यशवंत पर हमला करने वाले भूपेंद्र नारायण सिंह भुप्पी और अनुराग त्रिपाठी सजा के पात्र हैं

Bhawna Vardan : भड़ास4मीडिया के एडिटर और फाउंडर यशवंत सिंह जी पर जब से हमला हुआ तभी से मैं इंतजार कर रही थी कि हमलावर पत्रकार भूपेंद्र सिंह के खिलाफ क्या एक्शन लिया जाता है …लेकिन मुझे हैरानी हुई कि अभी तीन-चार दिन बाद भी वह खुलेआम घूम रहा है..आजकल कैसे-कैसे लोग पत्रकार बनते फिरते हैं, इन पर रोक लगनी चाहिए और इन्हें उचित सजा मिलनी चाहिए…  अन्यथा पत्रकारिता पर लगे कलंक के कारण यह पूरा पैशा ही कलंकित हो जाएगा और लोगों का पत्रकारिता पर से विश्वास उठ जाएगा…

मैं हैरान हूं ऐसे भी लोग पत्रकार होते हैं जो कलम की जगह पर हिंसा का सहारा लेते हैं… लोकतंत्र का चौथा खंबा होता है पत्रकारिता… जहां यह समसामयिक विषयों पर लोगों को जागरुक करने तथा उनकी राय बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है वहीं वह अधिकारों/शक्ति के दुरुपयोग को रोकने में भी महत्‍वपूर्ण है.ज़रा सोचिए ऐसा पत्रकार किसी मीडिया हाऊस से जुडऩे के बाद अपनी हेकड़ी बघारते हुए लोगों को डराने-धमकाने या मारपीट का काम करेगा तो ऐसे कथित पत्रकारों से भला मीडिया के सम्मान तथा उसके कर्तव्यों व जि़म्मेदारियों को निभाने की उम्मीद भी क्या की जा सकती है?

यशवंत सिंह पर इस हमले की जितनी निंदा की जाए कम है.. भूपेंद्र नारायण सिंह सिंह भुप्पी और अनुराग त्रिपाठी के बारे में मैं अधिक नहीं जानती लेकिन जो काम उन्होंने किया है उसके बाद वह सजा के पात्र हैं… देश की न्याय व्यवस्था कार्यप्रणाली को सुचारु रुप से चलाने के लिए फीडबैक की आवश्यकता होती है… स्वतंत्र पत्रकार ऐसे में वॉइस ऑफ पीपल का रोल अदा करते हैं..निष्पक्ष और स्वतंत्र पत्रकारिता ना केवल सत्य खबरों को जनता के सामने लाने का कार्य करती है बल्कि जनता और सरकार के बीच सशक्त माध्यम होती है जिसके द्वारा देश के मौजूदा हालात पता चलता है.

आज हमारे देश में निर्भींक और ईमानदार पत्रकारिता की कमी है …ऐसे में केवल कुछ ही मीडियाकर्मी हैं जो अपना काम सही प्रकार से कर रहे हैं. इनके नाम उंगलियों पर भी गिने जा सकते हैं .. यशवंत भी उनमें से एक हैं … भड़ास फॉर मीडिया पोर्टल के एडिटर और फाउंडर यशवंत सिंह जो अपनी बेबाकी, निर्भीकता और स्पष्टवादिता के कारण मीडिया में काफी लोकप्रिय हैं.. ऐसे सीनियर मीडिया कर्मी के ऊपर हमला पत्रकारिता का अपमान है… भूपेंद्र सिंह भुप्पी और अनुराग त्रिपाठी को जल्द ही सजा मिलनी चाहिए नहीं तो इनकी अपराधी प्रवृत्ति को बढ़ावा मिलेगा और कोई और पत्रकार या मीडिया कर्मी इसी तरह हमले का शिकार होगा…!! यशवंत ने हमले के बाद जो एक वीडियो जारी कर सब कुछ विस्तार से बताया, उसे देखिए : https://www.youtube.com/watch?v=MgGks6Tv2W4

आगरा की सोशल एक्टिविस्ट और उद्यमी भावना वरदान शर्मा की एफबी वॉल से.

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