भड़ास4मीडिया की खबरें अब यूट्यूब पर भी मिलेंगी, करें चैनल को सब्सक्राइब

अगले कुछ दिनों में भड़ास4मीडिया की खबरें वीडियो फार्मेट में यूट्यूब पर भी मिला करेंगी. इसके पीछे तीन कारण हैं. अगर कोई बड़ी खबर है और उसे तुरंत शेयर करना है तो यूट्यूब के जरिए लाइव उसे ब्राडकास्ट कर दिया जाए. बाद में इत्मीनान से उसे भड़ास4मीडिया पर लिखा-पढ़ा जाए. दूसरा कारण है यूट्यूब के जरिए लाइव ब्राडकास्ट के एक बेहतरीन विकल्प का इस्तेमाल बढ़ाना ताकि इस माध्यम से उन खबरों को सामने लाया जाए जिसे आम तौर पर टीवी / चैनल वाले इग्नोर करते हैं.

मुझे भी यही लगता है कि भड़ास एक स्तरहीन पोर्टल है!

भड़ास के खिलाफ भड़ास निकालने वाले अभय को दिवाकर और अवनिन्द्र ने भी दिया जवाब, पढ़िए

भड़ास4मीडिया को शुरू से ही एक खुला, पारदर्शी और लोकतांत्रिक मंच बनाकर रखने की कोशिश की गई. यही कारण है कि जब जब भड़ास या इसके फाउंडर यशवंत के खिलाफ कुछ भी किसी ने लिखकर भेजा तो उसे पूरे सम्मान के साथ छापा गया. इसी क्रम में कल भड़ास के एक पाठक अभय सिंह का पत्र भड़ास पर प्रकाशित किया गया, साथ ही संपादक यशवंत द्वारा दिया गया क्रमवार जवाब भी… इसके पब्लिश होते ही दो प्रतिक्रियाएं भड़ास के पास मेल से आई हैं. बनारस से युवा पत्रकार अवनिंद्र और नोएडा से आईटी कंपनी के संचालक दिवाकर ने जो कुछ भेजा है, उसे नीचे प्रकाशित किया जा रहा है.

भड़ास पर भी लग गया ‘आनलाइन कटोरा’, आप भी कुछ डालें इसमें

Yashwant Singh : द वायर और न्यूज लांड्री जैसी कारपोरेट फंडित वेबसाइटों ने भी जनता से पैसा मांगने के लिए हर खबर के नीचेे एक कटोरा (बल्कि आनलाइन कटोरा कहना चाहिए) लगा रखा है, ”दे दो रे, सौ दो सौ तीन सौ चार सौ… जो सूझे वही दे दो क्योंकि हम लोग बड़ी किरांती कर रहे हैं.. आप जनता की खातिर…” टाइप वाला कटोरा…

भड़ास के खिलाफ एक पाठक ने यूं निकाली अपनी भड़ास, ‘यशवंत जी, भड़ास का अंत आवश्यक हो गया है!’

यशवंत जी

भड़ास पर मेरी भी एक भड़ास है। ये भड़ास आपके पोर्टल से उत्पन्न हुई है। जब आप मीडिया के कुकृत्यों पर भड़ास निकालते हैं तो मीडिया के ही लोग आप पर लात घूसों की मुक्केबाजी करके भड़ास निकालने लगते हैं। आखिर ये सिलसिला कब तक चलेगा। जब NBA, एडिटर्स गिल्ड जैसी अनेक संस्थाएं मीडिया के कुकृत्यों पर लगाम लगाने में अक्षम हैं तो आप भड़ास जैसा स्तरहीन पोर्टल चलाकर क्या अर्जित कर रहे हैं?

‘भडास4मीडिया’ के बाद ‘कैफे भड़ास’ शुरू, देखें यहां कैसे निकालते हैं ‘भड़ास’! (वीडियो)

Kunal Verma : सुना है आपने ‘कैफे भड़ास’ के बारे में? मुझे पता है आप लोगों में अधिकतर ने भड़ास का नाम सुना होगा। हां वही भड़ास जो फ्रस्ट्रेशन के नाम से हमारे मन के भीतर होता है। मीडिया के लिए चर्चित तब हुआ जब वरिष्ठ पत्रकार यशवंत सिंह ने मीडिया के लोगों को अपना फ्रस्ट्रेशन निकालने के लिए एक मंच प्रदान किया। इसे नाम दिया ‘भड़ास फॉर मीडिया’। तमाम झंझावतों को झेलते हुए भड़ास फॉर मीडिया आज भी हिंदी का सबसे लोकप्रिय साइट बना हुआ है। लोकप्रिय क्यों है, यह एक रिसर्च का विषय है। पर साधारण शब्दों में कहा जाए तो सभी के अंदर कुछ न कुछ भड़ास है जिसे वह पढ़कर, लिखकर, सुनकर, बोलकर निकाल लेना चाहता है। भड़ास ने वह प्लेटफॉर्म सभी को दिया।

भड़ास4मीडिया की मौत का ऐलान हम सबके लिए एक बुरी खबर है

चर्चित मीडिया केन्द्रित वेबसाइट भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने ऐलान किया है कि 26 अगस्त से वेबसाइट का संचालन बंद कर दिया जाएगा। पिछले एक दशक से मीडिया संस्थानों के न्यूज़ रूम के अंदर और बाहर पत्रकारों और उनके मालिकों के अच्छे-बुरे कर्मों को बेबाकी के साथ प्रकाशित करने वाले यशवंत सिंह आर्थिक संकट की वजह से भड़ास को बंद करने की बात पहले भी करते रहे हैं, लेकिन जैसे-तैसे यह वेबसाइट अब तक चलती आ रही है।

यशवंत ने फेसबुक पर लिखा- ”26 अगस्त से भड़ास बंद!”

भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत ने फेसबुक पर एक छोटी-सी पोस्ट डालकर ऐलान किया कि भड़ास4मीडिया का संचालन 26 अगस्त से बंद कर दिया जाएगा. इसके पीछे उन्होंने वजह आर्थिक संकट के साथ-साथ हिंदी समाज व इसकी समझ को भी बताया है. इस ऐलान के बाद आए सैकड़ों कमेंट्स में से कुछ चुनिंदा यहां दिए जा रहे हैं…

उम्मीद न थी कि लोग 1100 रुपये देकर मुझे सुनने मुझसे सीखने आएंगे! (देखें भड़ास वर्कशाप की तस्वीरें और कुछ वीडियो)

जब प्लान किया तो सोचा था दस से पंद्रह लोग आ ही जाएंगे. इतने लोग भी आते तो मैं आयोजन सफल मानता क्योंकि मेरा मकसद भीड़ जुटाकर और सबसे पैसे लेकर ऐसे इवेंट के जरिए धन कमाना नहीं था. मकसद सिर्फ एक था और रहेगा कि भड़ास ब्लाग से शुरू करके भड़ास4मीडिया डाट काम तक की यात्रा के आठ-नौ वर्षों में जो कुछ समझा जाना उसे अब अपने दूसरे साथियों को समझा-सिखा देना है. जो चीजें महीनों-वर्षों की तपस्या, शोध, कार्य के बाद जान पाया, उसे अपने हिंदी पट्टी के भाइयों को कुछ घंटों के वर्कशाप के जरिए बता देना है.

आनलाइन दुनिया में सक्रिय लोगों को भड़ास के मानेटाइजेशन वर्कशाप में क्यों शिरकत करना चाहिए…

Yashwant Singh :  एक जमाने में आजतक न्यूज चैनल आधे घंटे का प्रोग्राम मात्र हुआ करता था दूरदर्शन पर. अरुण पुरी जैसों ने सैटेलाइट और टीवी को समझा. आधे घंटे से चौबीस घंटे वाले न्यूज चैनल बन गए. आज अरुण पुरी, सुभाष चंद्रा, रजत शर्मा भारत के मीडिया टाइकून माने जाते हैं. तकनालजी, समय, समाज और सदी ने करवट ली. इंटरनेट का दौर धीरे-धीरे नशे की तरह छाने लगा है. आज फिर वही चौराहा सामने है. चाराहे पर इंटरनेट टीवी, यूट्यूब चैनल, वेब, ब्लाग, स्मार्ट फोन ऐसे हथियार हैं जो दिखते तो अलग-अलग हैं लेकिन हैं सब एक ही वृक्ष के पत्ते टहनी.

अगर आप नेट वीर हैं तो आपके लिए है ये ‘भड़ास कंटेंट मानेटाइजेशन वर्कशाप’

पूरे उत्तर भारत में इन दिनों आनलाइन मीडिया का जोर है. हर जिले में पत्रकार से लेकर पढ़े-लिखे वयक्ति तक अपने अपने न्यूज पोर्टल, ब्लाग, फेसबुक, यूट्यूब चैनल आदि पर सक्रिय हैं और खुद द्वारा क्रिएट जनरेट कंटेंट अपलोड कर रहे हैं. फिलहाल ज्यादातर लोग यह काम शौकिया करते हैं. लेकिन अब इस दौर में जब गूगल जैसा बड़ा ग्रुप हिंदी में कंटेंट रचने वालों को, वीडियो डालने वालों को जमकर डालर दे रहा है, गूगल एडसेंस व कंटेंट मानेटाइजेशन के जरिए, हिंदी पट्टी के अधिकतर लोग अनजान हैं कि आखिर कैसे वे अपने दम पर, अकेले के बल पर महीने में पांच से पचास हजार रुपये तक कमा सकते हैं.

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मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया डॉट कॉम. यह पोर्टल अपनी विशिष्टता, बेबाकी, ईमानदारी, साहस, जन सरोकार के लिए जाना जाता है. भड़ास4मीडिया एक ऐसा न्यू मीडिया प्लेटफार्म है जो विशेष तौर पर मीडिया के अंदरखाने चलने वाले स्याह-सफेद को उजागर करता है, आम मीडियाकर्मियों के दुख-सुख का प्रतिनिधित्व करता है, साथ ही मुख्य धारा की कारपोरेट मीडिया द्वारा दबाई-छिपाई गई खबरों को प्रमुखता के साथ प्रकाशित प्रसारित कर पूरे मीडिया जगत का माइंडसेट तय करता है.

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सीनियर मीडिया एनालिस्ट और मीडिया प्लानर एएस रघुनाथ पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए पुराने और नए मीडिया के साथ साथ आनलाइन दुनिया के बढ़ते ग्राफ के बारे में समझाते हुए….

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट उमेश शर्मा ने प्रतिभागियों को आनलाइन दुनिया के कानूनी पहलुओं के बारे में समझाया…

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सीनियर मीडिया एनालिस्ट और मीडिया प्लानर एएस रघुनाथ प्रतिभागियों को आनलाइन दुनिया के बारे में समझाते हुए….

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

सवाल-जवाब सेशन के दौरान प्रतिभागियों के सवालों का जवाब देते यशवंत सिंह. भड़ास एडिटर ने अपनी टिप्पणियों से माहौल को सहज बनाए रखने और सबको हंसाते रहने की नीति अपनाई ताकि वर्कशाप नीरस न हो जाए….

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

वरिष्ठ खोजी पत्रकार संजीव चौहान अपने यूट्यूब चैनल क्राइम वारियर के निर्माण और सफलता की कहानी को बयान करते हुए….

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

वरिष्ठ खोजी पत्रकार संजीव चौहान का वक्तव्य समाप्त होने के बाद प्रशिक्षण देने के लिए नए मेहमान को मंच पर बुलाते भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह…

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

अपनी वेबसाइट पर गूगल एडसेंस एक्टीवेट कर अच्छा खासा पैसा कमा रहे हिंदी भाषा के ब्लागर जगदीश भाटिया ने पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए प्रतिभागियों को एडसेंस आदि के बारे में समझाया…

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किए जाने के दौरान न्यूज एक्सप्रेस चैनल के सीईओ और एडिटर इन चीफ प्रसून शुक्ला की एक मुद्रा…

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: 17 April 2015 : Bhadas Content Monetisation Workshop : Urdu Ghar, Deen Dayal Upadhyay Marg, Delhi :

भड़ास वर्कशाप के कनवीनर राजीव शर्मा ने न्यूज एक्सप्रेस चैनल के सीईओ और एडिटर इन चीफ प्रसून शुक्ला को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया…