सर्किल न्यूज एप्प ने दर्जनों ऑफिस बंद किए, पढ़े ये आंतरिक पत्र

सर्किल न्यूज़ एप्प ने लखनऊ और कोच्चि ऑफ़िस बन्द करने के बाद अब दर्जनों जिलों में कार्यरत रिपोर्टर्स को सड़क पर ला दिया है। भड़ास पहले ही दो ऑफिस बंद किए जाने की खबर छाप चुका है। अब पढ़ें दर्जनों जिलों में तालाबंदी को लेकर जारी आंतरिक मेल-

नमस्कार साथियों,

आशा करता हूँ आप सभी कुशल मंगल हैं. बीते एक वर्ष में हम सब के कठिन परिश्रम से सर्कल ऐप ने नई बुलंदियों को छुआ है. आपके और हमारे प्रयासों ने लोकल न्यूज़ और हिंदी पत्रकारिता को निश्चित ही एक नयी दिशा प्रदान की है. गत वर्ष जुलाई में सर्कल ऐप ने ही सबसे पहले लोकल डिजिटल न्यूज़ के कांसेप्ट को दुनिया के सामने रखा था, हमारी सफलता को देख धीरे धीरे अन्य संस्थानों ने भी इसी दिशा में कदम उठाये, जिससे संपूर्ण पत्रकारिता का परिवेश बदल रहा है.

इतिहास गवाह रहा है कि जब भी किसी ने नयी राह बनाने की कोशिश की है, तो उसके पथ में अविचल पहाड़ ज़रूर आते हैं. कुछ ऐसे ही पहाड़ हमारी राह में भी खड़े हैं जिन पर हमें शीघ्र ही फ़तह हासिल करनी है. हमने बेहतर तकनीक, प्रोडक्ट और सर्विस तो बनाई ही है, अब हमें इस पर आधारित एक सफल बिजनेस भी बनाना है. अगले कुछ महीनों में हमें सर्कल ऐप की तकनीकी को 10 गुना बेहतर और बिजनेस को प्रॉफिटेबल बनाना है.

क्योंकि हमारी टीम बहुत छोटी है इसलिए सभी 144 जिलों में यह करना अत्यंत कठिन है. इसलिए हमें अगले कुछ महीनों के लिए अपनी सेवायें कुछ जिलों में अस्थाई रूप से रोकनी पड़ रही है.

निम्नलिखित जिलों में सर्कल ऐप की सर्विस 10 नवंबर 2019 से लेकर 29 फ़रवरी 2020 तक स्थगित रहेंगी. 1 मार्च 2020 को ये सेवाएं पुनः प्रारंभ की जाएँगी. इन जिलों के पार्टनर्स 10 नवंबर तक खबरें ऐप पर पब्लिश कर सकते हैं. इन खबरों से संबंधित पेमेंट आपके खाते में 15 नवंबर तक आ जायेगा. आप सभी 1 मार्च 2020 से ऐप पर पुनः ख़बरें प्रकाशित कर सकेंगे.

अस्थाई रूप से स्थगित होने वाले जिलों की सूची:

अंबाला, भिवानी, चरखी दादरी, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, कैथल, करनाल, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, नूह, पलवल, पंचकुला, पानीपत, रेवाड़ी, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुना नगर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, दौसा, हनुमानगढ़, जैसलमेर, राजसमंद, सीकर, सिरोही, श्री गंगानगर, अमेठी, औरैया, अयोध्या, बागपत, बहराइच, बलरामपुर, बाराबंकी, बरेली, भदोही, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, चंदौली, देवरिया, फतेहपुर, गौतम बुद्ध नगर, गाज़ियाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हाथरस, लखीमपुर खेरी, लखनऊ, महाराजगंज, मिर्जापुर, मुरादाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पीलीभीत, रायबरेली, सहारनपुर, संभल, श्रावस्ती, सिद्धार्थ नगर, सोनभद्र, उन्नाव, जयपुर

अन्य सभी जिलों में सेवाएं नियमित रूप से चलती रहेंगी.अस्थाई रूप से स्थगित जिलों की सूची जिले में एक्टिव यूजर्स की संख्या के हिसाब से तैयार की गयी है. हम अपने टॉप यूजर्स वाले जिलों में प्रोडक्ट को और बेहतर कर, एडवेर्टीजमेंट बिजनेस की आधारशिला रखेंगे. किसी भी असुविधा के लिए खेद है. उम्मीद है हमेशा की तरह इस कठिन निर्णय पर भी आपका सहयोग मिलेगा.

अपने किसी भी सवाल या उपरोक्त नोटिस से संबंधित किसी भी चीज को लेकर आप हमारी टीम से सीधे संपर्क कर सकते हैं. आप पार्टनर ऐप में सपोर्ट पर, किसी भी सदस्य के फ़ोन पर या hi@circle.page ईमेल पर हमसे संपर्क कर सकते हैं. यदि आप पर्सनली मुझे कुछ संदेश भेजना चाहते हैं तो मेरी ई.मेल-आई.डी shashank.shekhar@circle.page पर ईमेल कर सकते हैं.

धन्यवाद सहित
आपका
शशांक शेखर,
सी.ई.ओ
सर्कल ऐप

कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

Comments on “सर्किल न्यूज एप्प ने दर्जनों ऑफिस बंद किए, पढ़े ये आंतरिक पत्र

  • आमिर किरमानी says:

    आज के दौर में जब ज्यादातर मीडिया हाउस, जिसमें प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों मीडिया शामिल हैं, अपने रिपोर्टर या strigers को खबरों के लिए पेमेंट नहीं दे रहे हैं, सर्किल ने ऐसे कठिन समय पर तमाम जिलों के बेरोजगार पत्रकारों को पेमेंट करने का सिस्टम शुरू किया। जिसमें 10,000 से लेकर ₹40,000 तक रिपोर्टर्स ने कमाए।
    (खास बात यह है कि सर्किल ने कभी विज्ञापन की भी मांग नहीं की)
    वाकई सर्किल की टीम बधाई की पात्र है। लेकिन अचानक कुछ जिलों में बंद होना समझ में नहीं आ रहा है। मैं भी सर्किल टीम का सदस्य हूं और मुझे भी पिछले 8 महीने से लगातार कम से कम ₹10,000 प्रतिमाह मिल रहा है। अचानक सर्किल का कुछ जिलों में बंद हो जाना दुखद है। उम्मीद करता हूं यह पुनः अपने पूरे जोशो खरोश और ऊर्जा के साथ लौटेगा, क्योंकि दर्शकों ने इसको बहुत सराहा है और काफी पसंद भी किया है। जिसका कारण है कि इसके 10 मिलियन से ज्यादा विवर हैं।
    इस ऐप की सबसे खासियत यह है कि इसमें खबरें प्रकाशित करवाने के लिए बहुत हाई क्लास की टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया है, जिसमें रिपोर्टर अपने मोबाइल से ही खबरें बनाकर सर्किल एप में अपलोड करके तुरंत प्रकाशित भी कर देता है।
    अनेक शुभकामनाओं के साथ
    सादर- आमिर किरमानी, पत्रकार, हरदोई
    9415175786

    Reply
    • प्रमोदपाल सिंह मेघवाल says:

      सर्किल अगर कमजोर होता हैं तो ग्रामीण पत्रकारिता कमजोर होगी। क्योंकि सर्किल ने छोटे से छोटे गांव व छोटी से छोटी खबर को उठाने का प्रयास किया। इसने पत्रकारिता की एक नई विधा को जन्म दिया। इसने ग्रामीण पत्रकारों को भी सही तरीके से कमाई का अवसर दिया।

      Reply
  • आलोक सिंह says:

    सर्किल का फैसला मान्य है
    जिन जिलों में सर्किल बन्द हो रहा है वहां के रिपोर्टर्स ने कंपनी के प्रयोगों पर ज्यादा ध्यान नही दिया होगा
    शेष 1 मार्च से फिर सभी जिलों से मुलाकात हो ऐसी कामना करता हूँ
    आलोक सिंह
    सिटी लीड
    हरदोई
    यूपी

    Reply
  • मनोज तिवारी says:

    ईश्वर से कामना करते है कि आप मजबूती के साथ उभरे

    Reply
  • इब्ने हसन ज़ैदी says:

    सर्किल एप ने ऐसे समय मे रिपोटर्स को सहारा दिया जब तमाम रीजनल चैनल बन्द हो रहे थे।
    और सबसे सराहनीय तो ये है कि खबरों के पैसे समय से देते रहे आज अगर कुछ जिलों में सेवा बन्द करि है तो ज़रूर कोई समस्या होगी।
    आशा करता हु जल्द ही सब ठीक हो जायेगा

    Reply
  • पंकज कुमार तिवारी says:

    सर्कल बन्द हो रहा है,ये जानकर बडा़ दुख हुआ
    मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि,सर्कल न्यूज का जबरर्दस्त वापसी जल्दी हो

    श्रावस्ती से संवाददाता पंकज कुमार तिवारी

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *