आजतक ग्रुप के बंधुआ मजूरों के लिए आ गई नियमावली!

-दीपांकर पटेल-

आजतक ने अपने कर्मचारियों को गुलाम बनाने का खेल शुरू कर दिया है.

आदेश है कि कोई कर्मचारी सोशल मीडिया पर अपने मन से कुछ नहीं लिखेगा… खाली कम्पनी का प्रचार करेगा…

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One comment on “आजतक ग्रुप के बंधुआ मजूरों के लिए आ गई नियमावली!”

  • इन मैडम की हर चिट्ठी में यू एंड अस वाली भाषा होती है. ये कली पुरी की गोएबल्स है. कर्मचारियों को औकात में रखने वाली भाषा हमेशा होती है. ये मालकिन और बाकी सारे गुलाम. वैसे भी गुलामी तो चरम पर है. संपादक जो सोचता है वो चिट्टी में लिखे और तकिये के नीचे रख ले क्योंकि निजी विचार कुछ हैं नहीं नहीं. जो है सब माता मैया का है

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