Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

टीवी

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने के आरोप में न्यूज चैनल में काम करने वाली युवती गिरफ्तार, देखें वीडियो

खबर है कि एक युवती मंत्री महेश शर्मा को ब्लैकमेल कर रही थी. मंत्री के आडियो-वीडियो के बदले दो करोड़ मांगे थे. पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर लिया है. कैलाश अस्पताल नोएडा से युवती को गिरफ्तार किया गया है. यह अस्पताल महेश शर्मा का ही है.

4 घंटे तक अस्पताल के बंद कमरे में होता रहा ड्रामा. युवती के पास से एक टैबलेट भी मिला है. आज 45 लाख की पहली किश्त मिलनी थी. आरोप है कि ब्लैकमेलिंग के शिकार हो रहे थे महेश शर्मा. आडियो-वीडियो में क्या है फिलहाल पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने फिलहाल खुलासा करने से इनकार किया है. 4 घंटे तक कैलाश अस्पताल बना था अखाड़ा.

उधर, खबर है कि ब्लैकमेलिंग के इस मामले के बाद डॉ महेश शर्मा ने प्रेस वार्ता की. ये प्रेस वार्ता उन्होंने अपने कैलाश अस्पताल में ही की. बताया जाता है कि ‘प्रतिनिधि’ नाम के चैनल मालिक आलोक ने चैनल में पैसे लगाने के लिए महिला पत्रकार को पत्र लेकर भेजा था पैसा लेने के लिए. पत्र में चैनल में पैसा लगाने के लिए दबाव बनाया गया था. आज 45 लाख रुपये लिए जाने थे. बाद में 2 करोड़ पूरे देने की बात कही गई. इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई.

इस बीच, केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा से ढाई करोड़ रुपए की रंगदारी वसूलने आई महिला पत्रकार को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। सहायक पुलिस अधीक्षक डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि आज दोपहर को केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा ने पुलिस को सूचना दी कि एक महिला पत्रकार उनके पास आई है, तथा उसने प्रतिनिधि नामक खबरिया चैनल के एक संपादक आलोक का पत्र उन्हें दिया है। महिला ने केंद्रीय मंत्री को एक सीडी दी है, जिसके एवज में वह उनसे ढाई करोड़ रुपए की रंगदारी मांग रही है। एएसपी ने बताया कि घटना की सूचना पाकर मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस के सभी आला अधिकारी पहुंचे। पुलिस के अधिकारी रंगदारी वसूलने आई महिला पत्रकार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। उसका बॉस आलोक फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। इस बाबत पूछने पर डॉ महेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने घटना की सूचना पुलिस को दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया चुनाव के दौरान केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने एक चैनल की महिला पत्रकार से बात की थी। महिला पत्रकार ने महेश शर्मा से 2 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी। रंगदारी न दिए जाने पर महिला पत्रकार ने धमकी दी कि अगर उन्होंने पैसा कैश नहीं दिया तो उनका एक वीडियो मीडिया में जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद महेश शर्मा ने सोमवार दोपहर महिला पत्रकार को रंगदारी की पहली किश्त करीब 45 लाख रुपए लेने के लिए सेक्टर 27 स्थित कैलाश अस्पताल बुलाया। यहां महिला पत्रकार एक लेटर लेकर पहुंची।

लेटर पढऩे के बाद केंद्रीय मंत्री ने उन्हें इस मामले की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस की एक टीम ने महिला पत्रकार नीशू को पूछताछ करने बाद सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार महिला पत्रकार ने 4 अन्य बड़े नेताओं को ब्लैकमेल कर लाखों रुपए वसूलने की बात स्वीकार की है। जिसके बारे में पुलिस सबूत जुटा रही है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा को ब्लैकमेल करने के प्रयास के मामले में लोकल न्यूज चैनल प्रतिनिधि टीवी के एडिटर इन चीफ आलोक कुमार समेत महिला पत्रकार और अन्य 4 लोगों की भूमिका रही है। इनकी मीटिंग कराने और ब्लैकमेलिंग करने के मामले में नोएडा की जानी-मानी व निठारी कांड पीडि़तों की मदद करने वाली एक समाजसेविका भी शक के घेरे में हैं। इनसे पुलिस अभी पूछताछ कर रही है। एसएसपी वैभव कृष्ण का कहना है कि अगर समाजसेविका के खिलाफ कोई सबूत मिला तब उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसएसपी ने बताया कि रंगदारी मांगने के मामले में नोटबंदी के बाद काफी उतार-चढ़ाव आए लोकल न्यूज चैनल प्रतिनिधि टीवी के एडिटर इन चीफ आलोक कुमार व उसके साथियों की तलाश की जा रही है जबकि महिला पत्रकार 22 वर्षीय नीशू को गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी ने बताया कि चैनल को आर्थिक मदद की जरूरत थी जिसके लिए इससे जुड़े लोग कई लोगों को टारगेट बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते हुए रंगदारी मांग रहे थे।

इस मामले में जिस वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल किया जा रहा था उसे महिला पत्रकार नीशू अपने टैब में लेकर डॉ. महेश शर्मा से मिलने पहुंची थी। इस वीडियो को लेकर पुलिस ने जांच की। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि यह 20 मिनट का वीडियो है। डा. महेश शर्मैा ने बताया कि संभवत: 24 या 25 मार्च को वीडियो बनाया गया था। इसमें चुनाव प्रचार के लिए वाहनों के इंतजाम करने के साथ वोट दिलाने की बात कही गई है। जिसे लेकर एक बार केंद्रीय मंत्री ने कोडवर्ड में बात करने का जिक्र किया है।

ऐसे में आशंका है कि इसी कोडवर्ड की बात को लेकर आरोपी ब्लैकमेल करने की फिराक में थे। जिसकी पूरी तरह से जांच कराई जा रही है। एसएसपी ने साफ कहा कि वीडियो में किसी भी तरह का कोई आपत्तिजनक मामला नहीं है।

देखें संबंधित वीडियो… नीचे क्लिक करें….

Video

Local News Community
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन