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कानपुर में कांग्रेस नेता ने सम्पादक को दी जूतों से मारने की धमकी

कानपुर : स्वतंत्रता दिवस पर शहर में कांग्रेसी नेता अम्बुज शुक्ला द्वारा लगवाई गई त्रुटि पूर्ण होर्डिंग्स के बारे में खबर प्रकाशित करने पर ‘जन सामना’ के सम्पादक श्याम सिंह पंवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। शुक्ला ने कहा है कि ‘जन सामना’ समाचार पत्र का लाइसेन्स जब्त करवा दूंगा। पत्रकार को अपने घर बुलाकर जूते से मारने की दी धमकी। 

कानपुर : स्वतंत्रता दिवस पर शहर में कांग्रेसी नेता अम्बुज शुक्ला द्वारा लगवाई गई त्रुटि पूर्ण होर्डिंग्स के बारे में खबर प्रकाशित करने पर ‘जन सामना’ के सम्पादक श्याम सिंह पंवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। शुक्ला ने कहा है कि ‘जन सामना’ समाचार पत्र का लाइसेन्स जब्त करवा दूंगा। पत्रकार को अपने घर बुलाकर जूते से मारने की दी धमकी। 

 

शुक्ला ने यह भी कहा कि कार्यालय का घेराव करवा दूंगा और भविष्य में खबर चलाने पर कहा कि गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार हो जाओ। पुलिस के पास जाकर देखो, नतीजा सामने आ जायेगा। कानपुर में छुट भैये कांग्रेसी नेताओं का बोलबाला है। गत 14 अगस्त को कानपुर दक्षिण के कई प्रमुख चैराहों पर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाओं के बैनर कथित कांग्रेसी नेता अम्बुज शुक्ला ने लगवा रखे थे, जिसमें आजाद हिन्द फौज के सेनानी शुभाष चन्द्र बोस की फोटो के नीचे चन्द्रशेखर आजाद का नाम छपा था और शहीद चन्द्रशेखर आजाद की फोटो के नीचे भगत सिंह का नाम छपा था। इसके अलावा इन्दिरा गांधी का भी नाम शहीदों में शुमार था।

कानपुर सहित पूरे यूपी में शहीदों के इस अपमान की चर्चा खूब वायरल हुई। कानपुर के एक साप्तहिक समाचार ‘जन सामना’ ने भी इस खबर को प्रमुखता से छापा। ये बात अम्बुज शुक्ला को बर्दाश्त नहीं हुई। उसने अखबार के सम्पादक को फोन कर अखबार का लाइसेंस जब्त करवाने, पत्रकार को जूते – जूते मारने, और कार्यालय का घेराव करवाने जैसी कई धमकियां दे डालीं। सम्पादक को खुली धमकी उनके मोबाइल में रिकार्ड हो गयी और उन्होंने इसकी शिकायत आईजी के एक भरोसे के नंम्बर पर की। खबर लिखे जाने तक सूत्रों के अनुसार एक कांग्रेसी विधायक के दबाव में एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी थी। 

बड़ा सवाल ये है कि क्या पत्रकार खबर लिखना छोड़ दें, अगर नहीं तो अपनी जान जोखिम में डाल सच्चाई सबके सामने रखने वाले पत्रकारों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है ? दूसरी ओर एक बार फिर कानपुर के पत्रकार संगठनों ने इस मामले में उदासीनता दिखायी है क्योंकि इस मामले में एक दबंग कांग्रेसी विधायक का नाम भी आया है।

अपना कद ऊँचा करने की जद्दोजेहद में काँग्रेसी विधायक अजय कपूर और नेता अम्बुज शुक्ला और बर्रा इलाके में स्थित राशी एडवर्टाइज़र दोनों ने देश के वीर सपूतों का मज़ाक बनाया। “चंद्र शेखर आज़ाद” को बना दिया “भगत सिंह” और “सुभाष चन्द्र बोस” को बना दिया “चंद्र शेखर आजाद”। शहीदों के नाम भूल गए हवाबाज़ नेता। इंडिया न्यूज के रिपोर्टर ज्ञानेंद्र शुक्ला ने इस संबंध में आईजी को शिकायती पत्र लिखा है- 

श्री मान आईजी ज़ोन महोदय, 

थाना कल्याणपुर के छापेड़ा पुलिया इलाके में कांग्रेसी नेता अम्बुज शुक्ला और विधायक अजय कपूर ने होर्डिंग लगवाई थी जिसमे शहीदों के नाम गलत अंकित थे । इस पर सभी चैनल्स और अखबारों ने खबर छापी थी । कांग्रेसी नेता अम्बुज शुक्ला ने दैनिक जन सामना के पत्रकार महेंद्र कुमार को फोन से धमकी दी और अपशब्द कहे । ये पत्रकारिता का हनन है । लिहाजा इस मामले में कांग्रेसी नेता अम्बुज शुक्ला पर देश के लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर हमला करने का मुकदमा दर्ज किया जाए । फोन से धमकी का ऑडियो भेज दिया गया है ।

ज्ञानेन्द्र शुक्ला, रिपोर्टर – इंडिया न्यूज, कानपुर Mob. 9648330888

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1 Comment

1 Comment

  1. Gopalji Journalist

    August 17, 2015 at 7:40 am

    भाई, खबरों की निष्पक्षता बनी रहनी चाहिए, धमकियां मिलती रही हैं और मिलती रहेंगी लेकिन एक निडर और निष्पक्ष पत्रकारिता वही है जो इन जैसे तथाकथित नेताओं और सफेदपोशों के आगे झुकते नहीं हैं।
    अगर आप सही हैं तो एक दिन आपकी ज़रूर जीत होगी।
    सम्पूर्ण पत्रकार समाज आपके साथ है।

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