प्रेस क्लब के अध्यक्ष महोदय भाजपा के प्रत्याशी बन गए!

-उग्रसेन राव-

प्रेस क्लब विवाद पर अभिमत… लेकसिटी प्रेस क्लब, उदयपुर इन दिनो गंभीर संकट में है। संकट का कारण क्लब के अध्यक्ष श्री प्रतापसिंह राठौड़ का भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर बेदला गाँव से पंचायत समिति सदस्य पद के लिए चुनावी मैदान में उतर जाना है। श्री राठौड़ अपना कार्यक्षेत्र बदलने के लिए स्वतंत्र है किन्तु प्रेस क्लब के अध्यक्ष पद पर रहते हुए नहीं।

ऐसा पहली बार हुआ है जब क्लब का अध्यक्ष रहते हुए कोई पत्रकार किसी राजनीतिक दल का प्रत्याशी बन गया हो। देश में भी ऐसी कोई नज़ीर नहीं मिलती।

श्री राठौड़ ने अपने एक साथी को कार्यभार सौंपकर एक माह का अवकाश लेने की सूचना प्रसारित करते हुए उम्मीदवारी दाखिल करदी। पूछे जाने पर उनके सहयोगियों ने कहा – जीत जाने पर त्यागपत्र दे देंगे।

इससे कई सवाल उठे हैं – जीत जाने पर पद छोड़ देंगे अन्यथा लौट आएंगे अर्थात् भाजपा नेता के रूप में अध्यक्ष पद संभालेंगे ! ऐसे में क्या आम पत्रकार उन्हें स्वीकार करेगा?

क्या त्यागपत्र नहीं देकर पंचायत समिति के चुनावी समर में वे खुद को कमजोर प्रत्याशी साबित नहीं कर रहे है?

क्या प्रेस क्लब का अध्यक्ष पद अब राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं के लिए खोल दिया जाना चाहिए?

बहरहाल श्री राठौड़ के त्यागपत्र दिए बिना राजनीतिक दल के टिकिट पर चुनाव लड़ने से झीलों की नगरी के इस प्रतिष्ठित प्रेस क्लब की स्थिति जन-सामान्य और देश के पत्रकारिता जगत में हास्यास्पद बन गई है।

इतना ही नहीं यह छींटा ‘आज तक ‘ पर भी लगा है, जिसके वे स्थानीय संवाददाता है।

यहाँ यह स्पष्ट है कि यदि श्री राठौड भाजपा के बजाय कांग्रेस अथवा अन्य किसी दल के टिकट पर चुनाव लड़ते तो भी यही आपत्ति मौज़ूद रहती क्योंकि पत्रकार राजनीति में तो होता है लेकिन दलगत राजनीति में सक्रिय नहीं हो सकता। यही निष्पक्षता आमजन के बीच पत्रकार एवं पत्रकारिता की विश्वसनीयता को आधार देती है। यही इसकी बुनियाद भी है।

इसके विपरीत राजनीतिक दलों अथवा समाज के अन्य क्षेत्रों में सक्रिय महानुभाव भी प्रेस क्लब के सदस्य बनाए जा सकते है किन्तु वे मानद सदस्य होते हैं, जिन्हें प्रेस क्लब के अध्यक्ष अथवा कार्यकारिणी का चुनाव लड़ने या वोट देने का अधिकार नहीं होता। यही वज़ह है कि राजनीतिक दलों में सक्रिय कार्यकर्ता भले ही पत्रकार का कार्य करने लग जाए किन्तु उन्हें पत्रकार के बजाय उस दल के प्रवक्ता की भूमिका में ही स्वीकार किया जाता है।

अतः अब भी समय है कि श्री राठौड़ प्रेस क्लब अध्यक्ष पद से त्यागपत्र देकर खुद को चुनावी समर में एक गंभीर उम्मीदवार ज़ाहिर करें और पत्रकारिता के उच्च मानदंडों की पालना करें।

वरिष्ठ पत्रकार उग्रसेन राव की फेसबुक वॉल से.

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