वरिष्ठ पत्रकार अनुपम परदेशी की स्मृति में परिचर्चा का हुआ आयोजन

‘’मीडिया का गिरता स्तर, ज़िम्मेदार कौन?’’ विषय पर पत्रकारों और साहित्यकारों ने रखे विचार

कवियों ने पत्रकारिता पर अपनी कविताओं से बांधा समा

सूचना केंद्र प्रतापगढ़ में आयोजित हुआ परिचर्चा कार्यक्रम

प्रतापगढ़ । राजस्थान मीडिया एक्शन फोरम की ओर से ‘’मीडिया का गिरता स्तर, ज़िम्मेदार कौन’’ विषय पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन सूचना केंद्र प्रतापगढ़ में किया गया। फोरम के संस्थापक अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने बताया कि जयपुर में प्रदेश स्तर पर आयोजन के बाद जिला स्तर पर परिचर्चा की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकार अनुपम परदेशी की स्मृति में प्रतापगढ़ से की गई है एवं आने वाले समय में प्रत्येक जिले में इस विषय पर परिचर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। प्रतापगढ़ सूचना केंद्र में हुई परिचर्चा में कई वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार एवं कवि पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता फोरम के संस्थापक अध्यक्ष अनिल सक्सेना ने की एवं राष्ट्रीय कवि-साहित्यकार हरीश व्यास मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ पत्रकार महावीर कुमार मोदी, दिलीप कुमारी कोठारी, संजय जैन, राकेश सोनी और साहित्यकार मदन वैष्णव, चांदमल चंदू, पीआरओ चित्तौड़गढ़ प्रवेश परदेशी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पहुंचे पत्रकारों एवं साहित्यकारों ने विषय पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम में ‘’अनुपम परदेशी चौराहे एवं पत्रकारिता भवन’’ पर भी विचार किया गया।

फोरम के जिलाध्यक्ष गिरीश पालीवाल बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती माँ के आगे दीप प्रज्ज्वलन कर की गई। कार्यक्रम के आरम्भ में संचालक और फोरम के जिलाध्यक्ष गिरीश पालीवाल ने फोरम द्वारा की गई इस पहल की जानकारी दी और विषय पर अपनी बात कही। पालीवाल ने कहा कि पत्रकारों को अपने दायित्वों का ध्यान रखना होगा एवं किसी भी समाचार के संकलन, लेखन एवं प्रकाशन के दौरान सभी मानकों पर खरा उतारते हुए कार्य करना होगा।

आयोजन प्रभारी संदीप माली ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम में पहुंचे वरिष्ठ पत्रकार संजय जैन ने कहा कि पत्रकारिता के गिरते स्तर के लिए हम सभी को आत्ममंथन करना होगा, हमें उच्च आदर्शों और मानकों पर पत्रकारिता करनी होगी, किसी भी समाचार को लिखने से पहले उसके सभी तथ्यों को समझते हुए लिखना होगा। उन्होंने बताया कि पहले हर समाचार पर पत्रकार मेहनत करते थे, आज आसानी से मोबाइल पर मिलने वाले समाचारों में वह गुणवत्ता नहीं होती। संजय जैन ने कहा कि देश की आज़ादी में पत्रकारों का बहुत बड़ा योगदान रहा है, अंग्रेजों से छिपते-छिपाते अखबार निकालना और फिर उसे उस जमाने में लोगों तक पहुंचाना कोई आसान कार्य नहीं था, लेकिन वे पत्रकार हमारी तरह डिगे नहीं और कर्तव्य निबाहते चले गए, हमें भी उसी भावना से कार्य करना होगा और किसी भी दबाव से बिना डरे पत्रकारिता करनी होगी।

वरिष्ठ पत्रकार महावीर कुमार मोदी ने कहा कि पत्रकारों के हित में हम सभी को निरंतर प्रयास करने होंगे, उन्होंने पत्रकारों के हित में पत्रकार अनुपम परदेशी की स्मृति में पत्रकार भवन बनवाने की बात भी कही, जिस पर सभी ने तालियाँ बजा कर सहमती व्यक्त की। पत्रकार राकेश सोनी ने कहा कि मीडिया का स्तर क्यों गिर रहा है, पत्रकार स्वयं इसका आंकलन करें, क्योंकि हमारे समाचारों को अन्य तीन स्तम्भ ही नहीं, बल्कि हर व्यक्ति देख रहा है। आप जब भी कोई समाचार लिखें तो ध्यान रखें कि आपके समाचार का क्या प्रभाव पढने वाला है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के स्तर गिरने के पीछे स्वयं पत्रकार ही ज़िम्मेदार है, आपकी लेखनी ही आपकी पहचान है।

इसी प्रकार से मुख्य अतिथि हरीश व्यास ने स्वर्गीय पत्रकार अनुपम परदेशी का जीवन परिचय देते हुए उन्हें याद किया और विषय पर अपने विचार रखे। उन्होंने साहित्यकार मन्नालाल परदेशी और उनके पुत्र अनुपम परदेशी के साथ अपनी साहित्यिक यात्रा को याद किया। साहित्यकार मदन वैष्णव ने भी पहले परदेशी के साथ बिताए पलों को याद किया और कहा कि आजकल अखबारों में होने वाले वर्तनियों की गलतियों को गंभीरता से लेने को कहा और बताया कि हम आजकल अच्छी भाषा को पीछे छोड़ते जा रहे हैं, जो ठीक नहीं है और हमें निरंतर इसमें सुधार करने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में पहुंचे पत्रकार अरुण वोहरा ने बताया कि हाल ही में हुई एक अभिनेता के स्युसाइड मामले में मीडिया की रिपोर्ट निम्न स्तर पर रही है, इस तरह की रिपोर्ट्स से स्तर गिरा है, यह हमारा काम नहीं है, हमें गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता करनी होगी। अरुण वोहरा ने भी बताया कि आज के दौर में पत्रकारिता का स्तर बहुत गिर गया है, आमजनों को हमसे बहुत अपेक्षा है, हमें अपनी लेखनी में सुधार करना होगा। पत्रकार पंकज जैन ने कहा कि उन्होंने दिवंगत पत्रकार अनुपम परदेशी के साथ करीब पच्चीस साल कार्य किया और हमेशा यही देखा कि परदेशी ने किसी भी खबर से समझौता नहीं किया, उन्होंने कहा कि हमें भी आज उन्हीं आदर्शों पर चलने की जरूरत है, तब ही पत्रकारिता सार्थक हो सकती है।

पत्रकार हर्षवर्धन जोशी ने बताया कि आजकल सोशल मीडिया पर फ़ैल रही फेक न्यूज़ से भी निरंतर पत्रकारिता का स्तर गिरा है, जिसे हमें सुधारना होगा। पत्रकार मनोज राठोर ने कहा कि सोशल मीडिया के आगमन से प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर काफी असर पड़ा है और सोशल मीडिया पर आने वाली पोस्ट्स से प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। महिला पत्रकार आशा टांक ने कहा कि हमें अनुपम परदेशी द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलते हुए अच्छी पत्रकारिता करनी होगी ताकि इसका स्तर हम बनाए रखें।

कार्यक्रम में कवि विजय विद्रोही ने पत्रकारिता पर अपनी ओजस्वी पूर्ण कविता का पाठ सुनाया जिसने सभी को अभिभूत कर दिया। विजय विद्रोही ने कहा, ‘’पत्रकारिता का स्तर कितना गिर गया, बिना दुशासन के दौपदी का चीर गिर गया…दिखाना था जनता त्रस्त है महंगाई की मार से, दिखा दिया करीना संग तैमुर घूम रहे कार से…” कवि सुरेन्द्र सुमन ने भी अपनी ओजस्वी कविता से कार्यक्रम में समा बाँध दिया और पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डाला। सुमन ने कहा, ‘’पत्रकार ने शब्द लिखा, वो शब्द ख़ास हो जाता है…चौथा स्तम्भ त्रिनेत्र के रूप में न्याय दिलाता जाता है।”

इसके साथ ही कवि चांदमल चंदू ने भी पत्रकारिता की वर्तमान स्थिति पर अपना गीत सुना कर ज्वलंत मुद्दे पर अपना वक्तव्य दिया।

पीआरओ चित्तौड़गढ़ प्रवेश परदेशी ने कहा कि हमें कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए उत्कृष्ट लेखनी के माध्यम से अपनी बात कहनी चाहिए, शोर्ट न्यूज़ के इस दौर में सम्पादकीय और फीचर लेख भी पढने चाहिए ताकि व्यक्तित्व विकास हो सके।

कार्यक्रम में पहुंचे फोरम के संस्थापक अध्यक्ष और इस अभिनव पहल की शुरुआत करने वाले अनिल सक्सेना ने बताया कि पत्रकारिता के निरंतर स्तर गिर रहा है, हमारी ख़बरों की गुणवत्ता कम हो रही है, आज भी हमारे बीच अच्छे पत्रकार हैं जो कि दिन-रात मेहनत पर पत्रकारिता के स्तर को बनाए हुए हैं, हम सभी को उनसे सिख लेनी होगी और उच्च मापदंडों पर खरा उतरना होगा। सक्सेना ने बताया कि वे इस प्रकार की वार्ताएं पूर्व में राजधानी दिल्ली और जयपुर में कर चुके हैं और अब पहली बार राजस्थान में हर जिले में ऐसी परिचर्चा हो रही है जो कि अपने आप में राजस्थान में हुई अभिनव पहल है।

कार्यक्रम में पहुंचे पत्रकारों, साहित्यकारों एवं कवियों ने वरिष्ठ पत्रकार अनुपम परदेशी को श्रद्धांजली दी एवं उनकी पत्नी रेखा परदेशी का शोल ओढ़ा कर सम्मान किया।

अनुपम परदेशी चौराहे एवं पत्रकारिता भवन की उठी मांग

जिलाध्यक्ष गिरीश पालीवाल ने बताया कि कार्यक्रम में दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार अनुपम परदेशी की स्मृति में शहर के किसी भी एक चौराहे का नामकरण करने एवं परदेशी पत्रकार भवन के निर्माण के प्रस्ताव पर चर्चा हुई। वरिष्ठ पत्रकार महावीर कुमार मोदी ने पत्रकार भवन बनवाने और उसका नामकरण अनुपम परदेशी के नाम पर करने की बात कही, जिस पर कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों ने सहमती व्यक्त की। इसी तरह से अन्य पत्रकार ने भी शहर के एक चौराहे पर नामकरण अनुपम परदेशी के नाम पर करने की बात कही। गिरीश पालीवाल ने बताया कि इस हेतु प्रयास कर कार्य को पूरा किया जाएगा।

जिलाध्यक्ष ने सभी का जताया आभार

कार्यक्रम के अंत में जिलाध्यक्ष गिरीश पालीवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया और इस अभिनव पहल के लिए फोरम संस्थापक अनिल सक्सेना को साधुवाद दिया। कार्यक्रम में जिले के कई गणमान्य पत्रकार, साहित्यकार एवं कवि आदि मौजूद रहे।

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