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डॉ प्रणव पंड्या पर रेप के आरोप की खबर छापने में हांफ गए हिंदी के बड़े अखबार!

रसूखदारों के सामने बौने हो जाते हैं कॉरपोरेट अख़बार, देखें ये उदाहरण

रसूखदारों का असर जब हावी हो तो समाचार को कैसे औपचारिक आकार दिया जाता है, कॉरपोरेट अख़बार ये भली भांति जानते हैं। विश्वविद्यालयों में पत्रकारिता पढ़ने वाले छात्रों का दुर्भाग्य हैं कि उन्हें पत्रकारिता की इस विधा के ज्ञान से वंचित रखा जाता है। आवश्यकता है कि पाठ्यक्रमों में ये भी शामिल किया जाना चाहिये।

हरिद्वार स्थित गायत्री परिवार (शांति कुंज) के प्रमुख डॉ प्रणव पंड्या पर एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया तो कई नामी गिरामी अखबारों का पत्रकारीय गौरव हांफ गया। बेबाक़ी के नारे लगाने वाले अख़बार आरोपी का नाम तक न छाप सके।

तीन प्रमुख अखबारों उदाहरण लें तो अमर उजाला ने पहले पेज़ पर बिना नाम के ही खबर छापी। दैनिक जागरण ने 5वें पेज़ पर छोटी ख़बर छापी। हिंदुस्तान अख़बार ने इस ख़बर को लेकर किसी तरह की झंझट ना लेते हुए ख़बर को स्थान ही नहीं दिया है।

यहां उल्लेखनीय है कि डॉ प्रणव पंड्या के ख़िलाफ़ दिल्ली के विवेक विहार थाने में दुष्कर्म की संगीन धारा में मामला दर्ज हुआ है। डॉ प्रणव पंड्या पीएम मोदी, अमित शाह समेत बीजेपी के कई दिग्गज नेताओ के करीबी माने जाते हैं.

पुलकित शुक्ला
पत्रकार
हरिद्वार
[email protected]

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1 Comment

1 Comment

  1. Bhavi

    July 11, 2020 at 10:08 am

    Aap ek yachika laga dijiye court me. Yahi to ek dikkat he ki aaj desh me patrakar khud kanoon, nyayapalika ban baithe he. Unhe lagta he ki he jo hum hi he. Isiliye sena par bhi patrakar sawal khade karte he. Sharm aati he aisi patrakarita par. Aak…..

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