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भड़ास4मीडिया की मौत का ऐलान हम सबके लिए एक बुरी खबर है

चर्चित मीडिया केन्द्रित वेबसाइट भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने ऐलान किया है कि 26 अगस्त से वेबसाइट का संचालन बंद कर दिया जाएगा। पिछले एक दशक से मीडिया संस्थानों के न्यूज़ रूम के अंदर और बाहर पत्रकारों और उनके मालिकों के अच्छे-बुरे कर्मों को बेबाकी के साथ प्रकाशित करने वाले यशवंत सिंह आर्थिक संकट की वजह से भड़ास को बंद करने की बात पहले भी करते रहे हैं, लेकिन जैसे-तैसे यह वेबसाइट अब तक चलती आ रही है।

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चर्चित मीडिया केन्द्रित वेबसाइट भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने ऐलान किया है कि 26 अगस्त से वेबसाइट का संचालन बंद कर दिया जाएगा। पिछले एक दशक से मीडिया संस्थानों के न्यूज़ रूम के अंदर और बाहर पत्रकारों और उनके मालिकों के अच्छे-बुरे कर्मों को बेबाकी के साथ प्रकाशित करने वाले यशवंत सिंह आर्थिक संकट की वजह से भड़ास को बंद करने की बात पहले भी करते रहे हैं, लेकिन जैसे-तैसे यह वेबसाइट अब तक चलती आ रही है।

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अब एक बार फिर यशवंत सिंह ने बकायदा 26 अगस्त का दिन मुर्करर करते हुए भड़ास को बंद करने का ऐलान किया है। यशवंत ने इसकी वजह आर्थिक संकट के साथ ही हिन्दी समाज और समझ को बताया है। भड़ास की भूमिका का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यह वेबसाइट देश के ज्यादातर हिन्दी अखबारों व न्यूज़ चैनल के कार्यालयों में बैन कर दी गई है। संपादक की कुर्सी पर बैठकर सामंतों की तरह व्यवहार करने वाले मालिक-संपादकों को हमेशा इस बात की चिंता रहती है कि कहीं उनके काले कारनामे लीक होकर भड़ास तक न पहुंच जाएं। संपादकों की अयाशी से लेकर दलाली तक की खबरों को भड़ास पर जगह मिलती रही है।

मीडिया के भीतर की सड़ाध को बाहर लाने में भड़ास का एक अहम रोल रहा है। यही वजह रही है कि भड़ास, भ्रष्ट व सत्ता की दलाली करने वाले पत्रकार व मीडिया मालिकों की आंख की किरकिरी बना रहता है। हालांकि भड़ास पर भी आरोप लगता रहा है कि वह एकतरफा रिपोर्टिंग के जरिये सनसनी की तरह खबरें प्रकाशित करता है और गाहे-बगाहे चिरकुट किस्म के धंधेबाजों को जरूरत से ज्यादा स्पेस देता है।

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ऐसे वक्त में जब भारत में मीडिया का कारपोरेटीकरण तेजी से हो रहा हैे, और मीडिया संस्थाओं के न्यूज़ रूम में साजिशों, षडयंत्रों का सिलसिला पहले से और भयावह होता जा रहा है, तब भड़ास जैसी संस्थाओं का होना और भी बेहद जरूरी है। ऐसे में भड़ास की बंदी का ऐलान हम सब जो भी उसके चाहने वाले हैं, के लिए एक बुरी खबर है। इस पर हम मातम ही मना सकते हैं! यशवंत की हिम्मत अब अगर जवाब दे रही है और वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि  भड़ास के लिए अब मौत ही बेहतर विकल्प है तो यही सही! नई यात्रा के लिए शुभकामनाएं!

लेखक दीपक आज़ाद उत्तराखंड के तेजतर्रार पत्रकार और ‘वाचडाग‘ के एडिटर हैं.

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0 Comments

  1. NAUSHAD ali

    July 18, 2017 at 11:43 am

    मुझे यह समाचार पढ़कर बड़ा झटका लगा !हम अच्छा चाहने और निपक्ष समाचार पढ़ने वालों के लिए वाकई दुख की बात है

  2. Pradeep Rawat

    July 18, 2017 at 12:28 pm

    भड़ास4मीडिया, यह एक नाम नही। पत्रकारों का वह मंच है जहां बिना किसी भेदभावपूर्ण किये हम कलमवीरों को एक ऐसा मंच दिया है जहां बेबाक़ी व निडरता के साथ पत्रकार अपनी बात को रखते रहे हैं। जहां न अख़बार के मालिकों का भय है ना ही दलाल और चाटुकार संपादकों का प्रभुत्व। जो ख़बरों को अपने अनुसार लगवाये। पिछले 10 सालों से यशवंत भाई ने हम पत्रकार साथियों का खूब साथ निभाया, निडरता और निर्भीकता के चलते यशवंत जी को सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा,लेकिन भाई ने हिम्मत नही हारी। जिन सिद्धातों को लेकर चले वह आज भी कायम है।। लगभग आठ वर्षों पूर्व यशवंत जी से मेरा सरोकार है। पहलीबार बात सिर्फ फ़ोन पर हुई,जब मैं मध्य प्रदेश के बड़ते हुए पत्र Raj Express में कार्यरत था। यशवंत भाई से उसी दरम्यान बात होती थी।। आज भी अनवरत।। मुझे उम्मीद तो कदापि नही थी कि bhadas4media को इतना लंबा खींच पाएंगे। आज मैंने संदेश प्राप्त किया कि भड़ास एक बार फिर 26अगस्त से अपना पोर्टल बंद करने जा रही है।। दुःखद और पीड़ा दायक है।। दलालों ,भ्रष्ठ व चाटुकारों की अब कौन पोल खोलेगा।।

    प्रदीप कुमार रावत,
    आगरा,यूपी

  3. Kashinath Matale

    July 18, 2017 at 2:26 pm

    Dear Bhadas4media.com
    Dear Com. Yashwant Singh,
    20 August se Bhadas Band, dekhkar shocking jaisa laga. Khabar badi Dukhbari hai. Mai everyday Bhadas Dekhta hu. Bahot Jankari milti hai. Woh jankari mai dusronke sath share karta hu. Muje Bhadas par bahot Garva hai. Agar Band nahi hota hai to bahot khushi hogi. Baki Com. Yashwant Bhai par nirbhar hai.
    Bhadas Ekmatra news portal raha hai jisne Newspaper employees ko jagruk karneka badha kam kiya hai.
    Majithia Wage Board implementation ke ladhai me bahot sahyog kiya hai.
    Maine khud Com. Yashwant Bhai se phone par Majithia ke bareme batchit ki hai.
    Majithia Wage Board lagu karane me aham rol ada kiya hai.
    I salute hundred times to Com. Yashwant Bhai and Bhadas

  4. Gopal Sharma

    July 19, 2017 at 3:47 am

    bhadas4media.com की असामयिक मौत उन पत्रकारों की नपुंसकता का सबसे बड़ा प्रमाण है जिनकी यह पोर्टल नुमायंदगी करता रहा है. यह उन भ्रष्ट मीडिया समूहों की जीत मानी जाएगी जिनके काले कारनामों के खिलाफ भड़ास मुखरता से लड़ता रहा है. यदि 26 अगस्त को ऐसा हुआ तो यशवंत अपने इस त्याग से लोगों के दिलों में अपने बिंदास अंदाज की अमिट छाप छोड़ते हुए आगे निकल जायेंगे, मगर इसके साथ ही मै पत्रकारों के शोषण का नया अध्याय शुरू होते देख रहा हूँ जिसकी पीड़ा को अब कभी कोई शब्द नहीं दे सकेगा…बस ईश्वर से कामना है कि ऐसा न हो, वह यशवंत को bhadas4media को न मारने की बुद्धि दे..

  5. saurabh

    July 19, 2017 at 5:55 am

    कृपया ऐसा न करें. अपनी बात रखें मुझे पूरा यकीन है मैं और मेरे जैसे सैकड़ों लोग आपकी आर्थिक मदद भी करेंगे.

  6. kriti nath jha

    July 20, 2017 at 1:25 pm

    Why Bhadas4media.com should be shut down only due to financial strains? It is in fact time for media houses to be searched and probed by the govt. investigating agenicies who have been defying and dishonouring the Supreme Court order for implementation of ‘Majithia Wage Board’. The erring media owners and scheming newspaper managements should be immediately brought to their toes.

  7. KRITI Nath Jha

    July 20, 2017 at 2:38 pm

    Why Bhadas4media.com should be shut down only due to financial strains? It is in fact time for media houses to be searched and probed by the govt. investigating agencies who have been defying and dishonoring the Supreme Court order for implementation of ‘Majithia Wage Board’. The erring media owners and scheming newspaper managements should be immediately brought to their toes.

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