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अपनी लगातार खराब होती टीआरपी से परेशान इंडिया टीवी ने स्ट्रिंगरों को तंग करना शुरू किया

इंडिया टीवी की टीआरपी पिछले लगभग एक वर्ष से गिरती ही जा रही है. तमाम कोशिशों के बावजूद भी चैनल है की चढ़ाई चढ़ ही नहीं पा रहा है. ख़बरों के मामले में भी चैनल के पास लगातार सूखा ही पड़ता जा रहा है, जिसकी वजह से चैनल ने अपनी झुंझलाहट निकालते हुए स्ट्रिंगरों का पैसा मारना शुरू कर दिया है. लगातार स्ट्रिंगरों के बिल काटे जा रहे हैं. मेहनताने के नाम पर उन्हें सिर्फ अठन्नी चवन्नी थमाई जा रही है. अब इस चैनल के बुरे दिन आये हैं या कुछ और मामला है, मगर इंडिया टीवी में सब ठीक नहीं चल रहा है, यह तय है.

इंडिया टीवी की टीआरपी पिछले लगभग एक वर्ष से गिरती ही जा रही है. तमाम कोशिशों के बावजूद भी चैनल है की चढ़ाई चढ़ ही नहीं पा रहा है. ख़बरों के मामले में भी चैनल के पास लगातार सूखा ही पड़ता जा रहा है, जिसकी वजह से चैनल ने अपनी झुंझलाहट निकालते हुए स्ट्रिंगरों का पैसा मारना शुरू कर दिया है. लगातार स्ट्रिंगरों के बिल काटे जा रहे हैं. मेहनताने के नाम पर उन्हें सिर्फ अठन्नी चवन्नी थमाई जा रही है. अब इस चैनल के बुरे दिन आये हैं या कुछ और मामला है, मगर इंडिया टीवी में सब ठीक नहीं चल रहा है, यह तय है.

दिल्ली और उत्तर प्रदेश के अधिकांस स्ट्रिंगरों ने अब इंडिया टीवी से किनारा कर लिया है. इन लोगों को खबर के नाम पर तो जम कर तंग किया जाता है, मगर जब पैसे देने का समय आता है तो ठेंगा दिखा दिया जाता है. स्ट्रिंगर को खबर के बदले में भले ही 1000 रुपये देने की बात की गई है मगर जब बिल बनाये जाते हैं तब इनकी ख़बरों की सूची काट-छांट कर इतनी छोटी कर दी जाती है कि इन्हें इतना पैसा भी नहीं मिल पा रहा है कि इंटरनेट का बिल पूरा हो जाय. ऐसे में लगभग सभी स्ट्रिंगर इंडिया टीवी से ऊब गए हैं. किसी समय चैनल को अच्छी श्रेणी का चैनल माना जाता था, मगर आज चैनल के दिन शायद खराब हो गए हैं.

चैनल के अंदर के लोग कहते हैं कि देश भर के स्ट्रिंगरों ने चैनल को ख़बरें भेजना बंद कर दिया है. हर राज्य से इक्का दुक्का स्ट्रिंगर ही ख़बरें भेज रहे हैं. चैनल भी अधिकांश ख़बरें ब्यूरो के जरिये ही ले रहा है. ऐसे में चैनल का एक खेमा नाराज है, क्योंकि दूर दराज की खबर अगर स्ट्रिंगर नहीं करेगा तो खबर कैसे आएगी. ब्यूरो हर खबर के लिए दौड़ नहीं लगा सकता. मगर एक खेमा ये मानता है कि एएनआई न्यूज एजेंसी के जरिये चैनल ख़बरों की भरपाई करेगा. मगर इससे ये तो साफ़ हो गया है कि चैनल की टीआरपी आगे भी गिरने बाली है. हो सकता है आने वाले कुछ महीनों में इंडिया टीवी पांचवें या छठे स्थान पर उतर जाय.

इंडिया टीवी के एक स्ट्रिंगर द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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6 Comments

6 Comments

  1. prashant

    May 2, 2015 at 6:09 am

    :zzz :zzz :zzz बिलकुल चैनल के बुरे दिन भी आ गए हैं और चैनल की बड़ी मछलियां छोटी मछलियों को खाना भी चाहती हैं..
    सबसे अधिक म्हणत स्ट्रिंगर ही करता है. मगर उसके पैसे मार कर रजत शर्मा कौन सी हवेली बनाना चाहता है…ये तो बही जाने

  2. Aarush

    May 2, 2015 at 6:11 am

    रजत शर्मा तुम्हे इन गरीवों की हाय लगेगी / और हाय लोहे को भी भस्म कर देती है /ये याद रखना

  3. Pallavi naagpaal

    May 2, 2015 at 6:19 am

    भाई आजतक नंबर वन है और रहेगा , क्यूंकि इस चैनल ने कभी बेईमानी नहीं की ,रजत शर्मा धन की बोरियां मोदी को भेज रहा है, पदम विभूषण ऐसे ही थोड़े मिला है ,पत्रकारों का पेट काट्ने बाले इन बेईमान लोगों को तो पत्रकारिता जगत से बाहर कर देना चाहिए, ये लोग दलाल हैं, ये छोटे पत्रकारों के पैसे से कितने दिन ऐस कर लेंगे , ईशवर सब देख रहा है, इस से भी बदला लेगा

  4. Rajiaa

    May 2, 2015 at 6:27 am

    channel ki soch hai ki free me kaam karbaao
    jab koi kaam k arna band kar de to dusra rakh lo
    ye dalaal channel ban chuka hai

  5. sweta

    May 2, 2015 at 3:19 pm

    shame India tv & Rajat sharma
    also, anjum sir, gumber ji, prashant ji…

  6. sweta

    May 2, 2015 at 4:53 pm

    Sharm karo, Sharm Karo, Sharm Karo. India tv baalo, kuch to sharm karo

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