आदर्श पेलने वाले अखबार मालिकों की असलियत

कुछ भी हो, मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों ने अच्छे-अच्छों की पोल खोल कर रख दी है… दुनिया भर का आदर्श पेलने वाले अखबार मालिकों की असलियत देखनी हो तो बस, एक बार मजीठिया वेज बोर्ड के मुताबिक़ अपनी सैलरी एवं बकाया की मांग कर के देख लीजिये!

सरकार से विज्ञापन लेने के लिए ये मालिक अपने अखबार को देश ही नहीं, ब्रह्माण्ड का भी नंबर- 1 बताने में हिचकिचाएंगे नहीं, लेकिन बात जब उसी के अनुसार, उक्त वेज बोर्ड उन्हें वेतन देने के लिए कहेगा या फिर आप स्वयं मांगने की हिम्मत जुटा लेंगे, तब इनका सारा आदर्श इनकी माँ के मायके चला जाता है!

और ये सब तब है, जब माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने हर-एक अखबार मालिक को 2014 में ही आदेश दे रखा है कि वे अपनी-अपनी कमाई के मुताबिक़, एक साल के भीतर और चार समान किश्तों में अपने समस्त कर्मचारियों का बकाया अदा कर दें!

NDTV India पर लगे एक दिन के बैन का समर्थन करने या बैन के विरोध में विधवा विलाप करने वाला कोई नेता है, जो प्रिंट के पत्रकारों पर हो रहे इस ज़ुल्म पर अपना मुंह खोलने की दिलेरी दिखा पायेगा?

धर्मेन्द्र प्रताप सिंह
प्रिंसिपल करेस्पॉन्डेंट
दैनिक भास्कर
मुम्बई
मोबाइल: 9920371264
ई-मेल: dpsingh@journalist.com



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Comments on “आदर्श पेलने वाले अखबार मालिकों की असलियत

  • NDTV par Widhwa wilap karney waley netaon ko Majithia ke workers se kya lena-dena…! Unhein hum Gareeb Workeron se kya milney wala…? Main to shuru se keh raha hoon, ki NDTV par Jitney Netagan, Kshatra Union aur na janey kaun-kaun… sabhi “Dalaal” hain aur Ek hi Chatte-batte hain…. Inhein ab dheere-2 samajh me aa raha hai….

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