मोदी राज का सच : कुछ भी विचित्र करके जनता को बस उसी में उलझाए रखो ताकि वह और कुछ सोच न सके!

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पंकज मिश्रा-

कुछ भी विचित्र करके जनता को उसी में उलझाए रखो बस ताकि वह और कुछ सोच न सके , सिर्फ compliance करने में ही हलकान रहे | खाता खोलो , kyc करवाओ , आधार कार्ड बनवाओ , फिर उसको इससे उससे लिंक करवाओ , toll के लिए चिप्पी लगवाओ , हाई सिक्योरिटी नम्बर लगवाओ , गाड़ी कबाड़ हो जाएगी , जल्दी चेंज करो , नोट बदलावाओ , कुत्ता बिल्ली रजिस्टर करवाओ , गाय को गौशाला पहुँचवाओ , दो पहिया चार पहिया का चालान भरते फ़िरो , बच्चे की फीस पैसा ट्रांसफर नही हुआ अटक गया तो बैंक दौड़ो क्योंकि online ही करना था , पेपर लीक होता और सबको रोता देखो ……आरोग्य APP नही डाउनलोड किया तो तनख्वाह नही मिलेगी … ज्यादा बोले तो जिंदगी में ” आज रात 8 बजे ” , हो जाएगा।

मतलब चैन सुकून से चार दिन गुजारना मुहाल है | कुछ दिन शांति से बीता नही कि राजाबाबू को चुन्ना काटने लगता है कि ये शांति से कैसे है , शांत माहौल रहेगा तो दुनिया जहान के बारे में सोचेगा , इन्हें सोचने मत दो , कुछ नही है , तो चलो जगह का नाम ही बदलो , अजान बन्द करवाओ , हलाल पर हल्ला करवाओ , खाने में थुकवाओ , आर्थिक बहिष्कार करो , इसकी उसकी फाइल बनाओ , स्टोरी बनाओ , जनसँख्या कानून लाओ , NRC करवाओ , नमाज पर नजर रखो , कुछ कुछ दिन पर चर्च चर्च खेलो।

समाज मे तनाव बना रहना चाहिए , पब्लिक कैसे परेशान हो ….अब क्या विचित्र करें , क्या करें …. ये पब्लिक दो दिन हो गया बेचैन नही हुई …. भाई चैन से जीने दो ….. हमको कुछ नही चाहिए , हम पूरा POLARIZE जो चुके है , COMPLIANCE करते करते PLIANT भी हो चुके है , प्लीज़ बख़्श दो …जिस तरह चाहे बजा लो आदमी नहीं हम झुनझुने हैं।


गिरधारी लाल गोयल-

अभी न्यूयार्क में बसे एक मित्र से बात हो रही थी। बोला, ‘काका सुबह ही सुबह ये क्या मनहूस खबर पढ़वा दी…’

उसको कसक है कि उसके पास 2000 के 8 नोट हैं जो कि बेकार ही हो गए. SBI की शाखा न्यूयार्क में है , वहां 16000 के लिए पैट्रोल और समय बर्वाद नहीं किया जा सकता. भारत भी अभी आना हो नहीं रहा.

ये भी कह रहा था कि यहां खबर आये ज्यादा समय हुआ नहीं है
लेकिन पूरे NRI समाज में इस कदम को लेकर बड़ा क्षोभ व्याप्त है. आखिर हर NRI ऐसा है जिस पर दस बीस हजार के नोट हैं
उनके तो सबके नोट बेकार ही हो गये ना.

कोई भी व्यक्ति बड़े से बड़ा घाटा मुनाफा झेल लेता , चोरी डकैती झेल लेता है , लेकिन जेब से गिरे सिक्के या नोट का नुकसान तो क्या, हाथ से गिरे मुगफली के दाने तक से आदमी परेशान हो जाता है. वाकई में NRI समाज की जेब से ये नोट मानो कहीं गिर पड़े हैं.


यशवंत सिंह-

गिन लिया। दो हज़ार के बारह नोट हैं मेरे पास। आधार और पैन की फोटो कॉपी करा रहा हूँ। सोमवार को जमा करने जाऊँगा। ये फेंकू हरामख़ोर बार बार लाइन में लगवाता है। बीजेपी वालों, अड़ानी-अंबानी सबका दो हज़ार पहले ही व्हाइट करा चुका होगा जैसे पिछली दफा नोटबंदी में किया था।

केजरीवाल सही कहता है। अपढ़ आदमी को देश चलाने का काम दे दोगे तो यही सब करेगा। ये चिरकुट आदमी मूलतः सैडिस्ट है। लोगों को परेशान करने में इसे मज़ा आता है। बड़े लोगों को जी भर फ़ायदा पहुँचाता है। इससे बड़ा चोर भारतीय राजनीति में अब तक कोई नहीं हुआ। अड़ानी वाले स्कैम में चाहें जिससे ये क्लीन चिट दिलवा ले, इसका घोटाला छिपने वाला नहीं है। पूरा पीएम केयर फण्ड अपने पूँजीपति मित्र को सौंप दिया।

यूपी में एक भी चोर अफ़सर और चोर नेता के यहाँ छापा नहीं पड़ा। जहां ग़ैर भाजपाई सरकारें हैं वहाँ एक एक ईंट उखड़वा रहा है केंद्रीय एजेंसीज से। इतना भेदभाव वाला कुंठित मानसिकता का आदमी भारतीय राजनीति ने कभी नहीं देखा।

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One comment on “मोदी राज का सच : कुछ भी विचित्र करके जनता को बस उसी में उलझाए रखो ताकि वह और कुछ सोच न सके!”

  • अतुल गोयल says:

    *माननीय प्रधानमंत्री जी ने सबको ऐसे ही बेवकूफ बनाया है अब कुढ़ते रहो अपने हुक्मरान पर*

    *सुना है बैंक में 2000/₹ के नोट जमा कराने से पहले _मोदिभग्तों ने चिपें निकाल ली हैं…_*
    *कहते हैं की*
    *_गाने भरवाने के काम_ आएगी*

    *_☺️हर हर मोदी _*

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