योगीराज में कोरोनाकाल में दवाओं के नाम पर खूब लूटपाट हुई है!

मनीष श्रीवास्तव-

लखनऊ के अखबार सन्देशवाहक में आज प्रकाशित मेरे खुलासे पर गौर फरमाइए…

योगी सरकार के सत्ता में आते ही तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने स्वास्थ्य भवन के पहले निरीक्षण में कहा था कि ड्रग माफिया का सिंडिकेट तोड़ेंगे। स्वास्थ्य विभाग की सीएमएसडी को खत्म करके यूपी मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन गठित किया गया। चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा स्वास्थ्य का उपकरणों- दवाओं का बजट खर्च करने की जिम्मेदारी कारपोरेशन के हवाले की गई।

लेकिन पहले से जारी ड्रग माफिया का नेक्सस आज तक नहीं टूटा। इसका नजारा कोरोनाकाल में दिखा।

मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन की दरियादिली भ्रष्ट कम्पनियों पर खूब बरस रही है। इनके ऊपर कई सीनियर ब्यूरोक्रेट्स का हाथ है। इसी नेक्सस के खिलाफ इस खबर के जरिये चोट करना शुरू किया है।

कुछ साल पहले तक चन्द हजार पर नौकरी कर रहे चन्द व्यक्तियों को जब अफसरों-कर्मियों की शह मिली तो वो ड्रग माफिया बनकर अरबों में खेलने लगे। सुना है कई आईएएस पर्दे के पीछे से हिस्सेदार बना लिए गए।

कई बाबू भी इसी नेक्सस के सहारे करोड़ों के मालिक हो गए। प्रयास जारी है, खोजी पत्रकारिता के सहारे इस मजबूत नेक्सस की तह तक पहुंच सकूं।

देखें पूरी खबर-



 

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