दैनिक भास्कर यूपी वाले दीपक द्विवेदी और ललन मिश्रा को घेरने के लिए हाई कोर्ट में कैवियेट दाखिल

दैनिक भास्कर वाराणसी संस्करण धोखाधड़ी प्रकरण, वादी और उनके सहयोगियो को धमकाने के लिए गुर्गे व्हाटसएप पर डाल रहे हैं धमकी भरे मैसेज, वाराणसी पुलिस ने दोनो भगोड़ों के मोबाइल नम्बरों को लगाया सर्विलांस पर, पुलिस कुर्की आदेश के लिए न्यायालय में किसी भी समय कर सकती है अर्जी दाखिल, अनिल वर्मा के धमकी भरे व्हाटसएप मैसेज को पुलिस ने विवेचना में किया शामिल

नोएडा /बनारस। दैनिक भास्कर उत्तर प्रदेश के वाराणसी संस्करण के प्रकाशन में 96 लाख 30 हजार की धोखाधड़ी व ठगी करने वाले भास्कर के नटवर लाल प्रधान सम्पादक दीपक द्विवेदी और ललन मिश्रा दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस गिरफ्त से दूर हैं।

पुलिस ने इनकी तलाश में उत्तर प्रदेश के नोएडा हरदोई और दिल्ली में कई ठिकानो पर छापे मारे हैं। पुलिस ने इनके मोबाइल नम्बरों को भी सर्विलांस पर लगा दिया है। अदालत से इन्हें किसी भी प्रकार की राहत न मिल सके, इसलिए वादी डा. वरूण उपाध्याय ने इन्हें घेरने के लिए प्रयागराज हाई कोर्ट में अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से कैवियेट लगा दी है।

अब यह साफ हो गया है कि यदि ये दोनों नटवर लाल न्यायालय में अरेस्ट स्टे या एफआईआर को क्वैश कराने के लिए कोई भी अर्जी लगाते हैं तो उस हालत में वादी डा. वरूण को जरूर सुना जायेगा। चूंकि कोर्ट की तमाम प्रक्रियाएं आनलाइन आ जाती हैं, कैवियेट डालने की जानकारी इन दोनों आरोपियों को जरूर मिल गयी होगी।

यह भी पता चला है कि इनका एक पालतू गुर्गा अनिल वर्मा व्हाटसऐप पर धमकी भरे मैसेज डालकर डैमेज कंट्रोल करने की असफल कोशिश कर रहा है। यह मैसेज दैनिक भास्कर के सभी संवाददाताओ को भी भेजा गया है। इस मैसेज का एक स्क्रीन शाट दैनिक भास्कर के कुछ कर्मचारियों ने भड़ास को भी भेजा है जिसे हम अपने पाठको के लिए नीचे दे रहे हैं।

इस मैसेज को वाराणसी पुलिस ने भी अपने कब्जे में ले लिया है और इसकी गहरायी से जांच कर रही है। इस मैसेज से इस केस से जुड़े न केवल वादी को डराने की कोशिश की जा रही है, बल्कि अन्दरखाने भास्कर से जुड लोग जो डा. वरूण की मदद कर रहे हैं, उन्हें भी दरोगा स्टाइल में धमकाया जा रहा है।

आपको बता दें कि यह वही अनिल वर्मा है जो पहले दैनिक जागरण की हिसार यूनिट में प्रसार प्रबंधक के रूप में कार्य करता था और रिटायर होने के बाद वहां से पेंशन ले रहा है। ये पेंशन भोगी व्यक्ति रिटायर होने के बाद दूसरी जगह काम कर रहा है। अनिल वर्मा दैनिक जागरण से रिटायर होने के बाद तुरन्त ही नेशनल दुनिया नोएडा में सर्कुलेशन विभाग में लग गया था।

17 मई 2020 को वाराणसी संस्करण के स्थानीय सम्पादक डा0 वरूण उपाध्याय ने वाराणसी जनपद के थाना लंका में दीपक द्विवेदी और ललन मिश्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420 ,467, 468, 471 और 406 के तहत धोखाधड़ी, ठगी जालसाजी और फर्जी दस्तावेज बनाने आदि के मामले में मामला दर्ज कराया था।

वाराणसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक व आईजी के निर्देश पर गहन पडताल के बाद इस मामले को तहरीर देने के दस दिन बाद दर्ज कराने के आदेश लंका थाना अध्यक्ष को दिये थे। अभी इस मामले में धारा 161 के तहत वादी डा. वरूण का बयान दर्ज करने वाली है।

ठगी और धोखाधडी की यह कड़ी ललन मिश्रा और दीपक द्विवेदी तक कैसे बनी और इस कडी में लखनउ और नोएडा भास्कर से जुडे कौन कौन लोग हैं, इसका भी खुलासा 161 के बयान में होगा। जानकारी मिली है कि वाराणसी पुलिस के कब्जे में ये दोनो नटवर लाल नहीं आते हैं तो पुलिस बहुत जल्द इनकी गिरफ्तारी हेतु दबाव बनाने के लिए इनके घरों की कुर्की के लिए न्यायालय में अर्जी लगाने के लिए विचार कर रही है।

मूल खबर-

दैनिक भास्कर यूपी के प्रधान सम्पादक दीपक द्विवेदी और मुद्रक-प्रकाशक ललन मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी-ठगी का मामला दर्ज



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