मोदी रैली : दिल्ली में भाजपा को 22 से 24 सीटें मिल जाएं तो बहुत है

Anil Singh : झूठ में पीएचडी तुम्हारी तो नसीहत किसको! महामना मोदी जी ने रामलीला मैदान की रैली में कहा कि वे देश में पहली बार बिजली में सर्विस प्रोवाइडर चुनने का विकल्प देने जा रहे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री जी, यह सुविधा तो मुंबई में पिछले कई सालों से उपलब्ध हैं। खुद मैंने उसी फ्लैट में रहते हुए रिलायंस इंफ्रा को छोड़कर सवा साल पहले टाटा पावर की सेवा ली है। आपने कहा कि जनधन योजना में पहली बार गरीबों के बैंक खाते खोले गए। महोदय, आपको इतना तो पता ही होगा कि वर्तमान राष्ट्रपति और तब के वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने 10 फरवरी 2011 को स्वाभिमान योजना के तहत वित्तीय समावेशन कार्यक्रम की घोषणा की थी, जिसका नाम अब आपने बदलकर जनधन योजना कर दिया है।

स्वाभिमान योजना में 28 फरवरी 2014 तक करीब सात करोड़ बैंक खाते खोले जा चुके थे। आपने कहा कि पहले बार देश में ज़ीरो बैलेंस के बैंक खाते खोले गए। लेकिन नो-फ्रिए खातों का सिलसिला पिछले कम से कम चार सालों से चलता आ रहा है। महंगाई कम करने का श्रेय पेट्रोलियम की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के बजाय खुद लेकर आपकी पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने सरेआम झूठ बोला। इससे पहले पश्चिम बंगाल में उनका झूठ पकड़ा गया था तो उन्होंने कहा था कि वे तो जनभावना व्यक्त कर रहे थे।

महोदय, ऐसे में आपसे विनम्र निवेदन है कि ‘झूठ’ की बात उठाकर अपनी ही जड़ें न काटिए। नहीं तो एक दिन आपका कहा सच हो जाएगा कि जनता झूठ बोलनेवालों का समूल नाश कर देगी।वैसे, रामलीला मैदान की रैली की टीवी फीड भाजपा ने जिसको भी बनाने का जिम्मा दिया था, वह या तो विकल्पहीन था या बहुत शातिर। जैसे ही मोदी जी ने कहा कि ‘जो देश चाहता है, वही दिल्ली चाहता है’ वह फौरन कैमरा पैन करके वहां ले गया, जहां जमीन पर बिछा हरा जाजिम दूर-दूर तक खाली नजर आ रहा था। रैली की इस ‘सफलता’ को देखकर तो मुझे लग रहा है कि दिल्ली में भाजपा को 70 में से 22 से 24 सीटें मिल जाएं तो बहुत है। बाकी, अमित शाह जी, छत्तीस नहीं, छत्तीस सौ कलाओं में माहिर हैं। इन कलाओं के कमाल का अंदाज़ा मैं क्या, कोई नहीं लगा सकता।

मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार और अर्थ कॉम डॉट कॉम के संपादक अनिल सिंह के फेसबुक वॉल से.

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Comments on “मोदी रैली : दिल्ली में भाजपा को 22 से 24 सीटें मिल जाएं तो बहुत है

  • दुख इस बात का है देश के प्रधानमंत्री का भाषण दिल्ली के लिए दिशाहीन था । रामलीला मैदान की रैली से प्रधानमंत्री,केंद्रीय मंत्रियो, व् राज्यों के मुख्य मंत्रियो के साथ भाजपा दिल्ली प्रदेश की किरकिरी ही हुई है| अनिल सिंह जी ने एक एक शब्द सत्य लिखा है । ये हकीकत का आईना है जो सत्य भी है। …. चाहे बफोर्स का मामला हो या अंकल डंकल हो देश की जनता को हमेशा ही भर्मित किया है|

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  • ज़ी भाई अनिल ज़ी आप बिल्कुल ठीक कह रहे हैं सभी योजनायें पहले से ही हैं हम भी इन्कार नहीं कर रहे यही कमी है हम सभी कुछ पढ़े लिखे लोगों में कि हम ये समझते हैं कि ” योजनओं के हम जानते हैं तो सभी जानते हैं हम सुखी हैं तो सभी सुखी हैं ” आजादी के बाद से बहुत से ऐसी योजनाएं जिसके बारे में सभी के बारे में सभी लोग बामुश्किल जानते हों..आप को शायद ही पता हो कि एक छोटे से गाव में 66 केंद्र की योजनाएं दौड़ती हैं
    मुझे भी नहीं पता जब कि हम लोग भी गाव से ही आते हैं…! आप ने फ्री में खातों के बारे में आप का लेख फ़र्जी लग रहा है क्यों कि मैने किसी बैंक को जीरो पर खोलते नहीं देखा जब कि मेरी उम्र सैतीस साल की है….. रही किसी योजना के बारे में आप अधिकारी से चर्चा करेगे तो वह साफ़ साफ़ इन्कार कर देगा आप कुछ नहीं कर पाएगे..अगर कुछ करने की चाहत रखेगे या करेगे तो सिस्टम में फ़स के रह जायेगे…. ऐसे में अगर प्रधानमंत्री किसी योजना के बारे में बतायेगा तो जनता और अधिकारी उसे हाथों हाथ लेगे बैंको के दस करोड़ लगभग खाते इसका ताजातरीन उदाहरण है ..!

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  • इंसान says:

    प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी पर पत्रकारी भड़ास निकल गई हो तो अब थोड़ा धैर्य रखो| दिल्ली में बीजेपी जीतेगी|

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