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दैनिक भास्कर में कर्मचारियों के स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही वैध नहीं!

सभी प्रबंधकगण/अधिकारीगण,

दैनिक भास्कर

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आपको अवगत कराना है कि आपके काबिल एवं विश्वासपात्र अफसरों ने आपको यह नहीं बताया होगा कि जब से आपकी कम्पनी शुरू हुई है तब से अभी तक आपकी कंपनी के स्टैंडिंग ऑर्डर्स/स्थाई आदेश आज तक किसी भी राज्य के नहीं बने हैं और न ही श्रम विभाग में रजिस्टर्ड हैं। ऐसे में किये गये कर्मचारियों के ट्रांसफर/स्थानांतरण, प्रतिनियुक्ति एवं अनुशासनात्मक कार्यवाही वैध नहीं है, लेकिन काबिल एवं विश्वासपात्र अफसरों ने नियम विरुद्ध सभी कार्यवाहियां की हुई हैं, ताकि केसेस बढ़ते रहें और उनकी महत्वता और जरुरत कम्पनी में बनी रहे।

आपको अवगत कराना है कि आपके काबिल एवं विश्वासपात्र अफसरों ने आपको यह नहीं बताया होगा कि दिनांक 26-Oct-2021 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा CIVIL APPEAL NO. 5833-5834 OF 2021 (आदेश की कॉपी संलग्न है) में किया गए आदेश में निम्नलिखित स्पस्ट किया है :-

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The Supreme Court has observed that Fourth Schedule and Section 9A of the Industrial Disputes Act, 1947 would be attracted if transfer of workmen results in change of service conditions and nature of work.

Section 9A of the ID Act says that employer should give a notice to employee regarding any change in the conditions of service applicable to any workman in respect of any matter specified in the Fourth Schedule,

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The bench of Justices MR Shah and AS Bopanna in the present matter was considering civil appeals assailing Madhya Pradesh High Court’s judgement of upholding Labour Court’s award in which the Court declared the order of transfer of employees as illegal and void(Caparo Engineering India Ltd. V. Ummed Singh Lodhi And Anr).

While dismissing the appeal with costs quantified at Rs 25,000 the bench observed that,

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“Order of transfer dated 13.01.2015 transferring the respective workman from Dewas to Chopanki, which is at about 900 Kms. away is in violation of Section 9A read with Fourth Schedule of the Industrial Disputes Act and is arbitrary, mala fide and victimization. As observed above, by such a transfer, their status as “workman” would be changed to that of “supervisor”. By such a change after their transfer to Chopanki and after they work as supervisor they will be deprived of the benefits.”

राजस्थान में सहित सभी स्टेट्स में इसी प्रकार के ट्रांसफर/स्थानांतरण जानबूझ कर करवाये/किये गए थे, ताकि इस तरह के केसेस की संख्या बढ़ाई जा सके। जिन सब पर अब ये आदेश बाध्यकारी है। अब इस प्रकार ट्रांसफर/स्थानांतरण अवैध एवं अवैधानिक होंगे और पूर्व में सभी ट्रांसफर किये गए कर्मचारियों को ट्रांसफर/स्थानांतरण की दिनांक से पूर्ण वेतन भत्तों के साथ सेवा में वापस लेना पड़ेगा। आपको बिना किसी हित के जानकारी प्रेषित।

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CC में श्रम विभाग, सभी पीड़ित कर्मचारीगण व उनके अधिवक्तागण।

सादर
जितेन्द्र कुमार सिंह
एम्प्लाई कोड 16698
उप प्रबंधक विधि
विधि विभाग दिल्ली
दैनिक भास्कर/डीबी कॉर्प लि.
09313422277

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