बरखा सिंह उर्फ़ बरखा रानी… बाक़ी तो जो है, सो हइयै है !

बरखा सिंह उर्फ़ बरखा रानी ( जब वे मंचीय कवि थीं तब का उपनाम) आरके पुरम क्षेत्र से विधान सभा चुनावों में इस बार अपनी ज़मानत गँवा चुकी हैं पर वे दिल्ली राज्य महिला आयोग की प्रमुख हैं और दीपक चौरसिया के चैनल पर “आप” प्रकरणों में कांग्रेस/महिला आयोग की ओर से पैनलिस्ट होती हैं ।

उन्होंने कोई नोटिस कुमार विश्वास को भेजा है जो विश्वास को मिलने से पहले “छौंक” लगाकर दैनिक जागरण, पंजाब केसरी आदि अख़बारों में छपा है और “फ़्रेण्ड्स आफ ओल्ड आप”टाइप FB अकाउंट्स उसे और तड़का लगाकर फैलाने के प्रयास में हैं ।

कुमार विश्वास बहुतों को नापसंद हैं । वामपंथी उन्हे दक्षिणपंथ/मोदी/RSS का एजेंट बताते हैं । अन्य उनके चरित्र पंजीयन का रोज़नामचा रखते हैं और उन्हे लंपट सिद्ध करने के प्रयास में रहते हैं । कुमार विश्वास नौजवानों में केजरीवाल के बाद IAC के आन्दोलन में चर्चा में रहे सबसे चर्चित चेहरे हैं । आन्दोलन में आने से पूर्व से ही वे कवि सम्मेलनों के बेहद लोकप्रिय रोमांटिक हस्ताक्षर थे और आन्दोलन ने उन्हे और ऊँचाइयों पर ला बिठाया ।

उनके बारे में एक फ़र्ज़ी email ID से अमेठी के चुनाव के दौरान एक “सेक्सी” शिकायत प्लांट हुई थी । मामला शीर्ष नेताओं के email पतों में discuss हुआ था और तथ्यों की अनुपलब्धता से दाख़िल दफ़्तर था पर जब योगेन्द्र/प्रशान्त विवाद हुआ तो केजरीवाल पर हमले (विश्वास को तोड़ने के लिये) के दौरान यह “लीक” मीडिया में आया । कथ्य यह है कि विश्वास की पत्नी ने किसी महिला कार्यकर्ता पर विश्वास से संबंध का आरोप लगाया ( किससे, कब, कहाँ,किस माध्यम पर? यह कहीं नहीं है)। इस बात को एक फ़र्ज़ी ईमेल पते से केजरीवाल को भेजा गया था जिसे केजरीवाल ने पीएसी सदस्यों को जाँच के लिये बढ़ा दिया था ।

अब की ख़बरों के अनुसार इस संबंध में महिला आयोग में किसी महिला ने शिकायत की है कि वे आप कार्यकर्त्री हैं व विश्वास की पत्नी उन्हे घूम घूम कर झूठा बदनाम कर रही हैं (कहाँ ? यह दर्ज नहीं है)। सोशल मीडिया में फैला रही हैं (कब कहाँ? दर्ज नहीं है)। और कि उनके पति ने उन्हे छोड़ दिया है और विश्वास व केजरीवाल उनकी बात सुन नहीं रहे !

इस शिकायत पर महिला आयोग का नोटिस गया है जो छपा है। शिकायत के अनुसार विश्वास की पत्नी उन्हे (उस महिला को) झूठा बदनाम कर रही हैं पर समाचारों का शीर्षक है ” विश्वास ने महिला की ज़िन्दगी बरबाद की “, बाक़ी तो जो है, सो हइयै है !

शीतल पी सिंह के एफबी वॉल से

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