पढ़ा गया तो उसमें मुख्य सचिव की सारी सम्पत्ति जादूगर ने अपने नाम करवा ली थी। यह देखकर सदन में मौजूद लोग ठहाका मारने पर विवश हो गये।

कार्यक्रम में बसेरा ग्रुप के चेयरमेन रामकिशन अग्रवाल, उद्योग व्यापार मण्डल (कंछल गुट) के प्रदेश मंत्री कंचन लाल अग्रवाल, जिलाध्यक्ष राजकुमार गोयल, ईंट भट्टा एशोसिएशन ठाकुर संजीव सिंह, प्रदीप राजपूत एडवोकेट, मनोज शर्मा एडवोकेट, वरिष्ठ पत्रकार सुरेन्द्र चतुर्वेदी, मदनगोपाल शर्मा, हरेन्द्र चौधरी, मोहन श्याम शर्मा, धमेन्द्र चतुर्वेदी, विवके दत्त मधुरिया, विपिन सिंह, मातुल शर्मा, नरेन्द्र एम. चतुर्वेदी,  सी.के. उपमन्यु, मोरध्वज अग्रवाल, लोकेन्द्र वर्मा, जगदीश वर्मा ‘समन्दर’, के.के. गर्ग, कपिल शर्मा, दीपक गोस्वामी आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम संयोजक मफतलाल अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत कर स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन अनुपम गोतम, प्रदीप राजपूत एवं मनवीर मधुर ने संयुक्तरूप से किया।

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