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हिसार लाठीचार्ज में घायल पत्रकार मुआवजे के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

नई दिल्ली: हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम से रामपाल की गिरफ्तारी से जुड़ी पुलिसिया कार्रवाई में घायल हुए पत्रकार विकास चंद्रा की हालत इतनी खराब हो गई है कि उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस घटना में घायल अन्य चार पत्रकार ने घटना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। पत्रकारों ने मामले की जांच कराने और मुआवजे देने के लिए यह अपील की है।

नई दिल्ली: हिसार के बरवाला में सतलोक आश्रम से रामपाल की गिरफ्तारी से जुड़ी पुलिसिया कार्रवाई में घायल हुए पत्रकार विकास चंद्रा की हालत इतनी खराब हो गई है कि उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। इस घटना में घायल अन्य चार पत्रकार ने घटना के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। पत्रकारों ने मामले की जांच कराने और मुआवजे देने के लिए यह अपील की है।

अपनी अपील में पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंत्र मीडिया पर पुलिस द्वारा हमला किया गया है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान एक टीवी पत्रकार को गोली मार दी गई। हिसार में बिना किसी वजह के पुलिस ने मीडियावालों पर लाठी चार्ज किया जिसमें कई पत्रकार घायल हो गए और कई कैमरे और कीमती सामान टूट गए। अपील में कोर्ट से अपेक्षा की गई है कि मीडिया गाइड लाइंस तैयार हों जिससे मीडिया ऐसी घटनाओं में निशाना न बनें।

इसी मामले पर Ayush Kumar कुमार अपने फेसबुक वॉल पर लिखते हैं: ” …अब मुद्दे की बात, हल्ला बोल जरूरी है। तस्वीर में दिख रहे व्यक्ति विकाश चन्द्रा सर हैं। ये लाइव इंडिया से जुड़े हैं। बेवजह नपुंसकों द्वारा पिटाई किये जाने की वजह से अस्पताल मे हैं। क्या अब यह मुद्दा उठाना सही नहीं होगा कि कौन से लोकतंत्र में उसके चौथे स्तम्भ के पहरेदार को 20-20 पुलिस वाले डंडों की बरसात करते हैं? कुछ तो करना होगा हमें… यदि चुप रहे तो कायरता होगी… क्या सोशल मीडिया में हल्ला बोल किया जाये या कुछ और? इन सबके बीच सही मीडिया के पक्ष में हमेशा खड़े होने वाले Yashwant Singh सर से मीडिया जगत को बहुत उम्मीद है… उम्मीद है भड़ास4मीडिया के द्वारा हम-सब के गुस्से को सबके सामने रखेंगे…

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2 Comments

2 Comments

  1. anamika sanghaik

    November 24, 2014 at 3:09 pm

    मीडिया पर अटैक की जांच के आदेश तो सुप्रीम कोर्ट दे चुका है लेकिन इसके खिलाफ एकजुट होकर मुहिम चलाये जाने की सख्त जरूरत है। क्योंकि पुलिस ही नहीं कुछ बड़े लोगों के लिये भी मीडिया खासकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया soft target बनता जा रहा है। यशवंत जी मुहिम छेड़िये।

  2. Md ALI HASAN

    November 30, 2014 at 2:58 am

    media ke lea seprem cort qanun banae aae din kabhi parshashan ke to kabhi raj neta ka soshan ho raha hai

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