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उत्तर प्रदेश

वित्त एवं लेखाधिकारी दफ्तर में संविदा कर्मचारी रिश्वत लेता कैमरे में कैद, देखें वीडियो

निर्मल कांत शुक्ल-

  • सर्व शिक्षा अभियान का संविदा कंप्यूटर ऑपरेटर बीते चार साल से नियम विरुद्ध अटैच
  • रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने से हड़कंप
  • जिले भर के हजारों शिक्षक कर चुके हैं इस संविदा कर्मचारी की शिकायत
  • मीडिया के सवालों का जवाब देने से बच रहे हैं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

पीलीभीत। योगी सरकार भले ही भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का दावा करें लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। स्थिति यह है कि ना सिर्फ अधिकारी बल्कि उनके मातहत कर्मचारी भी बेखौफ हैं। ताजा मामला वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) कार्यालय का है। इस कार्यालय में नियम विरुद्ध तरीके से अटैच सर्व शिक्षा अभियान का संविदा कर्मचारी कंप्यूटर ऑपरेटर खुलेआम दफ्तर में एक शिक्षक के अवशेष (एरियर) के भुगतान के लिए रिश्वत पांच-पांच सौ के नोट लेकर जेब में रख रहा है, साथ ही देने वाले को रिश्वत की रकम नाकाफी बता रहा है। खुलेआम रिश्वत लेने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। वायरल वीडियो पर मीडिया के सवालों से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) बच रहे हैं। कर्मचारी के खुलेआम रिश्वत मांगने से जिलेभर के बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक और शिक्षिकायें पिछले कई वर्षों से उत्पीड़ित हैं।

शनिवार की शाम को फेसबुक और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के व्हाट्सएप ग्रुप पर कुछ शिक्षक नेताओं ने एक वीडियो अपलोड किया, वीडियो वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) के दफ्तर का है। इस वीडियो में वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) में सबसे महत्वपूर्ण पटल देख रहा कर्मचारी नवल कपूर अपनी सीट से उठकर आता है और काम हो जाने की बात कहते हुए काम कराने आए व्यक्ति से पांच-पांच सौ के कई नोट हाथ में पकड़ने के बाद उसे नाकाफी बताता है। कहता है कि इतने पैसे में उसे कुछ भी नहीं बचेगा 1000 रुपये और बढ़ाकर दो। इसके बाद संविदा कर्मचारी नवल कपूर पैंट की दाहिनी जेब में पैसे रख लेता है। उसे तनिक भी आभास नहीं होता है कि उसकी यह करतूत कैमरे में कैद हो रही है।

कुल 2 मिनट 27 सेकिंड के इस वीडियो में रिश्वत लेने और देने वाले के बीच किसी शिक्षक के एरियर के भुगतान को लेकर बातचीत हो रही है। उसे रिश्वत की रकम में से अन्य लोगों को भी हिस्सा देना पड़ता है, यह भी उसने बातचीत में खुलासा किया। लेकिन रिश्वत में हिस्सा लेने वाले कौन-कौन लोग हैं, यह जांच का विषय है।

नवल कपूर सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत बेसिक शिक्षा में संविदा पर कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर रखा गया है जोकि पिछले 4 वर्ष से लगातार सारे नियम कानून को ताक पर रखकर वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) में महत्वपूर्ण पटल को संभाले हुए हैं। इस कर्मचारी के रसूख और इसकी शान ओ शौकत के आगे बेसिक शिक्षा विभाग के बड़े-बड़े कर्मचारी और अधिकारी फेल हैं। जबकि यह महज मानदेय पर संविदा पर विभाग में कार्यरत है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिले भर के 6000 शिक्षकों का वेतन- एरियर आदि निकालने का काम नवल कपूर की संभाले हुए हैं। जबकि नवल कपूर की एक नहीं बल्कि अन्य शिकायतें लगातार विभाग के अधिकारियों को शिक्षक और शिक्षिकाएं करते रहते हैं लेकिन अधिकारी हर शिकायत को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में इस कर्मचारी को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की भी भूमिका संदेह के कटघरे में है।

शनिवार शाम को बेसिक शिक्षा विभाग के कई शिक्षक नेताओं ने संविदा कर्मचारी नवल कपूर के खुलेआम रिश्वत लेने के वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर वायरल कर दिया। मीडिया ने जब इस वायरल वीडियो पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी चंद्रकेश सिंह से फोन पर बातचीत करनी चाही तो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने फोन ही काट दिया। वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) का चार्ज वर्तमान में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के वित्त एवं लेखा अधिकारी के पास है, उनको जब फोन करके उनका पक्ष जानना चाहा गया तो उन्होंने भी फोन को नहीं उठाया जबकि वायरल वीडियो से वित्त एवं लेखा और बेसिक शिक्षा विभाग के जिले भर के अधिकारी पूरी तरह से वाकिफ हैं क्योंकि सोशल मीडिया के जिस व्हाट्सएप ग्रुप पर यह वीडियो अपलोड किया गया है, उससे विभाग के अधिकारी भी जुड़े हुए हैं।

दरअसल वायरल वीडियो में नवल कपूर ने रिश्वत की रकम को यह कहकर नाकाफी बताया कि इसमें उसे कुछ भी नहीं बचेगा। जाहिर है कि रिश्वत की रकम कई जगह बंटती है। ऐसे में अब विभागीय अधिकारी भी खुद के बचाव की मुद्रा में नजर आ रहे हैं। क्योंकि वायरल वीडियो की आंच उन पर भी आ रही है। इस वीडियो के बारे होने के बाद जिले भर में बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। संविदा कर्मचारी नवल कपूर विभाग में हुए कंप्यूटर वितरण घोटाले भी सुर्खियों में रह चुका है।

नियमानुसार किसी भी संविदा कर्मचारी को अन्य किसी कार्यालय में अटैच नहीं किया जा सकता है लेकिन जिला पंचायत के वित्तीय परामर्शदाता त्रिभुवन लाल पर लंबे समय तक (वित्त एवं लेखाधिकारी) बेसिक शिक्षा का चार्ज रहा। उन पर जब-जब चार्ज रहा तब-तब उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान के इस संविदा कर्मचारी नवल कपूर को अपने कार्यालय से अटैच करा लिया। जबकि इस कर्मचारी के विरुद्ध खुलेआम पैसे मांगने और शिक्षक शिक्षिकाओं का उत्पीड़न करने की शिकायतों का अंबार है। इस कर्मचारी को कभी भी सर्व शिक्षा अभियान का धेला काम करते नहीं देखा गया।

वीडियो देखने के लिए क्लिक करें- Rishwat lekhadhikari

https://www.facebook.com/bhadasmedia/videos/499883217796423/

बरेली से वरिष्ठ पत्रकार निर्मल कांत शुक्ल की रिपोर्ट.

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